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योगी सरकार के 3 साल, कुछ ऐसा है 'रिपोर्ट कार्ड'

उत्तर प्रदेश की योगी सरकार के तीन साल 19 मार्च को पूरे हो रहे हैं। ऐसे में बीजेपी समेत यूपी की योगी सरकार अपना रिपोर्ट कार्ड तैयार करने में जुटी है। आइए, कुछ खास पॉइंट्स पर नजर डालते हैं।

नवभारतटाइम्स.कॉम 18 Mar 2020, 11:26 am
19 मार्च को उत्तर प्रदेश की योगी आदित्यनाथ सरकार के सत्ता पर काबिज होने के तीन साल पूरे हो रहे हैं। इन तीन वर्षों में कई अपराधियों के एनकाउंटर भी हुए तो बड़ी घटनाओं ने योगी सरकार के होश भी उड़ाकर रख दिए। अलग-अलग मोर्चों पर योगी सरकार कितनी फेल और कितनी पास रही है, आइए देखते हैं यूपी की योगी सरकार का रिपोर्ट कार्ड...
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योगी सरकार के 3 साल, कुछ ऐसा है 'रिपोर्ट कार्ड'


कभी निशाने पर तो कभी मिली वाहवाही

उत्तर प्रदेश की योगी आदित्यनाथ सरकार ने इन तीन वर्षों में कभी वाहवाही बटोरी तो कभी विभिन्न मामलों के चलते निशाने पर भी आई।

गैस कनेक्शन और आवासों का वितरण

उत्तर प्रदेश की योगी सरकार का दावा है कि उसने प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना के तहत अबतक प्रदेश में 1 करोड़ 47 लाख निशुल्क गैस कनेक्शन वितरित किए हैं। इसके साथ ही प्रधानमंत्री आवास योजना में कमजोर और गरीब लोगों को ग्रामीण क्षेत्रों में 3 करोड़ आवास और नगरीय क्षेत्रों में 30 लाख से अधिक आवास निर्मित/ स्वीकृत किए जा चुके हैं।

कोरोना पर 'जेल मंत्र', योगी सरकार की वाहवाही

योगी सरकार के कुछ फैसलों की वजह से उसकी तारीफ भी हुई। जैसे कि कोरोना वायरस की रोकथाम के लिए किए जा रहे प्रयासों में अड़ंगा डालने पर जेल की सजा। इस निर्णय के बाद लोगों ने कहा...वाह योगी जी वाह।

इन मामलों से हाशिए पर गई योगी सरकार

प्रदेश में बढ़ते अपराधों ने सरकार को अलग-अलग मौकों पर विपक्ष के निशाने पर ला दिया। फिर चाहे वह पूर्व में बीजेपी में रहे कुलदीप सिंह सेंगर का मामला हो या उन्नाव में ही गैंगरेप के बाद जिंदा जलाने की घटना। लखनऊ में ही कमलेश तिवारी हत्याकांड, विवेक तिवारी हत्याकांड, गौरव चंदेल मर्डर केस ने भी योगी सरकार को हाशिए पर धकेल दिया। प्रशासन ने कार्रवाई करते हुए इस मामले के आरोपियों को गिरफ्तार किया। अब प्रदेश की योगी सरकार लखनऊ और नोएडा में कमिश्नरी सिस्टम लागू कर सख्त प्रशासनिक व्यवस्था का गुणगान भी कर रही है।

CAA हिंसा से मुस्तैदी पर सवाल

नागरिकता संशोधन कानून (CAA) के खिलाफ हुए प्रदर्शनों में लखनऊ में जमकर उपद्रव हुआ। इस दौरान सवाल प्रशासनिक व्यवस्था की मुस्तैदी पर भी खड़ा हुआ।

आपराधिक आंकड़ों पर क्या कहती है योगी सरकार?

योगी सरकार का दावा है कि माननीय हाई कोर्ट, पंजाब ऐंड हरियाणा की तरफ से उत्तर प्रदेश की बेहतर कानून-व्यवस्था का विशेष उल्लेख किया गया। सरकार का कहना है कि कानून-व्यवस्था पर जीरो टॉलरेंस की नीति का परिणाम है कि संगठित अपराध पर 2016 की तुलना में 2019 में प्रभावी अंकुश लगा है। वर्ष 2016 में जहां डकैती के 263 मामले दर्ज हुए थे। वहीं वर्ष 2019 में 106 मामले दर्ज हुए। वर्ष 2016 में जहां लूट के 4418 मामले दर्ज हुए थे। वहीं वर्ष 2019 में 2179 मामले दर्ज हुए।

जानें, योगी सरकार का यह रेकॉर्ड

वर्ष 2016 में हत्या के 4679 मामले दर्ज हुए थे लेकिन वर्ष 2019 में 3663 मामले दर्ज हुए। वर्ष 2016 में जहां बलवा के 7707 मामले दर्ज हुए थे। वहीं वर्ष 2019 में 5611 मामले दर्ज हुए। वर्ष 2016 में फिरौती के लिए अपहरण के 53 मामले दर्ज हुए थे। दूसरी तरफ वर्ष 2019 में 33 मामले दर्ज हुए। साल 2016 में जहां बलात्कार के 3481 मामले दर्ज हुए थे लेकिन वर्ष 2019 में 2858 मामले दर्ज हुए।

मंत्री की 'दबंगई', निशाने पर सरकार

उत्तर प्रदेश की योगी सरकार में मंत्री स्वाति सिंह ने पार्टी के लिए तब मुश्किलें बढ़ा दीं जब उनकी एक ऑडियो क्लिप सोशल मीडिया पर वायरल हो गई। इस क्लिप में वह लखनऊ कैंट की सीओ बीनू सिंह को एक मामले में फटकार लगाती हुई सुनाई दे रही थीं। ऑडियो क्लिप सामने आने के बाद मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने स्वाति सिंह की क्लास भी लगाई थी।

लखनऊ में डिफेंस एक्सपो

उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में डिफेंस एक्सपो 2020 का आयोजन किया गया। प्रदेश की योगी सरकार के मुताबिक, 71 एमओयू, 13 प्रॉडक्ट्स की लॉन्चिंग, 18 तकनीक अंतरण समझौते, 6 महत्वपूर्ण घोषणाओं सहित 100 से अधिक करार हुए हैं। यूपीडा द्वारा उत्तर प्रदेश डिफेंस इंडस्ट्रियल कॉरिडोर में निवेश के लिए विभिन्न उद्यमों के साथ 23 एमओयू साइन किये गए हैं। इससे 50 हजार करोड़ रुपये का निवेश होगा और 5 लाख से अधिक रोजगार के अवसर सृजित होंगे। डिफेंस एक्सपो 2020 के दौरान 200 से ज्यादा एमओयू साइन किए गए हैं।

किसानों को भेजी 'खुशी'

किसानों को लेकर प्रदेश की योगी सरकार का दावा है कि अन्नदाताओं की आय को दोगुना करने के लिए तकनीकी में बढ़ावा देने का काम किया जा रहा है। सरकार ने पहली कैबिनेट में ही निर्णय लेकर 86 लाख से अधिक लघु एवं सीमांत किसानों का 36 हजार करोड़ रुपये का ऋण माफ कर दिया। इसके साथ ही सभी किसानों को प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना का लाभ देते हुए अब तक 2 करोड़ 4 लाख किसानों के खाते में कुल 11,718 करोड़ रुपये भेजे जा चुके हैं।

स्वास्थ्य के क्षेत्र में कितना काम?

प्रदेश सरकार का दावा है कि उसने तीन वर्षों में प्रदेश की स्वास्थ्य व्यवस्था को सुधारने के लिए महत्वपूर्ण कदम उठाए हैं। आयुष्मान योजना में एक करोड़ 18 लाख गरीब परिवारों को 5 लाख रुपये का चिकित्सा बीमा कवर दिया गया है। 90 लाख 22 हजार 145 गोल्डन कार्ड्स बने हैं। गरीबों के निशुल्क इलाज के लिए मुख्यमंत्री स्वास्थ्य सुरक्षा कोष का गठन भी किया गया। 44 जनपदों में निशुल्क डायलिसिस की सुविधा उपलब्ध। 68 जनपद चिकित्सालयों में निशुल्क सीटी स्कैन की सुविधा उपलब्ध कराई गई है।

युवाओं के लिए योगी सरकार का क्या है दावा?

प्रदेश की योगी सरकार के मुताबिक, 2020-21 का बजट युवा शक्ति को समर्पित किया है। युवाओं को रोजगार से जोड़ने के लिए दो महत्वपूर्ण योजनाएं मुख्यमंत्री शिक्षुता (Apprenticeship) प्रोत्साहन योजना और युवा उद्यमिता विकास अभियान (YUVA) शुरू किया है।

3 साल में पर्यटन के लिए क्या रहा योगी का प्लान?

योगी सरकार का कहना है कि अयोध्या में दीपोत्सव, मथुरा में कृष्णोत्सव, वाराणसी में देव दीपावली तथा बरसाना में रंगोत्सव का आयोजन प्रत्येक वर्ष किया जा रहा है। वाराणसी में सांस्कृतिक केंद्र तथा पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी के जन्म स्थल बटेश्वर का विकास किया जा रहा है। अयोध्या में दीपोत्सव का भव्य आयोजन, लगातार दो वर्ष गिनीज बुक ऑफ वर्ल्ड में रेकॉर्ड बनाया गया। इसके साथ ही काशी विश्वनाथ कॉरिडोर के विकास के लिए 200 करोड़ रुपये का प्रावधान करने के साथ ही वाराणसी में क्रूज संचालन हेतु 10.71 करोड़ रुपये की व्यवस्था की गई। रामायण सर्किट के अंतर्गत 69.45 करोड़ रुपये से चित्रकूट एवं श्रृंगवेरपुर का पर्यटन विकास किया जा रहा है।

महिलाओं और बेटियों के लिए क्या?

योगी सरकार का कहना है कि महिलाओं एवं बेटियों की सुरक्षा देने के लिए ऐंटी रोमियो स्क्वॉड का गठन किया गया। इस कार्रवाई के तहत प्रदेश भर में 3,431 मामले दर्ज किए गए हैं। मुख्यमंत्री कन्या सुमंगला योजना के तहत इस बार के बजट में इसके लिए 1200 करोड़ रुपये की व्यवस्था प्रस्तावित है। इसके तहत प्रदेश की बेटियों को 15 हजार रुपये दिए जाएंगे।

शिक्षा में कैसे रहे योगी के तीन साल?

उत्तर प्रदेश की योगी सरकार का यह भी दावा है कि उनकी गवर्नमेंट में शिक्षा की गुणवत्ता के लिए अहम कदम उठाए गए हैं। बेसिक शिक्षा में स्कूल चलो अभियान के तहत तीन सालों में 4 करोड़ 71 लाख से अधिक बच्चों का नामांकन किया गया। पहली बार सरकारी स्कूलों में स्वेटर, जूता-मोजे का वितरण किया गया।

कितना स्वच्छ हुआ यूपी?

दावों के मुताबिक, उत्तर प्रदेश के सभी 75 जनपद खुले में शौच मुक्त (ओडीएफ) घोषित किए गए हैं। प्रदेश सरकार ने 8 लाख 87 हजार 906 व्यक्तिगत घरेलू शौचालय निर्मित कराए हैं। 652 नगर निकाय खुले में शौच मुक्त (ओडीएफ) घोषित हुए हैं। इतना ही नहीं, स्मार्ट सिटी योजना के अंतर्गत लखनऊ, कानपुर, प्रयागराज, वाराणसी, आगरा, सहारनपुर, बरेली, झांसी, मुरादाबाद, अलीगढ़ में 20 हजार करोड़ रुपये की परियोजनाओं को शुरू किया गया है।

इंफ्रास्ट्रक्चर पर कितना काम?

प्रदेश के पूर्वी क्षेत्र के विकास के लिए लगभग 341 किलोमीटर लंबे 6 लेन चौड़े पूर्वांचल एक्सप्रेस-वे का निर्माण चल रहा है। दीपावली 2020 तक इसका लोकार्पण किया जाएगा। पूर्वांचल एक्सप्रेस-वे को गोरखपुर से जोड़ने के लिए लगभग 92 किमी. लंबे गोरखपुर लिंक एक्सप्रेस-वे का निर्माण प्रगति पर है। बुंदेलखंड क्षेत्र के विकास के लिए 14 हजार 849 करोड़ रुपये से लगभग 297 किलोमीटर लंबे बुंदेलखंड एक्सप्रेस-वे का निर्माण काराया जा रहा है, जो इस क्षेत्र को आगरा-लखनऊ एक्सप्रेस-वे के माध्यम से दिल्ली से जोड़ेगा। वर्ष 2017 के पहले तक प्रदेश के सिर्फ दो शहर एयर कनेक्टिविटी से जुड़े थे। इस समय 12 नए एयरपोर्टस पर काम चल रहा है। नोएडा में एशिया के सबसे बड़े जेवर इंटरनैशनल ग्रीन फील्ड एयरपोर्ट पर तेजी के साथ काम चल रहा है।

इन जिलों को मिली मेट्रो की सौगात

योगी सरकार के दावे के मुताबिक, कानपुर, झांसी, वाराणसी, आगरा, प्रयागराज, गोरखपुर और मेरठ शहरों के लिए मेट्रो या रैपिड अर्बन ट्रांसपोर्ट कार्य योजना प्रगति पर है। लखनऊ मेट्रो रेल परियोजना के तहत 23 किलोमीटर कॉरिडोर (अमौसी से मुंशी पुलिया) पर संचालन शुरू हो चुका है। लखनऊ मेट्रो रेल परियोजना के फेज-1 बी की तैयारी शुरू हो गई है। इसमें चारबाग से बसंतकुंज तक मेट्रो चलेगी। कानपुर मेट्रो रेल परियोजना तेजी के साथ शुरू हुई है।

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