ऐपशहर

पीजीआई में ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन की सुविधा चार दिन से गड़बड़

पीजीआई में रोजाना करीब 700 नए मरीजों का रजिस्ट्रेशन होता है। इनमें करीब 100 मरीज ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन के बाद ओपीडी में आते हैं।

नवभारत टाइम्स 27 Mar 2019, 7:22 am
लखनऊ
नवभारतटाइम्स.कॉम pgi

पीजीआई में मरीजों के ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन की सुविधा चार दिन से गड़बड़ चल रही है। ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन करने वाले लोगों को पीजीआई का रेफेरेंस नंबर नहीं मिल रहा। ऐसे में ओपीडी में उनका पर्चा बनना नामुमकिन है। यह समस्या सामने आने के बाद पीजीआई के निदेशक ने बुधवार को सभी डॉक्टरों की आपातकालीन बैठक बुलाई है।

पीजीआई में ऑनलाइन रजिस्ट्रशन की सुविधा साल 2016 में शुरू हुई थी। पीजीआई पीआरओ आशुतोष सोती ने बताया कि ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन के दौरान मरीज को पीजीआई के सर्वर से रेफरेंस नंबर मिलता है। इसी रेफरेंस नंबर से मरीज को सीआर नंबर दिया जाता है, जिसके बाद ही मरीज ओपीडी में इलाज करवा सकता है, लेकिन गड़बड़ी के कारण लोगों को रेफरेंस नंबर ही नहीं मिल रहा।

मानकनगर की मोनिका मिश्रा ने 25 मार्च को पीजीआई के जेनेटिक विभाग के लिए ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन किया। इसके बाद वह करीब छह घंटे कोशिश करती रहीं, लेकिन रेफरेंस नंबर नहीं मिला। इस कारण उनका रजिस्ट्रेशन पूरा नहीं हो सका और ओपीडी में इलाज करवाने नहीं जा सकी। मोनिका की तरह चार दिन से कई मरीज ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन करवाने के लिए परेशान हो रहे हैं।

पीजीआई में रोजाना करीब 700 नए मरीजों का रजिस्ट्रेशन होता है। इनमें करीब 100 मरीज ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन के बाद ओपीडी में आते हैं। ऐसे में अनुमान है कि चार दिन से चल रही गड़बड़ी के कारण करीब 400 से 500 लोग परेशान हुए हैं।

छह इंजिनियर ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन में आ रही तकनीकी दिक्कत की जांच कर रही हैं। उम्मीद है कि दो दिन बाद यह सुविधा शुरू हो जाएगी। जरूरत पड़ी तो बाहर से भी इंजिनियर बुलाए जाएंगे।
प्रो. राकेश कपूर, निदेशक, पीजीआई

अगला लेख

Metroकी ताजा खबरें, ब्रेकिंग न्यूज, अनकही और सच्ची कहानियां, सिर्फ खबरें नहीं उसका विश्लेषण भी। इन सब की जानकारी, सबसे पहले और सबसे सटीक हिंदी में देश के सबसे लोकप्रिय, सबसे भरोसेमंद Hindi Newsडिजिटल प्लेटफ़ॉर्म नवभारत टाइम्स पर