ऐपशहर

BSP की सोशल इंजिनियरिंग भी फेल

बीएसपी ने 99 मुसलमान प्रत्याशियों को टिकट दिए थे लेकिन उनमें से पांच ही जीते। वहीं सबसे बड़ा ट्रंप कार्ड...

नवभारत टाइम्स 12 Mar 2017, 3:56 am

लखनऊ

नवभारतटाइम्स.कॉम bspamp39s social engineering failed
BSP की सोशल इंजिनियरिंग भी फेल


बीएसपी ने 99 मुसलमान प्रत्याशियों को टिकट दिए थे लेकिन उनमें से पांच ही जीते। वहीं सबसे बड़ा ट्रंप कार्ड माने जा रहे 114 सवर्ण प्रत्याशियों में से आठ सीट निकाल पाए। दलितों की पार्टी कही जाने वाली बीएसपी सुरक्षित सीटों पर ही सबसे ज्यादा फिसड्डी साबित हुई है। कुल 84 सुरक्षित सहित 87 दलित प्रत्याशियों में से एक ही जीत सका है। कुल 104 ओबीसी प्रत्याशियों में से महज पांच ही सीट निकाल पाए। इस तरह जातीय आधार पर की गई बीएसपी की सोशल इंजीनियरिंग पूरी तरह फेल हो गई।

बाहरी नहीं दिखा पाए असर

बीएसपी ने चुनाव शुरू होने के बाद बड़े नाम समझे जाने वाले बाहरियों को पार्टी में शामिल किया था। खासतौर से बाहुबली मुख्तार अंसारी की पार्टी कौमी एकता दल का विलय कराया और तीन टिकट दिए। इनमें से सिर्फ मुख्तार जीते। उनके भाई सिगबतुल्ला और बेटा अब्बास अंसारी चुनाव हार गए हैं। सपा सरकार के पूर्व मंत्री रहे अंबिका चौधरी और नारद राय भी बीएसपी के टिकट पर हार गए।

बड़े-बड़ों की सीट गई

अंबिका चौधरी, नारद राय, इंद्रजीत सरोज, ठाकुर जयवीर सिंह, विधान परिषद के पूर्व सभापति गणेश शंकर पांडेय और गयाचरण दिनकर।

इनकी बच गई सीट

प्रदेश अध्यक्ष राम अचल राजभर, सुखदेव राजभर, लालजी वर्मा, रामवीर उपाध्यायाय और श्याम सुंदर शर्मा अपनी सीट बचाने में कामयाब रहे हैं।

दो महिलाएं जीतीं

पार्टी से दो महिला प्रत्याशी जीती हैं। ये हैं जौनपुर की मुगरा विधान सभा सीट से सुषमा पटेल और आजमगढ़ की सगड़ी से विधान सभा सीट से वंदना सिंह।

अगला लेख

Metroकी ताजा खबरें, ब्रेकिंग न्यूज, अनकही और सच्ची कहानियां, सिर्फ खबरें नहीं उसका विश्लेषण भी। इन सब की जानकारी, सबसे पहले और सबसे सटीक हिंदी में देश के सबसे लोकप्रिय, सबसे भरोसेमंद Hindi Newsडिजिटल प्लेटफ़ॉर्म नवभारत टाइम्स पर