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केंद्रीय योजनाओं का पूरा पैसा हासिल करने में जुटी योगी सरकार

उत्तर प्रदेश को जितना फंड मिल सकता है, उसे पूरा जुटाया जाए और यह सुनिश्चित किया जाए कि केंद्र से मिलने वाला फंड राज्य में पूरा आए। पैसे बचाने के लिए राज्य की उन योजनाओं को बंद किया जाए, जो केंद्र की योजनाओं जैसी हैं। ये निर्देश योगी आदित्यनाथ सरकार ने अपने विभागों को दिए हैं।

इकनॉमिक टाइम्स 23 May 2017, 9:35 am
अमन शर्मा, नई दिल्ली
नवभारतटाइम्स.कॉम 1

उत्तर प्रदेश को जितना फंड मिल सकता है, उसे पूरा जुटाया जाए और यह सुनिश्चित किया जाए कि केंद्र से मिलने वाला फंड राज्य में पूरा आए। पैसे बचाने के लिए राज्य की उन योजनाओं को बंद किया जाए, जो केंद्र की योजनाओं जैसी हैं। ये निर्देश योगी आदित्यनाथ सरकार ने अपने विभागों को दिए हैं।

राज्य की नई सरकार जल्द अपना पहला बजट पेश करने जा रही है। इसकी तैयारी मे यूपी के फाइनैंस सेक्रटरी अनूप चंद्र पांडे ने सभी विभागों को छह सूत्री संदेश भेजा है। इसमें बताया गया है कि किस तरह से राज्य में फंड बढ़ाया जा सकता है और बचत की जा सकती है।

सरकार ने हाल में किसानों का 36,000 करोड़ रुपए का लोन माफ करने का ऐलान किया था। यूपी सरकार राज्य में सभी सड़कों की मरम्मत के लिए 15 जून तक लगभग 2,000 करोड़ रुपए खर्च करेगी। इन सबसे सरकारी खजाने पर दबाव बना है।

सभी विभागों के सचिवों से उन वजहों के बारे में पता लगाने के लिए कहा गया है, जिनके चलते 2016-17 के दौरान अखिलेश सरकार के कार्यकाल में कई केंद्रीय योजनाओं का पूरा फंड राज्य को नहीं मिल पाया। उनसे इनकी वजहों की जानकारी राज्य के वित्त विभाग को देने के लिए कहा गया है।

फाइनैंस सेक्रटरी ने 19 मई को जारी अपने लेटर में लिखा है, 'फाइनैंशल इयर 2017-18 के लिए सभी जरूरी यूटिलाइजेशन सर्टिफिकेट्स समय पर केंद्र को भेजे जाएं ताकि केंद्रीय योजनाओं के तहत मिलनेवाला फंड पूरा मिले।'

लेटर में यह लिखा गया था कि केंद्र जैसी ही योजनाएं राज्य में भी चल रही हैं। ऐसे में जहां तक मुमकिन हो, सिर्फ केंद्रीय योजनाओं को जारी रहने दिया जाए ताकि राज्य सरकार पर दबाव कम से कम पड़े।' ऐसे में पिछली सरकार की चलाई कई योजनाओं को यूपी के आगामी बजट में रद्द किया जा सकता है। इन योजनाओं में राज्य सरकार की आवास योजना और बीमा योजनाएं शामिल होंगी।

यूपी सरकार ने साफ कर दिया है कि केंद्रीय योजनाओं के सभी लाभार्थियों को उनका फायदा डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर के जरिए मिलेगा। वित्त सचिव ने कहा है कि बचत करने के लिए दूसरे तरीके भी अपनाए जाएंगे। जैसे, नई सरकारी इमारतें तभी बनाई जाएंगी, जब पुरानी इमारत का इस्तेमाल उसकी क्षमता तक पहुंच जाएगा।

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