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लखनऊ: खून की कमी से जूझ रहे शहर के अस्पताल

कोरोना के चलते उत्तर प्रदेश (Corona Uttar Pradesh) की राजधानी लखनऊ के ब्लड बैंकों (Lucknow Blood Bank) में ब्लड की कमी होने लगी है। कोरोना संकट के बीच डोनर कम आ रहे हैं। ऐसे में अगर ब्लड लगातार बांटा जाता रहा तो 10 दिन में ही समस्या खड़ी हो जाएगी।

नवभारत टाइम्स 14 Jun 2020, 9:55 am
लखनऊ
नवभारतटाइम्स.कॉम फाइल फोटो
फाइल फोटो

कोरोना का असर ब्लड बैंकों पर भी दिखने लगा है। अस्पतालों के सभी ब्लड बैंक में फ्रेश ब्लड नहीं हैं। पुराने स्टॉक भी खत्म होने की कगार पर हैं। वहीं, स्वैच्छिक रूप से ब्लड डोनेट करने वाले लोग कोरोना संक्रमण के डर से अस्पताल पहुंच रहे हैं न ही रक्तदान शिविर लग रहे हैं। ऐसे में लॉकडाउन खुलने के बाद बड़ी संख्या में मरीजों के ऑपरेशन हो रहे हैं, जिससे ब्लड बैंकों में खून की डिमांड और ज्यादा हो गई है।

केजीएमयू
ब्लड एवं ट्रांसफ्यूजन विभाग की हेड डॉ. तूलिका चंद्रा के मुताबिक, लॉकडाउन से राहत मिलने के बाद इमरजेंसी केस भी बढ़ गए हैं। इससे लोड भी बढ़ गया है। रोजाना करीब 200 यूनिट ब्लड की जरूरत है, लेकिन कोरोना संकट के बीच डोनर कम आ रहे हैं। मौजूदा समय में 600 से 700 यूनिट ब्लड ही स्टोर हैं। अगर डोनर नहीं आते हैं तो एक हफ्ते में समस्या हो जाएगी।

बलरामपुर अस्पताल
ब्लड बैंक प्रभारी डॉ. अरविंद प्रताप ने बताया कि अभी करीब 100 यूनिट ब्लड है। पहले 250 से अधिक ब्लड स्टोर रहता था। दो माह से कोई शिविर नहीं लगा है और रोजाना डिमांड बढ़ती जा रही है। बिना डोनर के अगर ब्लड देना शुरू कर दिया जाए तो 10 दिन में ही समस्या हो जाएगी।

लोहिया संस्थान
लोहिया संस्थान के ब्लड बैंक प्रभारी डॉ. विजय शर्मा के मुताबिक, लॉकडाउन के समय ब्लड बैंक में थोड़ी दिक्कत हुई थी, लेकिन हालात अब ठीक हैं। जरूरतमंद को ही बिना डोनर ब्लड देते हैं।

सिविल अस्पताल: ब्लड बैंक प्रभारी डॉ. अजय शंकर त्रिपाठी ने बताया कि पहले 250-300 यूनिट स्टोर रहता था। अभी 50 यूनिट तक ब्लड है। 'ओ', 'एबी' निगेटिव खून नहीं है। डोनर नहीं आएंगे तो बैंक बंद हो जाएगा।

राजाजीपुरम
राजाजीपुरम डी ब्लॉक में मारवाड़ी युवा मंच मुस्कान की ओर से शनिवार को सोशल डिस्टेंसिंग को ध्यान में रखकर रक्तदान शिविर लगाया गया। इस मौके पर मुस्कान लाठ, पलक अग्रवाल, राजेश लाठ, संजय बंसल, अंजू लाठ, अनन्या बंसल, शेखर चौधरी सहित डेढ़ दर्जन लोगों ने केजीएमयू के ट्रांसफ्यूजन मेडिसिन विभाग की मोबाइल ब्लड डोनर वैन में रक्तदान किया।

NBT नजरिया
लॉकडाउन के दौरान शहर के लोगों ने दिल खोलकर जरूरतमंदों की मदद की। अपने घरों को लौट रहे प्रवासियों की मदद के लिए भी लोग खूब आगे आए। यह जज्बा बरकरार रखते हुए रक्तदान के लिए भी आगे आना चाहिए। हां, इस दौरान अपनी सेहत का भी ध्यान रखते हुए सुरक्षा के जरूरी इंतजाम करने होंगे।

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