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मुंबई में उम्मीदों से भरा अनलॉक 2.0, स्टेशनरी, सलून, और ओपीडी सेवा खुलने से खुशी

मुंबई में अनलॉक 2.0 के बाद अब लोग धीरे-धीरे अपने घरों से न‍िकलने लगे हैं। बाजारों और मंडियों का माहौल गुलजार होने लगा है। दिन-ब-दिन ग्राहकों की संख्या में तेजी आ रही है।

Authored byमनीष झा | Edited byशैलेश कुमार शुक्ला | नवभारत टाइम्स 1 Jul 2020, 1:38 am
मुंबई
नवभारतटाइम्स.कॉम corona mumbai
मुंबई में सैलून, गैरेज आद‍ि खुलने से लोगों ने ली राहत की सांस

अनलॉक 2.0 की शुरुआत से लोगों की दिनचर्या धीरे-धीरे ही सही ट्रैक पर आने लगी है। सीमित संख्या में लोग घरों से निकलने शुरू हुए हैं। खाली पड़े बाजारों, सड़कों और गलियों के अलावा, सब्जी-भाजी की छोटी-छोटी मंडियों में लोगों की आवाजाही से माहौल गुलजार होने लगा है। कांदिवली के ठाकुर विलेज स्थित फास्ट फूड सर्विस देने वाली एक कंपनी के डिलीवरी बॉय राजेश यादव ने बताया कि अनलॉक 2.0 में ऑर्डर बढ़ गए हैं।

उन्‍होंने कहा कि पहले जहां अनलॉक 1.0 में एक ग्राहक से एक ऑर्डर आता था, अब एक-एक ग्राहक को 3 से 4 ऑर्डर पहुंचाने होते हैं। इसी तरह से टेक अवे की संख्या बढ़ गई है। लोग परिजन समेत काउंटरों तक आने लगे हैं। गौरतलब है कि 30 जून को अनलॉक 1.0 की समाप्ति के बाद अनलॉक 2.0 योजना लागू कर दी गई है, जो 31 जुलाई तक जारी रहेगी। इस दौरान कंटेनमेंट जोन में पाबंदी के बावजूद बाकी जगहों पर कुछ ढील दी गई है। हालांकि, धार्मिक स्थलों, मेट्रो सेवा और शैक्षणिक संस्थानों को बंद रखने का निर्णय बरकरार है।

मैकेनिकों की बढ़ी उम्मीदें
ठाकुर इंजिनियरिंग कॉलेज के सामने जेरॉक्स की दुकान, इलेक्ट्रॉनिक्स की दुकान और गैरेज की दुकान चलाने वाले दर्जनों दुकानदारों ने बताया कि अनलॉक 2.0 में कुछ खाने-कमाने को मिला है। लोग आवश्यक काम से ही आते हैं, लेकिन आना शुरू हो गया है। दिन-ब-दिन ग्राहकों की संख्या में तेजी आ रही है, जिससे उम्मीद बढ़ गई है। लोग बिजली के सामान, पंखे, कूलर, माइक्रोवेव ओवन और फ्रिज सही करवाने के लिए आ रहे हैं। गाड़ियां ठीक करवाने वालों के अलावा, जेरॉक्स करवाने वालों की संख्या में भी तेजी आई है।

कैटरिंग सेवा में आई रौनक

तय शर्तों के साथ शूटिंग शुरू हो जाने से कैटरिंग और होम डिलीवरी का काम भी शुरू हो गया है। गोरेगांव में एमवी फूड्स कैटरिंग चलाने वाले महादेव शिंदे और राजेश शेट्टी ने बताया कि लॉकडाउन की वजह से कैटरिंग सेवा पर जबरदस्त असर पड़ा था। खाना बनाने वाले काफी कारीगर गांव चले गए। जो बचे, उन्हें बैठकर पगार देनी पड़ी। अब अनलॉक 2.0 शुरू होने से कैटरिंग सेवा में तेजी आई है। हालांकि, खाने वालों की संख्या कम होने से ऑर्डर कम आते हैं, लेकिन काम शुरू हो जाने से मजदूरों और कैटरिंग मालिकों के चेहरे पर रौनक लौटी है।

वापस आने लगे बाल काटने वाले
चारकोप में फैशन फॉर यू सलून के मालिक मो. सरफराज और सिंह इस्टेट के रोड नंबर 1 में पार्लर चलाने वाले प्रदीप शुक्ला ने बताया कि पिछले तीन महीने में करीब-करीब हर सलून, स्पा और ब्यूटी पार्लर वालों की हालत खस्ता हो गई है। कैंची चलाने वाले मजदूर मुंबई छोड़कर गांव चले गए हैं। उन्हें वापस बुलाया जा रहा है। अनलॉक 2.0 में सैलून, स्पा, ब्यूटी पार्लर खुलने से इस सेक्टर के लोगों में खुशहाली लौटी है। अगले सप्ताह जिम खुल जाने से जिम पेशे से जुड़े लोगों को रोजी-रोटी चलाने लायक पैसा मिलने लगेगा, जो अभी बंद है।

ओपीडी से स्वास्थ्यकर्मियों में खुशी
कोविड-19 वायरस के फैलाव होने के मद्देनजर अस्पतालों को कोविड अस्पताल बनाया गया है। इस वजह से कुछ सिलेक्टेड हॉस्पिटल का ही संचालन हो रहा है। स्वास्थ्य सेवा से जुड़े काफी लोग बेरोजगार हो गए। मगर, अनलॉक 2.0 में काफी अस्पतालों में ओपीडी सेवा शुरू कर दी गई है। मालवणी स्थित रक्षा अस्पताल के डॉक्टर प्रणव काबरा ने बताया ओपीडी सेवा शुरू होने से मौसमी सर्दी, खांसी और बुखार समेत अन्य बीमारियों से पीड़ित मरीज सावधानी बरतते हुए इलाज करवाने अस्पताल पहुंच रहे हैं। इस नई पहल से स्वास्थ्य विभाग से जुड़े लोगों में प्रसन्नता है। लैब टेक्निशन जैसे लोगों की आर्थिक दिक्कत दूर होने के आसार हैं।

छोटे वाहन चालकों को रोजगार

अनलॉक 2.0 लागू होने से लोगों में जहां खुशी है। वहीं, ऑटोरिक्शा या टैक्सी चालकों में भी उल्लास है। मालाड निवासी ऑटोरिक्शा चालक राजेंद्र यादव यूपी के रहने वाले हैं। उन्होंने बताया कि सावधानी से ही सही, लेकिन अनलॉक 2.0 में लोग घरों से बाहर निकलने शुरू हो गए हैं। सामानों को इधर से उधर करने लगे हैं। इस वजह से उन्हें छोटी-छोटी दूरी तय करने के लिए ऑटो रिक्शा या टैक्सी या फिर मालवाहक गाड़ियों की जरूरत है। इससे छोटे वाहन चालकों को रोजगार मिलने लगा है।
लेखक के बारे में
मनीष झा
टीवी पत्रकारिता से करियर की शुरुआत करने वाले मनीष, बिहार के मधुबनी से आकर पूरी तरह से मुंबई में रच बस गए। 14 साल के करियर में उन्होंने रिपोर्टिंग के अलावा डेस्क पर भी अपनी सेवाएं दी हैं। पिछले सात सालों से एनबीटी में क्राइम बीट की खबरों को कवर कर रहे हैं। सोशल मीडिया पर सक्रियता के साथ मैथिली भाषा के प्रचार प्रचार के लिए भी कार्यरत हैं।... और पढ़ें

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