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Explainer: फार्मा कंपनी, ठाकरे की कार्रवाई और बीजेपी का कनेक्शन.. महाराष्ट्र की रेमडेसिविर पॉलिटिक्स

Remedesvir Politics In Maharashtra Latest News: महाराष्ट्र की उद्धव ठाकरे (Uddhav Thackeray) सरकार ने केंद्रशासित प्रदेश दमन की एक रेमडेसिविर सप्लायर फार्मा कंपनी पर शिकंजा कसा है। मुंबई पुलिस ने फार्मा कंपनी के डायरेक्टर से रेमडेसिविर के स्टोरेज पर पूछताछ की है। इस पर महाराष्ट्र बीजेपी ने एतराज जताया है।

नवभारतटाइम्स.कॉम 18 Apr 2021, 8:24 pm

हाइलाइट्स

  • महाराष्ट्र में कोरोना वायरस के बढ़ते संक्रमण के बीच रेमडेसिविर की सप्लाई पर पॉलिटिक्स शुरू
  • मुंबई पुलिस की ओर से फार्मा कंपनी के मालिक को हिरासत में लेने पर भड़के देवेंद्र फडणवीस
  • बीजेपी नेता शनिवार आधी रात को थाने पहुंच गए और उद्धव सरकार की कार्रवाई को शर्मनाक बताया
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मुंबई
महाराष्ट्र में कोरोना वायरस के बढ़ते संक्रमण के बीच रेमडेसिविर की सप्लाई पर पॉलिटिक्स शुरू हो गई है। पूर्व मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस का आरोप है कि एक फार्मा कंपनी के मालिक को सिर्फ इसलिए हिरासत में ले लिया गया कि क्‍यों‍कि वह बीजेपी के अनुरोध पर महाराष्ट्र के लिए रेमडेसिविर की 60 हजार शीशियों की सप्लाई करने वाला था। बीजेपी नेता शनिवार आधी रात को थाने पहुंच गए और उद्धव सरकार की कार्रवाई को शर्मनाक बताया। दूसरी तरफ, मुंबई पुलिस का कहना है कि उसे रेमडेसिविर की जमाखोरी की जानकारी मिली थी। पूछताछ के बाद फार्मा कंपनी के मालिक को छोड़ दिया गया।
दरअसल दमन स्थित ब्रुक फार्मा प्राइवेट लिमिटेड रेमडेसिविर की एक्सपोर्टर है। मुंबई पुलिस ने रेमडेसिविर दवा के जरूरत से ज्यादा स्टोरेज को लेकर फार्मा कंपनी के डायरेक्टर से पूछताछ की और जरूरी दस्तावेज जमा करने के बाद ही उन्हें जाने दिया। मुंबई पुलिस के एक अधिकारी ने बताया कि उन्होंने कम से कम 60,000 शीशियां जमा कर रखी थीं। कोरोना वायरस के रोगियों के इलाज में इस्तेमाल होने वाली इस दवा की कमी की वजह से राज्य और केंद्र सरकार ने उन्हें इस माल को घरेलू बाजार में बेचने की इजाजत दी थी। हालांकि मूल रूप से यह एक्पोर्ट के लिए थी।


फार्मा कंपनी के डायरेक्टर से पूछताछ पर बीजेपी नाराज
महाराष्ट्र में विपक्षी बीजेपी ने मुंबई पुलिस की ओर से फार्मा कंपनी के डायरेक्टर से पूछताछ किए जाने पर आपत्ति जताई है और कहा है कि राज्य की शिवसेना नीत सरकार महामारी के बीच राजनीति कर रही है। महाराष्ट्र के पूर्व मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने कहा कि हमने चार दिन पहले ब्रुक फार्मा से रेमडेसिविर की सप्लाई करने का अनुरोध किया था लेकिन तब तक अनुमति नहीं मिल पाने की वजह से वे ऐसा नहीं कर सके। मैंने केंद्रीय (रसायन और उर्वरक राज्य) मंत्री मनसुख मंडाविया से बात की थी और हमें एफडीए (खाद्य और औषधि प्रशासन) से मंजूरी मिल गई थी।

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फडणवीस ने किया ये दावा

महाराष्ट्र में विपक्ष के नेता फडणवीस ने दावा किया कि महाराष्ट्र सरकार के एक मंत्री के विशेष कार्याधिकारी (OSD) ने फार्मा कंपनी के अधिकारी को बुलाया था और उनसे पूछा कि वह विपक्षी दलों की अपील पर रेमडेसिविर की सप्लाई कैसे कर सकते हैं। फडणवीस ने आरोप लगाया कि पुलिस कर्मियों ने फार्मा कंपनी के डायरेक्टर को शनिवार रात उनके घर से पकड़ा था। फडणवीस ने इस कार्रवाई को 'कल्पना से परे' बताया। बीजेपी नेता ने कहा कि राज्य सरकार केंद्रशासित क्षेत्र दमन में रहने वाले फार्मा कंपनी के डायरेक्टर को तंग कर रही है क्योंकि बीजेपी नेताओं ने उनसे राज्य में रेमडेसिविर दवा की सप्लाई के लिए संपर्क साधा था।


ब्रुक फार्मा के अधिकारियों से BJP नेताओं ने की मुलाकात
फडणवीस ने कहा कि हमने (बीजेपी नेताओं ने) महाराष्ट्र में रेमडेसिविर की कमी को देखते हुए ब्रुक फार्मा से संपर्क साधा था। हमने राज्य के खाद्य और औषधि प्रशासन (एफडीए) मंत्री को भी इस बारे में बताया था और जरूरी अनुमति के लिए केंद्र सरकार से भी संपर्क किया था। फडणवीस ने बताया कि महाराष्ट्र के बीजेपी नेताओं ने हाल ही में दमन जाकर ब्रुक फार्मा के अधिकारियों से मुलाकात की थी और उनसे निर्यात के लिए रखा गया माल महाराष्ट्र में बेचने का अनुरोध किया था। उन्होंने कहा कि कंपनी की ओर से उन्हें बताया गया कि यदि केंद्र और राज्य सरकार मंजूरी देंगे तो वे पूरा माल महाराष्ट्र को बेच देंगे।

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मुंबई पुलिस ने दिया ये तर्क

मुंबई पुलिस के एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा कि रेमडेसिविर की सप्लाई करने वाली एक फार्मा कंपनी के डायरेक्टर से पुलिस ने शीशियों के स्टोरेज के सिलसिले में पूछताछ की थी। उन्होंने कहा कि स्पेशल सूचना के आधार पर पुलिस ने फार्मा कंपनी के डायरेक्टर को पकड़कर विले पार्ले में रखा था। अधिकारी ने कहा कि दवा के एक्सपोर्ट पर प्रतिबंध लगने के बाद उन्होंने उसकी कम से कम 60,000 शीशियों को स्टोरेज में जमा कर रखा था। राज्य और केंद्र सरकार ने उन्हें इसे घरेलू बाजार में बेचने की अनुमति दे दी है। मुंबई पुलिस ने कहा कि हमने पाया कि उन्होंने किसी कानून का उल्लंघन नहीं किया, हमने उनके खिलाफ कोई कानूनी कार्रवाई नहीं की। उनसे दवा के स्टोरेज के बारे में पूछताछ की। इसके बाद उन्होंने जरूरी दस्तावेज पेश कर दिए।


कैसे शुरू हुई राजनीति
इस मामले में राजनीतिक तनातनी शनिवार सुबह उस समय शुरू हुई जब महाराष्ट्र सरकार के मंत्री और राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी के प्रवक्ता नवाब मलिक ने आरोप लगाया कि केंद्र सरकार रेमडेसिविर उत्पादकों पर महाराष्ट्र में उनका स्टॉक नहीं बेचने के लिए दबाव बना रही है। राज्य के बीजेपी नेताओं के साथ ही केंद्र सरकार के दो मंत्रियों ने भी महाराष्ट्र सरकार पर पलटवार किया और इन आरोपों को ‘झूठा’ करार दिया। केंद्रीय मंत्रियों ने इसे महामारी पर सियासत करने की कोशिश करार दिया।

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