ऐपशहर

जाकिर नाईक के साथी को मिली जमानत, ED को झटका

प्रवर्तन निदेशालय को बुधवार को जोरदार धक्का लगा, जब कोर्ट ने विवादास्पद इस्लामिक गुरु जाकिर नाईक...

नवभारत टाइम्स 13 Jul 2017, 1:18 am
मुंबई
नवभारतटाइम्स.कॉम zakir-naik

प्रवर्तन निदेशालय को बुधवार को जोरदार धक्का लगा, जब कोर्ट ने विवादास्पद इस्लामिक गुरु जाकिर नाईक के साथी आमीर गजदर को जमानत दे दी। उसे मनी लॉन्ड्रिंग के कथित केस में गिरफ्तार किया गया था। प्रिवेंशन ऑफ मनी लॉन्ड्रिंग ऐक्ट के विशेष जज ए.एन. सरसीकर ने गजदर को 5 लाख रुपये के बॉन्ड पर जमानत दी है। लेकिन जज ने कहा कि वह कोर्ट की अनुमति के बिना देश से बाहर नहीं जा सकेगा और पूछताछ में जांच एजेंसी का सहयोग करेगा।

उसे जमानत देने की पैरवी करते हुए गजदर के वकीलों तारक सईद और मुबीन सोलकर ने कहा कि इस मामले की जांच पूरी हो चुकी है और चार्ज शीट भी दायर हो चुकी है। वकीलों ने यह भी कहा कि गजदर को केवल मनी लॉन्ड्रिंग ऐक्ट में ही गिरफ्तार किया गया है, किसी अन्य कानून में नहीं। ईडी ने गजदर को इस साल फरवरी में अरेस्ट किया था। गौरतलब है कि नाईक ने भारत और अन्य देशों में कुछ ‘डमी’ कंपनियां खोल रखी थीं और उनमें अपनी गैर कानूनी गतिविधियों से कमाई धन राशि जमा करता था।

ऐसी करीब 6 कंपनियां थीं और जिनका डॉयरेक्टर गजदर को बनाया गया था। ऐसा माना जाता है कि गजदर नाईक का घनिष्ठ सहयोगी था। ईडी ने नाईक और अन्य के विरुद्ध पिछले साल दिसंबर में आपराधिक केस दर्ज किया था। इससे पहले राष्ट्रीय जांच एजेंसी ने उसे गैरकानूनी गतिविधियों(प्रिवेंशन) ऐक्ट के तहत आरोपी माना था।

एनआईए ने उसके विरुद्ध और उसके इस्लामिक रिसर्च फाउंडेशन के विरुद्ध मामला दायर किया हुआ है। यह मामला आईपीसी की धारा 153ए में दर्ज है, जिसका मतलब यह है कि उसे विभिन्न समूहों में धर्म के आधार पर वैमनस्य फैलाने का आरोपी माना गया है। ईडी ने नाईक को कई बार समन भेजा है, ताकि उससे पूछताछ की जा सके। लेकिन ऐसा कहा जाता है कि वह विदेश में छिपा हुआ है।

अगला लेख

Metroकी ताजा खबरें, ब्रेकिंग न्यूज, अनकही और सच्ची कहानियां, सिर्फ खबरें नहीं उसका विश्लेषण भी। इन सब की जानकारी, सबसे पहले और सबसे सटीक हिंदी में देश के सबसे लोकप्रिय, सबसे भरोसेमंद Hindi Newsडिजिटल प्लेटफ़ॉर्म नवभारत टाइम्स पर