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बुश के पार्थिव शरीर को वाशिंगटन ले जाने के लिए एयरफोर्स वन विमान ह्यूस्टन पहुंचा

(सीमा हाखू काचरू) ह्यूस्टन, तीन दिसंबर (भाषा) अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप का एयरफोर्स वन विमान पूर्व राष्ट्रपति जार्ज एच डब्ल्यू बुश का पार्थिव शरीर वाशिंगटन ले जाने के लिए सोमवार को यहां पहुंचा जहां नेशनल कैथेड्रल में राजकीय सम्मान के साथ पूर्व राष्ट्रपति के अंतिम संस्कार संबंधी प्रार्थना सभा होगी। पूर्व राष्ट्रपति को ‘‘विशेष श्रद्धांजलि’’ देने के लिए इसे ’स्पेशल एयर मिशन 41’ नाम दिया गया है। अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति बुश का ह्यूस्टन में शुक्रवार को निधन हो गया था। वह 94 वर्ष के थे। बुश ने अमेरिका का नेतृत्व तब किया जब नाटकीय रूप से सोवियत

भाषा 3 Dec 2018, 7:50 pm
(सीमा हाखू काचरू) ह्यूस्टन, तीन दिसंबर (भाषा) अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप का एयरफोर्स वन विमान पूर्व राष्ट्रपति जार्ज एच डब्ल्यू बुश का पार्थिव शरीर वाशिंगटन ले जाने के लिए सोमवार को यहां पहुंचा जहां नेशनल कैथेड्रल में राजकीय सम्मान के साथ पूर्व राष्ट्रपति के अंतिम संस्कार संबंधी प्रार्थना सभा होगी। पूर्व राष्ट्रपति को ‘‘विशेष श्रद्धांजलि’’ देने के लिए इसे ’स्पेशल एयर मिशन 41’ नाम दिया गया है। अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति बुश का ह्यूस्टन में शुक्रवार को निधन हो गया था। वह 94 वर्ष के थे। बुश ने अमेरिका का नेतृत्व तब किया जब नाटकीय रूप से सोवियत संघ का विघटन हुआ था और वह कुवैत में अचानक हुए इराकी हमले की हार के सूत्रधार बने थे। अमेरिका के राष्ट्रपति ट्रंप ने शनिवार को कहा था कि एयरफोस वन विमान ह्यूस्टन से पूर्व राष्ट्रपति का पार्थिव शरीर लेकर वाशिंगटन आएगा। राष्ट्रपति ने इसे ‘‘बुश के लिए एक विशेष श्रद्धांजलि’’ करार दिया। ट्रंप ने बुधवार को राजकीय शोक की भी घोषणा की है। परंपरा के अनुसार विमान में जब अमेरिका के राष्ट्रपति सवार होते हैं तो उसे ‘एयरफोर्स वन’ कहा जाता है। विमान में अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप यात्रा नहीं कर रहे हैं इसलिए बुश को सम्मान देने के लिए इस विमान को ‘‘स्पेशल एयर मिशन 41’’ नाम दिया गया है। बुश परिवार के प्रवक्ता जिम मैकग्राथ ने ट्वीट किया, ‘‘एयर फोर्स वन ह्यूस्टन में पहुंच चुका है। कल और बुधवार को तकनीकी रूप से इसे ‘‘स्पेशल एयर मिशन 41’’ कहा जाएगा। टेक्सास में सुंदर दिन और असीम दृश्यता है।’’ मैकग्राथ ने बुश के कुत्ते सुल्ली की तस्वीर भी साझा की है जो उनके पार्थिव शरीर के सामने लेटा हुआ है। रविवार की रात से यह तस्वीर 14 हजार बार साझा की जा चुकी है। बुश अमेरिका के दूसरे ऐसे राष्ट्रपति हैं जिन्होंने अपने बेटे को भी देश का राष्ट्रपति बनते देखा है। बुश को वाशिंगटन और टेक्सास में चार दिनों तक प्रार्थना सभाओं और श्रद्धांजलि के साथ सम्मानित किया जाएगा। गुरुवार को उन्हें टेक्सास में दफनाया जाएगा। उम्मीद की जा रही है कि बुश के बेटे एवं अमेरिका के 43 वें राष्ट्रपति जॉर्ज डब्ल्यू बुश अन्य रिश्तेदारों के साथ इस विमान में यात्रा करेंगे। पूर्व राष्ट्रपति की अंत्येष्टि संबंधी दो प्रार्थना सभाएं होंगी। राजकीय सम्मान के साथ प्रार्थना सभा वाशिंगटन के नेशनल कैथेड्रल में होगी जबकि ह्यूस्टन के सेंट मार्टिन्स एपिस्कोपल चर्च में स्थानीय प्रार्थना सभा होगी। सोमवार के ‘आगमन’ समारोह के बाद उनका शव कैपिटोल रोटंडा में रखा जाएगा जहां सोमवार शाम से बुधवार की सुबह तक आम अवाम अपने पूर्व राष्ट्रपति का दर्शन कर उन्हें श्रद्धांजलि दे सकेंगे। बुश के कार्यालय ने बताया कि वाशिंगटन में बुधवार को नेशनल कैथेड्रल में राजकीय सम्मान के साथ अंतिम संस्कार संबंधी प्रार्थना सभा होगी। बुधवार दोपहर को दिवंगत पूर्व राष्ट्रपति के पार्थिव शरीर को वापस ह्यूस्टन लाया जाएगा। बुधवार शाम से बृहस्पतिवार सुबह छह बजे तक यहां उनका अंतिम दर्शन किया जा सकेगा। इसके बाद सेंट मार्टिन एपिस्कोपल चर्च में अंत्येष्टि की प्रार्थना सभा होगी। गुरूवार को बुश के पार्थिव शरीर को ट्रेन से टेक्सास स्थित कॉलेज स्टेशन ले जाया जाएगा । इस दौरान बुश परिवार के सदस्य और निकटतम दोस्त भी साथ होंगे। इसके बाद जार्ज बुश ड्राइव से शवयात्रा बुश लाइब्रेरी कांप्लेस की ओर चलेगी। व्हाइट हाउस के सूत्रों ने बताया कि राष्ट्रपति ट्रंप और प्रथम महिला मेलानिया बृहस्पतिवार को ह्यूस्टन में अंतिम संस्कार में शामिल होंगे। इसमें पूर्व राष्ट्रपति बराक ओबामा, बिल क्लिंटन और जिम्मी कार्टर के भी हिस्सा लेने की उम्मीद है। बुश को टेक्सास में उनकी पत्नी बारबरा और बेटी रॉबिन के नजदीक ही दफनाया जाएगा। राबिन का निधन 1953 में हो गया था। बुश पार्किंसन रोग से पीड़ित थे जिसके कारण हाल के वर्षों में उन्हें व्हीलचेयर का इस्तेमाल करने लिए मजबूर होना पड़ा। हाल के महीनो में गिरते स्वास्थ्य के कारण उन्हें अस्पताल आना जाना पड़ता था। एक शानदार लड़ाकू पायलट और सीआईए के प्रमुख बुश को आठ नवंबर 1988 को अमेरिका का राष्ट्रपति चुना गया था। उन्होंने 20 जनवरी 1989 को पद और गोपनीयता की शपथ ली थी। वह इस पद पर 20 जनवरी 1993 तक बने रहे थे।

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