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बाबरी मस्जिद विध्वंस केस: सतीश प्रधान का बयान दर्ज, जानें केस की मुख्य बातें

महाराष्ट्र के ठाणे जिले से वीडियो कॉन्फ्रेंस के जरिए बयान दर्ज कराने वाले मामले के 31वें आरोपी प्रधान ने भी कहा कि उन्हें इस मामले में गलत तरीके से फंसाया गया है और वह निर्दोष हैं।

एजेंसियां 28 Jul 2020, 5:55 pm
लखनऊ
नवभारतटाइम्स.कॉम (फाइल फोटो)
(फाइल फोटो)

बाबरी मस्जिद विध्वंस मामले की सुनवाई कर रही विशेष सीबीआई अदालत ने मंगलवार को शिवसेना नेता सतीश प्रधान का बयान दर्ज किया। महाराष्ट्र के ठाणे जिले से वीडियो कॉन्फ्रेंस के जरिए बयान दर्ज कराने वाले मामले के 31वें आरोपी प्रधान ने भी कहा कि उन्हें इस मामले में गलत तरीके से फंसाया गया है और वह निर्दोष हैं। बता दें सतीश प्रधान बीते दिनों कोरोना वायरस से संक्रमित हो गए थे, अभी भी उनका इलाज चल रहा है। इसलिए वे महाराष्ट्र के पुणे से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए अपना बयान दर्ज कराया

विशेष न्यायाधीश एस. के. यादव ने अदालत में बयान दर्ज कराने से छूट गए मामले के 32वें अभियुक्त ओम प्रकाश पांडे की केस फाइल को अलग कर दिया। गौरतलब है कि पांडे इन दिनों लापता हैं। उनके परिवार ने सीबीआई को बताया है कि वह 15-16 साल पहले घर छोड़कर सन्यासी बन गए थे। अदालत उन्हें पहले ही भगोड़ा घोषित करके उनकी संपत्ति की कुर्की की कार्यवाही शुरु कर चुकी है।

अदालत ने सीबीआई की रिपोर्ट के आधार पर यह माना कि पांडे का ना तो पता लग रहा है और नाही निकट भविष्य में उनके बारे में जानकारी मिलने की कोई संभावना है। बहरहाल अदालत ने सीबीआई को निर्देश दिया है कि अगर पांडे पकड़े जाते हैं तो उन्हें अदालत में हाजिर किया जाए। अब पांडे को छोड़कर बाकी सभी 31 आरोपियों के बयान अपराध प्रक्रिया संहिता की धारा 313 के तहत दर्ज हो चुके हैं।

30 जुलाई तक पेश कर सकते हैं सूबूत
अदालत ने कहा कि अगर आरोपी अपने बचाव में कोई गवाह या अन्य साक्ष्य पेश करना चाहें तो 30 जुलाई को कर सकते हैं। विशेष अदालत ने मामले की सुनवाई आगामी 31 अगस्त तक मुकम्मल करने के उच्चतम न्यायालय के आदेश के अनुपालन में प्रकरण की रोजाना सुनवाई की है।

अब तक 31 आरोपियों के बयान दर्ज
इस दौरान अदालत में बाबरी मस्जिद विध्वंस के आरोपी पूर्व उप प्रधानमंत्री लालकृष्ण आडवाणी, पूर्व केंद्रीय मंत्री मुरली मनोहर जोशी, उमा भारती और मंदिर आंदोलन से जुड़े भाजपा नेता विनय कटियार समेत 31 आरोपियों के बयान दर्ज किए।

क्या है पूरा मामला?
अयोध्या की बाबरी मस्जिद को लेकर विवाद था। हिंदुवादी नेताओं का दावा था कि मस्जिद श्रीराम जन्मभूमि पर बने मंदिर को तोड़कर बनी है। मस्जिद को 1528 में बाबर के कमांडर मीर बाकी ने बनवाया था। इस पर हिंदू और मुस्लिम दोनों ही अपना दावा ठोकते थे। 1885 से ही यह मामला अदालत में था। 1990 के दशक में बीजेपी नेता लाल कृष्ण आडवाणी के नेतृत्व में राम मंदिर आंदोलन जोर पकड़ने लगा। 6 दिसंबर 1992 को उन्मादी भीड़ ने मस्जिद को तोड़ दिया। इस मामले में आडवाणी, जोशी समेत कई बीजेपी नेताओ पर भड़काऊ भाषण देने के आरोप में मुकदमा दर्ज है। बाद में इस मामले की जांच सीबीआई को सौंप दी गई।

49 आरोपियों में से 17 की हो चुकी है मौत
बाबरी मस्जिद विध्वंस कांड में कुल 49 लोगों को आरोपी बनाया गया। इनमें से बाला साहेब ठाकरे, अशोक सिंघल, गिरिराज किशोर, विष्णुहरी डालमिया समेत 17 आरोपियों की मौत हो चुकी है। इस तरह अब 32 आरोपी ही बचे हैं। आरोपियों में आडवाणी, जोशी, कटियार, उमा भारती, कल्याण सिंह के अलावा साध्वी ऋतंभरा, राम विलास वेदांती, साक्षी महाराज, वीएचपी लीडर चंपत राय, महंत नृत्य गोपाल दास और अन्य शामिल हैं।

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