ऐपशहर

नेवी के लिए भारत बना रहा नई हाईटेक क्रूज मिसाइल, जद में होगा पूरा पाकिस्‍तान

सूत्रों के मुताबिक नेवी ने इस तरह के मिसाइल की डिमांड की थी, इसके बाद अब डीआरडीओ इसे बना रहा है। अगले दो महीने में इस प्रॉजेक्‍ट को अनुमति मिल जाएगी और वर्ष 2023 के शुरू में इस मिसाइल का पहला ट्रायल हो सकता है।

नवभारतटाइम्स.कॉम 6 Feb 2020, 3:27 pm

हाइलाइट्स

  • चीन, पाक नौसेना की बढ़ती ताकत को देखते हुए भारत नौसेना के लिए नई क्रूज मिसाइल बना रहा
  • समुद्र से जमीन पर हमला करने में सक्षम क्रूज मिसाइल को ब्रह्मोस के लॉन्‍चर से दागा जा सकेगा
  • इस नई क्रूज मिसाइल की जद में पूरा पाकिस्‍तान और चीन के भारत से सटे प्रमुख इलाके आएंगे
सारी खबरें हाइलाइट्स में पढ़ने के लिए ऐप डाउनलोड करें
नवभारतटाइम्स.कॉम nirbhaya missile
सांकेतिक तस्‍वीर
लखनऊ
चीन और पाकिस्‍तान की नौसेना बढ़ती ताकत और समुद्री खतरे को देखते हुए भारत नौसेना के लिए एक नई हाईटेक क्रूज मिसाइल बना रहा है। करीब एक हजार किलोमीटर तक समुद्र से जमीन पर हमला करने में सक्षम इस क्रूज मिसाइल को ब्रह्मोस के लॉन्‍चर से दागा जा सकेगा। इस मिसाइल की जद में पूरा पाकिस्‍तान और चीन के भारत से सटे प्रमुख इलाके आएंगे। यह मिसाइल सबसोनिक स्‍पीड से उड़ान भरने में सक्षम है।
ओनमनोरमा की रिपोर्ट के मुताबिक ब्रह्मोस के लॉन्‍चर को अब तक 30 जंगी जहाजों में लगाया गया है और नयी मिसाइल को भी इससे दागा जा सकेगा। सूत्रों के मुताबिक नेवी ने इस तरह के मिसाइल की डिमांड की थी, इसके बाद अब डीआरडीओ इसे बना रहा है। अगले दो महीने में इस प्रॉजेक्‍ट को अनुमति मिल जाएगी और वर्ष 2023 के शुरू में इस मिसाइल का पहला ट्रायल हो सकता है।

हाईटेक मिसाइल के 20 परीक्षण किए जाएंगे

इस मिसाइल के विकास के काम को डीआरडीओ की बेंगलुरु स्थित लैब को दिया गया है। इसी लैब ने भारत की पहली सबसोनिक क्रूज मिसाइल निर्भय का विकास किया था। लखनऊ में आयोजित डिफेंस एक्‍सपो में रक्षा सूत्रों ने बताया कि इस हाईटेक मिसाइल के 20 परीक्षण किए जाएंगे और इसे पूरी तरह से स्‍वदेशी तकनीक से बनाया जाएगा। यह मिसाइल बहुत कम ऊंचाई पर उड़ते हुए दुश्‍मन पर वार करेगी।

बुधवार को डीआरडीओ के प्रदर्शनी स्‍थल पर पहुंचे नौसेना प्रमुख एडमिरल करमबीर सिंह ने इच्‍छा जताई कि इस नई मिसाइल को जल्‍द से जल्‍द टेस्‍ट करके नेवी में शामिल कर लिया जाए। सूत्रों के मुताबिक एकबार जब इस मिसाइल का ट्रायल पूरा हो जाएगा तो नेवी इसका ऑर्डर देगी। 200 मिसाइलों को खरीदने पर नेवी को करीब 5 हजार करोड़ रुपये खर्च करना होगा। यह मिसाइल शॉर्ट टर्बो फैन इंजन से चलेगी।

रेडार को चकमा देने में सक्षम होगी मिसाइल
इस मिसाइल में स्‍वदेश में निर्मित सीकर लगाया जाएगा। इस मिसाइल का एयर संस्‍करण और सबमरीन संस्‍करण भी बनाया जा रहा है। मिसाइल के सेवा में आ जाने के बाद नौसेना एक हजार किलोमीटर दूरी से दुश्‍मन पर हमला कर सकने में सक्षम हो जाएगी। चूंकि यह मिसाइल काफी कम ऊंचाई से उड़ेगी, इसलिए इसके रेडार की पकड़ में भी आने की संभावना कम रहेगी।

अगला लेख

Metroकी ताजा खबरें, ब्रेकिंग न्यूज, अनकही और सच्ची कहानियां, सिर्फ खबरें नहीं उसका विश्लेषण भी। इन सब की जानकारी, सबसे पहले और सबसे सटीक हिंदी में देश के सबसे लोकप्रिय, सबसे भरोसेमंद Hindi Newsडिजिटल प्लेटफ़ॉर्म नवभारत टाइम्स पर