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वृक्ष प्राधिकरण से एक्सपर्ट्स ‘आउट’

​बीएमसी के वृक्ष प्राधिकरण के पांच एक्सपर्ट सदस्यों में से चार बाहर हो गए हैं। ऐसे में, नए सदस्यों की नियुक्ति के बिना एक्सपर्ट्स के नाम पर केवल एक ही सदस्य होगा।

नवभारत टाइम्स 28 Nov 2019, 1:57 pm
मुंबई
नवभारतटाइम्स.कॉम प्रतीकात्मक तस्वीर
प्रतीकात्मक तस्वीर

बीएमसी के वृक्ष प्राधिकरण के पांच एक्सपर्ट सदस्यों में से चार बाहर हो गए हैं। ऐसे में, नए सदस्यों की नियुक्ति के बिना एक्सपर्ट्स के नाम पर केवल एक ही सदस्य होगा। पर्यावरणविदों की लंबी लड़ाई के बाद जाकर कोर्ट के आदेश पर सदस्यों की नियुक्ति हुई थी। प्राधिकरण के दो सदस्यों के लगातार तीन बैठक में अनुपस्थित होने के कारण उन्हें अयोग्य घोषित कर दिया गया है। इससे पहले दो सदस्यों ने प्राधिकरण की सदस्यता से इस्तीफा दिया था, जिस पर पुनर्विचार के बाद फिर बीएमसी उन्हें शामिल करना चाह रही थी। हालांकि, शिवसेना ने बुधवार को इस्तीफा देने वाले सदस्यों की फिर से नियुक्ति का विरोध किया। इसके बाद चार एक्सपर्ट्स की जगह खाली हो गई है। अब प्राधिकरण में केवल एक ही एक्सपर्ट सदस्य बचा हुआ है।

नए सिरे से नियुक्ति
एक्सपर्ट सदस्यों की नियुक्ति के लिए बीएमसी को नए सिरे से आवेदन करना होगा। इसके बाद आने वाले आवेदनों की छंटनी कर एक्सपर्ट्स का चुनाव किया जाएगा। प्राधिकरण के सदस्य यशवंत जाधव ने कहा कि इस्तीफा देने वाले सदस्यों की फिर से नियुक्ति नहीं हो सकती है। प्रशासन को नए सिरे से प्रक्रिया करनी होगी।

आरे पर हुआ था विवाद
आरे में मेट्रो कारशेड के लिए पेड़ों की कटाई को लेकर काफी विवाद हुआ था। शिवसेना के विरोध के बावजूद कुछ एक्सपर्ट सदस्यों की सकारात्मक भूमिका से प्रस्ताव पास हो गया था, जिसके बाद दो सदस्यों ने इस्तीफा दे दिया था। हालांकि, कमिश्नर ने उनसे इस्तीफा वापस लेने का अनुरोध किया था, जिस पर वे तैयार भी हो गए थे।

शताब्दी अस्पताल का प्रस्ताव अटका
कांदिवली के शताब्दी अस्पताल के विस्तार की राह में आ रहे 840 पेड़ों की कटाई और पुनर्रोपित करने के प्रस्ताव को वृक्ष प्राधिकरण की बैठक में मंजूरी नहीं दी गई। शिवसेना के सदस्य यशवंत जाधव ने कहा कि जिस जगह पर बिल्डिंग बनानी है, वहां पेड़ हैं ही नहीं। प्रस्ताव में स्पष्टता न होने के चलते हमने इसका विरोध किया।

'अलग-अलग हों पद'
जाधव ने कहा कि पेड़ों के संदर्भ में अलग अधिकारी की नियुक्ति की जाए, जबकि गार्डन की देखरेख का ठेका अलग अधिकारी को दिया जाए। फिलहाल एक ही अधिकारी के पास दोनों पद हैं। इससे दोनों जिम्मेदारियों के साथ न्याय नहीं हो पा रहा है।

286 पेड़ों पर लटकती आरी
महानगर में आरे के पेड़ों की कटाई का विरोध अभी थमा भी नहीं कि प्रशासन ने कुछ और पेड़ों को काटने का फैसला लिया है। मिली जानकारी के अनुसार, मेट्रो लाइन 6 और 7 के लिए 286 पेड़ प्रभावित होंगे। इसके लिए लोगों से सुझाव और आपत्ति मांगी गई है। बीएमसी के गार्डन विभाग की तरफ से जारी सूचना के अनुसार, मेट्रो 6 और 7 के लिए 68 पेड़ काटे जाने हैं, जबकि 218 पेड़ों को ट्रांसप्लांट किया जाना है। पर्यावरण प्रेमियों ने कहा कि प्रशासन बिना सोचे समझे पेड़ों को काटने का फैसला ले लेता है। हम लोगों से अपील करेंगे कि अधिक से अधिक लोग इस मामले में प्रशासन को आपत्ति भेजें और पेड़ों की कटाई के प्रस्ताव का विरोध करें।

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