ऐपशहर

UPSC Result 2020: बधाइयां... लखनऊ के विधू शेखर की यूपीएससी में 54वी रैंक, शिवाक्षी दीक्षित को मिली 64वीं रैंक

लखनऊ के विधू शेखर और शिवाक्षी दीक्षित ने सिव‍िल सेवा परीक्षा 2020 में सफलता हासिल की है। विधू शेखर और शिवाक्षी दोनों ने ही लामार्टिनियर कॉलेज से इंटर तक की पढ़ाई की है।

Edited byआलोक भदौरिया | नवभारत टाइम्स 25 Sep 2021, 9:50 am

हाइलाइट्स

  • संघ लोक सेवा आयोग की सिविल सेवा परीक्षा 2020 में शहर के मेधावियों ने एक बार फिर जगह बनाई है
  • लखनऊ के विधू शेखर ने जहां 54 वीं रैंक हासिल की है तो शिवाक्षी दीक्षित ने 64वीं रैंक पाने में कामयाबी हासिल की है
  • बाराबंकी के रहने वाले आदर्श शुक्‍ला ने आईपीएस कैडर में देश में 149वीं रैंक हासिल की है
सारी खबरें हाइलाइट्स में पढ़ने के लिए ऐप डाउनलोड करें
लखनऊ
संघ लोक सेवा आयोग (यूपीएससी) की सिविल सेवा परीक्षा 2020 में शहर के मेधावियों ने एक बार फिर जगह बनाई है। लखनऊ के विधू शेखर ने जहां 54 वीं रैंक हासिल की है तो शिवाक्षी दीक्षित ने 64वीं रैंक पाने में कामयाबी हासिल की है।
विधू ने बताया कि इस परीक्षा की तैयारियों को लेकर हार नहीं माननी चाहिए, मेहनत करना हमारा काम है, बाकी किस्मत पर छोड़ देना चाहिए। मैंने इंटर तक कि शिक्षा लामार्टिनियर कॉलेज से की है। इसके पूर्व 2018 में भी मेरा सेलेक्शन भारतीय राजस्व सेवा (इनकम टैक्स) के लिए हुआ था। तब आल इंडिया रैंक 173 थी। उसके बाद 2019 के एग्जाम में भी सेलेक्शन हुआ था तब आल इंडिया रैंक 191 रही।

वर्तमान में विधु नागपुर में नेशनल अकादमी ऑफ डायरेक्ट टैक्सेस में ट्रेनिंग कर रहे हैं। विधु ने इंडियन इंस्टिट्यूट ऑफ इन्फर्मेशन टेक्नॉलजी, इलाहाबाद से आईटी में बीटेक किया है। आईआईआईटी इलाहाबाद से कैंपस प्लेसमेंट के जरिए एक साल इंजिनियर के पद पर काम करने के बाद वह त्यागपत्र देकर सिविल सर्विसेज की तैयारी में जुट गए। उनका कहना है कि 54वीं रैंक आने से उनका सिलेक्शन आईएएस में होना पक्का है। गौरतलब है कि विधु डॉ शकुंतला मिश्रा राष्ट्रीय पुनर्वास विश्वविद्यालय के पूर्व कुलपति व लखनऊ विश्वविद्यालय के प्रो. निशीथ राय के पुत्र हैं।

माता-पिता से मिली प्रेरणा
लखनऊ की ही रहने वाली शिवाक्षी दीक्षित ने 64वीं रैंक हासिल की है। उनके पिता कृष्ण कांत दीक्षित ग्रामीण बैंक में मैनेजर हैं। माता वीना दीक्षित भी शिक्षक हैं। आईएएस बनने का पूरा श्रेय शिवाक्षी अपने माता-पिता को देती हैं। उन्होंने इंटर तक अपनी पढ़ाई लामार्टिनियर कॉलेज से पूरी करने के बाद बीकॉम दिल्ली विश्वविद्यालय से किया है। अभी वह इसी विश्वविद्यालय से एमकॉम कर रही हैं। आईएएस में सफलता से पहले वह यूपी पीसीएस में दूसरी रैंक हासिल की है।

बाराबंकी के आदर्श को मिली 149वीं रैंक
सिविल सर्विसेज में जाना है तो जरूरी नहीं कि आप दिल्ली जाकर तैयारी करें और महंगी कोचिंग में पढ़ें। एकाग्रचित होकर घर में ही पढ़ाई करके भी सफलता पाई जा सकती है। यह कहना है बाराबंकी के रहने वाले आदर्श शुक्‍ला का। उन्‍होंने यूपीएससी के शुक्रवार को आए परिणाम में आईपीएस कैडर में देश में 149वीं रैंक हासिल की है।

बाराबंकी के मयूर विहार कॉलोनी निवासी आदर्श ने 21 साल की उम्र और पहले ही प्रयास में सफलता पाई है। उन्‍होंने नगर के श्रीसाईं इंटर कॉलेज लखपेड़ाबाग से हाईस्कूल की परीक्षा साल 2013 में पास की और प्रदेश में छठा स्थान हासिल किया। इसके बाद 2015 में इंटर की परीक्षा भी अच्छे अंकों से पास की। बीएससी से स्नातक करके घर पर ही पढ़ाई कर सिविल सर्विसेज की तैयारी शुरू की।

कोई कोचिंग नहीं ली आदर्श ने बताया कि उन्होंने हार्डवर्क और रेगुलर सीरिज से टेस्ट करके खुद का मापा और परीक्षा दी। इसके लिए न तो उन्होंने कोचिंग का सहारा लिया और न ही बड़े शहरों का रुख किया। उन्होंने बताया कि मां गीता शुक्ला और पिता राधाकांत से हमेशा ही उनको सिविल सर्विसेज में जाने की प्रेरणा मिली और उन्होंने उसे पूरा करने पर अपना ध्यान केंद्रित किया। आदर्श ने बताया कि उनकी बड़ी बहन स्नेहा शुक्ला पीसीएस जे की तैयारी कर रही है।
लेखक के बारे में
आलोक भदौरिया
आलोक भदौरिया असिस्टेंट न्यूज़ एडिटर हैं। 2008 से टाइम्‍स ग्रुप के सदस्य रहे हैं। पहले नवभारत टाइम्‍स प्रिंट दिल्‍ली में अब एनबीटी ऑन लाइन के साथ लखनऊ में।... और पढ़ें

अगला लेख

Metroकी ताजा खबरें, ब्रेकिंग न्यूज, अनकही और सच्ची कहानियां, सिर्फ खबरें नहीं उसका विश्लेषण भी। इन सब की जानकारी, सबसे पहले और सबसे सटीक हिंदी में देश के सबसे लोकप्रिय, सबसे भरोसेमंद Hindi Newsडिजिटल प्लेटफ़ॉर्म नवभारत टाइम्स पर