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शिवली कांड के बाद विकास दुबे को छोड़कर चली गई थी पत्नी

कुख्यात गैंगस्टर विकास दुबे (Vikas Dubey) की दूसरी पत्नी ऋचा ने साल 2015 में समाजवादी पार्टी की सदस्यता ली थी। सूत्रों के अनुसार, सदस्यता दिलाने में पार्टी की कानपुर ग्रामीण यूनिट के अध्यक्ष महेंद्र सिंह यादव, तत्कालीन MLA मुनींद्र भी शामिल थे।

नवभारत टाइम्स 9 Jul 2020, 4:45 am

हाइलाइट्स

  • कुख्यात गैंगस्टर विकास दुबे की पहली पत्नी की संदिग्ध अवस्था में हो गई थी मौत
  • विकास की दूसरी पत्नी ऋचा दुबे के भाई राजू खुल्लर को भी विकास ने मरवाने का प्रयास किया था
  • शिवली कांड के बाद ऋचा बिकरू गांव छोड़कर कानपुर की एक कॉलोनी में रहने लगी
  • दावा है कि 20 हजार रुपये में ऋचा दुबे ने साल 2015 में समाजवादी पार्टी की सदस्यता ली थी
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नवभारतटाइम्स.कॉम vikas dubey wife richa dubey
विकास की दूसरी पत्नी ऋचा दुबे
कानपुर
शातिर अपराधी विकास दुबे से बिकरू और आसपास के गांवों के लोग जितने त्रस्त थे, उतने ही खौफ में उसका परिवार भी रहता था। बताते हैं कि साल 2001 में शिवली थाने में दर्जा प्राप्त राज्यमंत्री की हत्या के बाद उसकी पत्नी ऋचा उर्फ सोनू उसे छोड़कर चली गई थी। कुछ समय बाद ऋचा लौटी जरूर, लेकिन वह लखनऊ में रहने लगी। ऋचा के भाई राजू खुल्लर को भी विकास ने मरवाने का प्रयास किया था।
जानकारों के अनुसार, विकास दुबे की पहली पत्नी से कोई बच्चे नहीं थे। कथित तौर पर संदिग्ध हालात में उसकी मौत हो गई थी। इसके बाद विकास की नजर साथी बदमाश राजू खुल्लर की बहन ऋचा पर पड़ी।

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शिवली कांड के बाद विकास को छोड़ कर चली गई
पहले राजू ने इसका विरोध किया, लेकिन बाद में वह मान गया और ऋचा ने विकास से शादी कर ली। इसके कुछ समय बाद विकास ने शिवली कांड कर दिया। इससे सन्न ऋचा बिकरू गांव छोड़कर कानपुर शहर की शास्त्री नगर कॉलोनी में रहने लगी।


ऋचा ने भाई के नाम कर दी थी संपत्ति
विकास दुबे ने जो प्रॉपर्टी ऋचा के नाम की थी, उसे ऋचा ने भाई राजू के नाम कर दिया। विकास को यह बात पता चली तो उसने राजू को मारने के लिए बदमाश पीछे लगा दिए। दबाव बढ़ा तो ऋचा लौट आई। राजू ने भी कानपुर छोड़ दिया। इसके बाद ऋचा कानपुर, लखनऊ समेत कई जगह रहती रही।

सपा में 2015 में गई थी ऋचा
ऋचा दुबे ने साल 2015 में समाजवादी पार्टी की सदस्यता ली थी। सूत्रों के अनुसार, सदस्यता दिलाने में समाजवादी पार्टी की कानपुर ग्रामीण यूनिट के अध्यक्ष महेंद्र सिंह यादव, तत्कालीन विधायक मुनींद्र शुक्ला और मंत्री अरुणा कोरी शामिल थीं। इसके लिए चौबेपुर क्षेत्र में ही बाकायदा एक बड़ा कार्यक्रम हुआ था। बुधवार को सदस्यता के कागज सामने आने पर सोशल मीडिया में हलचल रही।

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