ऐपशहर

Azamgarh By Election: यादव खानदान पर फिर संकट के बादल? अखिलेश ने आजमगढ़ में क्‍यों नहीं किया चुनाव प्रचार

पार्टी के एक पदाधिकारी ने कहा, यह स्पष्ट संकेत है कि परिवार में सब कुछ ठीक नहीं है। इस साल की शुरुआत में अपर्णा यादव के बीजेपी में शामिल होने के बाद जो दरार आई थी, वह दिन पर दिन बढ़ती जा रही है। हैरानी की बात यह है कि सपा के वरिष्ठ नेता मोहम्मद आजम खान न केवल अपने निर्वाचन क्षेत्र रामपुर में जोरदार प्रचार कर रहे हैं बल्कि आजमगढ़ में धर्मेंद्र यादव के लिए प्रचार भी कर चुके हैं।

Edited byवैभव पांडे | आईएएनएस 21 Jun 2022, 4:28 pm
लखनऊ: उत्तर प्रदेश में यादव परिवार को अब भीतर से परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। सूत्रों की मानें तो परिवार में सब कुछ ठीक नहीं चल रहा है। यही वजह है कि समाजवादी मुखिया मुलायम सिंह यादव और सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव ने आजमगढ़ में उपचुनाव में प्रचार नहीं किया, जबकि दोनों ने पूर्व में इस सीट पर कब्जा जमाया है। अखिलेश के चचेरे भाई धर्मेंद्र यादव इस सीट से चुनाव लड़ रहे हैं और उन्हें बीजेपी के दिनेश लाल यादव निरहुआ और बसपा के गुड्डू जमाली चुनौती दे रहे हैं। मुकाबला आसान नहीं है और वोटों का मामूली विचलन भी परिणाम को प्रभावित कर सकता है।
नवभारतटाइम्स.कॉम a1
अखिलेश यादव


पार्टी के एक वरिष्ठ नेता ने नाम ना छापने की शर्त पर बताया, मुझे समझ नहीं आ रहा है कि अखिलेश ने 2019 में सीट जीतने के बावजूद आजमगढ़ में प्रचार क्यों नहीं किया। उन्हें प्रचार पर ध्यान देना चाहिए था क्योंकि यह उपचुनाव एक है जो हमारे लिए प्रतिष्ठा का मुद्दा है। पार्टी सूत्रों का कहना है कि अखिलेश के अपने पूर्व निर्वाचन क्षेत्र में प्रचार न करने का कोई वाजिब कारण नहीं है और वह भी तब जब उनके अपने चचेरे भाई उम्मीदवार हों। पार्टी के एक पदाधिकारी ने कहा, यह स्पष्ट संकेत है कि परिवार में सब कुछ ठीक नहीं है। इस साल की शुरुआत में अपर्णा यादव के बीजेपी में शामिल होने के बाद जो दरार आई थी, वह दिन पर दिन बढ़ती जा रही है।

परिवार को भी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है क्योंकि अखिलेश के चाचा शिवपाल यादव ने अब अपने भतीजे के खिलाफ बोलना शुरू कर दिया है और अपनी पार्टी (प्रगतिशील समाजवादी पार्टी लोहिया) को मजबूत करने के लिए दृढ़ है, जिसका अर्थ है कि वह जल्द से जल्द सपा से बाहर हो जाएंगे। मंगलवार को, जब पार्टी के अधिकांश लोगों को उम्मीद थी कि अखिलेश आजमगढ़ जाएंगे, क्योंकि यह प्रचार का आखिरी दिन है, सपा प्रमुख ने इसके बजाय कन्नौज जाना चुना।

हैरानी की बात यह है कि सपा के वरिष्ठ नेता मोहम्मद आजम खान न केवल अपने निर्वाचन क्षेत्र रामपुर में जोरदार प्रचार कर रहे हैं बल्कि आजमगढ़ में धर्मेंद्र यादव के लिए प्रचार भी कर चुके हैं। सूत्रों ने कहा कि आजम खान ने अपने स्वास्थ्य के मुद्दों को अलग रखा है और यह सुनिश्चित करने के लिए हर संभव प्रयास कर रहे हैं कि पार्टी रामपुर सीट बरकरार रखे, जो उनके लिए प्रतिष्ठा का विषय है। आजम खान के सहयोगी आसिम राजा रामपुर से पार्टी के उम्मीदवार हैं।
लेखक के बारे में
वैभव पांडे
नवभारत टाइम्‍स डिजिटल में असिस्‍टेंट न्‍यूज एडिटर। ग्रेजुएशन तक साइंस स्‍टूडेंट। इसके बाद मीडिया में पोस्‍ट ग्रेजुएशन की पढ़ाई। लखनऊ से पत्रकारिता का सफर शुरू हुआ जो वाया आगरा, दिल्‍ली-NCR फिर नवाबों के शहर आ पहुंचा है। लंबे समय तक दैनिक जागरण प्रिंट में काम किया। अब 'न्‍यू मीडिया' की बारीकियों को समझने का सिलसिला जारी है।... और पढ़ें

अगला लेख

Metroकी ताजा खबरें, ब्रेकिंग न्यूज, अनकही और सच्ची कहानियां, सिर्फ खबरें नहीं उसका विश्लेषण भी। इन सब की जानकारी, सबसे पहले और सबसे सटीक हिंदी में देश के सबसे लोकप्रिय, सबसे भरोसेमंद Hindi Newsडिजिटल प्लेटफ़ॉर्म नवभारत टाइम्स पर