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कोरोना वैक्‍सीन की पहली डोज के बाद नहीं बनी एंटीबॉडी, अदार पूनावाला, WHO और ICMR पर केस दर्ज

लखनऊ के एसीजीएम-5 मजिस्ट्रेट शांतनू त्यागी की अदालत में 156-3 के तहत धोखाधड़ी का मुकदमा सीरम कंपनी के मालिक अदार पूनावाला, ड्रग कंट्रोल डायरेक्टर, स्वास्थ सचिव, आईसीएमआर और डब्यूएचओ के खिलाफ दायर किया।

नवभारतटाइम्स.कॉम 12 Jun 2021, 11:34 pm

हाइलाइट्स

  • एक शख्‍स ने कोरोना वैक्‍सीन की पहली डोज लगवाने के बाद वैक्‍सीन बनाने वाली कंपनी के खिलाफ शिकायत की थी
  • आरोप है कि उसके शरीर में एक तो एंटीबॉडी नहीं बनी ऊपर से उसके प्‍लेटलेट्स कम हो गए
  • जिस पर अब कोर्ट ने ICMR, WHO के साथ राज्य और केंद्र के स्वास्थ्य अधिकारियों के खिलाफ केस दर्ज
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लखनऊ
लखनऊ में एक शख्‍स ने कोरोना वैक्‍सीन की पहली डोज लगवाने के बाद वैक्‍सीन बनाने वाली कंपनी सीरम के खिलाफ थाने में शिकायत की थी। जिसके बाद हड़कंप मच गया था। वहीं थाने में केस नहीं दर्ज होने पर शख्स ने कोर्ट का रुख किया था, अब कोर्ट ने मामला संज्ञान में लेते हुए 156-3 के तहत सीरम कंपनी के मालिक अदार पूनावाला, ड्रग कंट्रोल डायरेक्टर, स्वास्थ सचिव, ICMR और डब्ल्यूएचओ के खिलाफ धोखाधड़ी का मुकदमा दर्ज किया गया है।
8 अप्रैल को लगवाई थी कोविशील्ड की पहली डोज
पूरा मामला लखनऊ के कैंट थाना क्षेत्र का है। यहां के प्रतापचन्द्र नाम के शख्स ने शिकायत दर्ज कराई है कि 8 अप्रैल को उसने कोविशील्ड वैक्सीन की पहली डोज लगवाई थी। दूसरी डोज की तारीख 28 दिन बाद की थी, जो 6 हफ्ते और बढ़ा दी गई।

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25 मई को कराया एंटीबॉडी टेस्ट
प्रतापचन्द्र ने अपनी तहरीर में आईसीएमआर के डायरेक्टर के एक बयान का जिक्र करते हुए कहा कि कोविडशील्ड वैक्सीन के पहले डोज के बाद शरीर में अच्छे लेवल की एंटीबॉडी बन जाती है। लेकिन पहली डोज लगने के डेढ़ महीने बाद यानी बीते 25 मई को जब एक सरकारी मान्यता प्राप्त लैब में कोविड एंटी बॉडी का टेस्ट कराया गया तो 2 दिन बाद सामने आई रिपोर्ट में पता चला कि शरीर में एंटी बॉडी न बनने के साथ ही प्लेटलेट्स में भी 50% की कमी आ गई है।

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टेस्ट रिजल्ट में प्‍लेटलेट्स कम हो गई
शिकायत करने वाले का कहना है कि वैक्सीन लगवाने के बाद शरीर में तेजी से एंटी बॉडी बनने का दावा किया जा रहा था। लेकिन उसके शरीर में एंटी बॉडी तो नहीं ही बनी, साथ में प्लेटलेट्स भी गिर गईं। ऐसी स्थिति में संक्रमण का खतरा होने के साथ साथ मरीज की असमय मृत्यु होने की आशंका बढ़ जाती है।

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'किसी ने नहीं बताया वैक्सीन के बाद भी एंटीबोडी न बनने के बाद क्या होगा'
शिकायतर्ता प्रतापचन्द्र का कहना हे कि उनके साथ विश्वसनीय कंपनी, संस्था, पदाधिकारियों द्वारा की गई धोखाधड़ी है जिससे मेरी मृत्यु हो सकती है क्यूंकि अभी तक सरकार की जिम्मेदार संस्थाओं ने ये नहीं बताया है कि वैक्सीन के बाद भी एंटीबोडी न बनने के बाद क्या होगा। फिर वैक्सीन लगेगी, क्या हमेशा वो व्यक्ति घर में रहेगा, क्यूंकि अब खुद व समाज के लिए खतरा है।

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उदाहरण के जरिए बताया खतरे में है जिंदगी
प्रतापचन्द्र का कहना हे कि ये उस प्रकार से है कि मौके पर कार का एयरबैग का न खुलना या सब स्टैंडर्ड बुलेट प्रूफ पहनने के बाद खतरे में होना, या नकली दवा लेकर खतरे में रहना।

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