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UP में योगी सरकार ने बदली 100 बाहुबलियों की जेल

उत्तर प्रदेश में अपराध पर लगाम कसने के लिए करीब 100 बाहुबली अपराधियों की जेलें बदली गई हैं। उन्हें अपने गृहनगर से काफी दूर दूसरी जेलों में भेजा गया है ताकि उनका स्थानीय क्राइम नेटवर्क तबाह किया जा सके...

PTI 2 May 2017, 8:13 pm
लखनऊ
नवभारतटाइम्स.कॉम yogi adityanath government shifts around 100 gangsters from various up jails to smash local crime network
UP में योगी सरकार ने बदली 100 बाहुबलियों की जेल

उत्तर प्रदेश में अपराध पर लगाम कसने के लिए करीब 100 बाहुबली अपराधियों की जेलें बदली गई हैं। उन्हें अपने गृहनगर से काफी दूर दूसरी जेलों में भेजा गया है ताकि उनका स्थानीय क्राइम नेटवर्क तबाह किया जा सके।

योगी सरकार में जिन बाहुबलियों की जेलें बदली गई हैं उनमें मुख्तार अंसारी, मुन्ना बजरंगी, अतीक अहमद, शेखर तिवारी, मौलाना अनवरुल हक, मुकीम उर्फ काला, उदयभान सिंह उर्फ डॉक्टर, किरनपाल उर्फ टीटू, रॉकी उर्फ काकी और आलम सिंह जैसे अहम नाम शामिल हैं।

मुख्तार अंसारी को लखनऊ से बांदा जेल भेजा गया है। अतीक अहमद को नैनी सेंट्रल जेल से देवरिया, मुन्ना बजरंगी को झांसी जेल से पीलीभीत और शेखर तिवारी को बाराबंकी से महाराजगंज जेल शिफ्ट किया गया है।

प्रदेश के ADG (जेल) जी. एल. मीना ने बताया कि सलाखों के पीछे होते हुए भी इन अपराधियों के गैंग ने इलाके में हत्या, अपहरण, डकैती और वसूली करके इनके नाम का खौफ कायम कर रखा था।

मीना ने कहा कि अभी 100 लोगों की जेल बदली गई है और आगरा, बनारस और बरेली के मानसिक अस्पतालों में भर्ती कैदियों की भी जांच कराई जा रही है। अगर वे मानसिक रूप से फिट पाए जाते हैं तो उन्हें वापस जेल भेज दिया जाएगा।

ADG ने बताया कि इस बाबत जेल प्रशासन ने शनिवार को इन तीनों शहरों के अस्पतालों को लेटर भेजकर इन कैदियों की मानसिक स्थिति की रिपोर्ट भेजने का निर्देश दिया है। अब तक ऐसे 18 कैदियों की पहचान की जा चुकी है और इनको गिरफ्तारी वॉरंट जारी करने की प्रक्रिया भी शुरू हो चुकी है।

उन्होंने बताया कि जेल प्रशासन ने राज्य के विभिन्न अस्पतालों में भर्ती कैदियों की लिस्ट तैयार कर ली है। इन अस्पतालों के मेडिकल ऑफिसर्स से कैदियों की रिपोर्ट मांगी गई है। पकड़े जाने के डर से डॉक्टरों ने ऐसे कैदियों को डिस्चार्ज करना भी शुरू कर दिया है।

जेल प्रशासन को अक्सर खबरें मिलती रहती हैं कि इनके गैंग के सदस्य जेल में मिलते हैं और अपराधों की योजना बनाते हैं। सरप्राइज रेड्स के दौरान जेलों से मोबाइल फोन और सिमकार्ड भी मिलते हैं। जेल से किसी बाहुबली का एक फोन ही बिजनसमेन, कॉन्ट्रैक्टर्स और यहां तक कि सरकारी अधिकारियों को खौफजदा करने के लिए काफी है। जो उनकी बात नहीं मानते उन्हें धमकी मिलती है। उन पर हमले करवाए जाते हैं, यहां तक कि उनकी हत्या भी कर दी जाती है।

इन गैंगस्टर्स की जेल बदलने के पीछे मकसद उनका स्थानीय नेटवर्क तोड़ना है जो कि ये गैंगस्टर काफी लंबे समय तक एक जेल में रहकर स्थापित कर लेते हैं। राज्य में कानून-व्यवस्था को लेकर 30 मार्च को ली गई पहली बैठक में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने पुलिस और जेल अधिकारियों त्वरित ऐक्शन लेने के निर्देश दिए थे।

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