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एक साल में 700 बच्चे मुंबई जाने के लिए घर से भागे

​​सपनों का शहर कहे जाने वाले मुंबई का आकर्षण सबको अपनी ओर खींचता है और कितने ही बच्चे नासमझी में इस शहर भाग आते हैं, इसके आंकड़े चौंकाने वाले हैं।

भाषा 12 Feb 2018, 11:06 am
मुंबई
नवभारतटाइम्स.कॉम सांकेतिक तस्वीर
सांकेतिक तस्वीर

सपनों का शहर कहे जाने वाले मुंबई का आकर्षण सबको अपनी ओर खींचता है और कितने ही बच्चे नासमझी में इस शहर भाग आते हैं, इसके आंकड़े चौंकाने वाले हैं। पिछले साल घर से भाग कर 700 से अधिक बच्चे मुंबई पहुंचे, जिनका सपना बॉलीवुड में जगह बनाना, या अपने पसंदीदा फिल्मस्टार से मिलना था। ये ऐसे बच्चे थे, जिन्हें मां-बाप ने डांटा था, या जो महानगर की चकाचौंध को देखने के ख्वाहिशमंद थे।

रेल सुरक्षा बल (आरपीएफ) द्वारा मुहैया किए गए आंकड़ों के हिसाब से साल 2017 में मुंबई और उसके उपनगरीय क्षेत्र के रेलवे स्टेशनों से 706 बच्चे पकड़े गए, जिनमें ज्यादातर अन्य राज्यों से थे। एक अधिकारी ने कहा, ‘पश्चिम उपनगरीय क्षेत्र से कुल 528 बच्चों जिनमें 360 लड़के और 168 लड़कियों को बचाया गया। मध्य उपनगरीय क्षेत्र में कुल 178 बच्चे जिनमें 115 लड़के और 63 लड़कियां है। उनमें अधिकांश बच्चे 13-18 साल के बीच के थे और उत्तर प्रदश, राजस्थान और गुजरात जैसे राज्यों से थे।

मुंबई सेंट्रल रेलवे स्टेशन पर सबसे ज्यादा 129 बच्चे मिले। शहर की ग्लैमरस जीवन शैली से आकर्षित होकर ये बच्चे अभिनेता या गायक बनने के लिए यहां ऑडिशन देने का मौका तलाशने आते हैं। उनमें से कुछ तो बस अपने पसंदीदा फिल्मस्टार से मिलने या क्रिक्रेट खिलाड़ी बनने के लिए आते हैं।

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