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होटल के रूम में राहुल और नैंसी के बीच हुआ था संघर्ष!

होटल में राहुल चौधरी और उसकी गर्लफ्रेंड नैंसी के शव संदिग्ध हालत में मिले हैं। पुलिस का मानना है कि दोनों के बीच होटल के कमरे में हाथापाई हुई थी। दोनों के ही शरीर पर चोट के निशान हैं।

Authored byऋषि सेंगर | Navbharat Times 7 Aug 2020, 4:43 am
लखनऊ
नवभारतटाइम्स.कॉम nancy rahul

कृष्णानगर में होटल मोमेंट्स के एक कमरे में राहुल चौधरी और उसकी गर्लफ्रेंड के शव संदिग्ध हालात में गुरुवार दोपहर मिलने के मामले में पुलिस की छानबीन में दोनों के बीच संघर्ष की बात सामने आई है। पुलिस के मुताबिक होटल के सीसीटीवी कैमरों की फुटेज चेक की गई है। फुटेज में कोई भी बाहरी या संदिग्ध व्यक्ति राहुल और नैंसी के रूम में जाते नहीं दिखाई दिया है।

इसके चलते पुलिस और फरेंसिक टीम आशंका व्यक्ति कर रही है कि रूम में दोनों के बीच किसी बात को लेकर हुए विवाद में दोनों में हाथापाई हुई होगी। नैंसी की पीठ पर मौजूद बेल्ट के निशान से ऐसा लग रहा है कि उसे राहुल ने बेरहमी से पीटा होगा। पुलिस यह भी कयास लगा रही है कि नैंसी ने बचने का भी काफी प्रयास किया। क्योंकि राहुल के शरीर भी रगड़ और खरोंच के काफी निशान मौजूद थे।

प्रारंभिक जांच में पुलिस और फरेंसिक एक्सपर्ट यही कयास लगा रहे हैं कि नैंसी ने बचने के लिए अपने नाखूनों से राहुल को नोचा होगा। यही नहीं नैंसी के गले पर दबाव का निशान भी मौजूद था। यह निशान बेल्ट से गला दबाने पर ही बना होगा। पुलिस ने यह भी बताया कि कमरे के अंदर का सामान बिखरा हुआ था।

ऐसा लग रहा था कि झगड़े के दौरान उठाकर फेंका गया है। हैरत की बात यह है कि राहुल और नैंसी के बीच संघर्ष हुआ तो होटल स्टाफ को कोई आवाज क्यों नहीं सुनाई दी। पुलिस इस बिन्दु पर भी छानबीन करेगी कि दोनों के बीच संघर्ष की आवाज होटल स्टाफ को सुनाई दी थी या नहीं। पुलिस टीम होटल स्टाफ से पूछताछ कर रही है।

दोनों कई बार जा चुके थे होटल में
होटल प्रशासन पर सवाल खड़े हो रहे हैं कि राहुल चौधरी कृष्णानगर और नैंसी सरोजनीनगर के थे, इसके बावजूद उन्हें बिना किसी पूछताछ के ऐसे ही रूम दे दिए गए। राहुल का घर तो होटल से पांच किलोमीटर की दूरी पर ही था। ऐसे में रूम लेने का कारण पूछा जाना चाहिए था। होटल प्रशासन को तर्क है कि दोनों बालिग थे। राहुल चौधरी और नैंसी अक्सर होटल जाते थे। दोनों की छवि काफी साफ-सुथरी थी। रेगुलर कस्टमर होने के कारण उन लोगों से अधिक पूछताछ नहीं की जाती थी, इस लिए उन दोनों को रूम दे दिया था।
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ऋषि सेंगर

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