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हकलाने वाले लड़के से 'भड़काने' वाले जाकिर नाइक की कहानी

बचपन में हकलाने वाले जाकिर ने सेंट्रल मुंबई के टोपीवाला नैशनल मेडिकल कॉलेज ऐंड बीवाईएल चैरिटेबल हॉस्पिटल से अपने एमबीबीएस के आखिरी साल में साउथ अफ्रीका के इस्लामिक उपदेशक अहमद दीदत का लेक्चर सुना था। इसके बाद जाकिर ने फैसला किया कि वह ज्यादा समय तक मेडिकल प्रैक्टिस नहीं करेंगे।

Mohammed Wajihuddin | टाइम्स न्यूज नेटवर्क 7 Jul 2016, 12:24 pm
मुंबई
नवभारतटाइम्स.कॉम zakir naik boy with a stammer who became a provocative preacher
हकलाने वाले लड़के से 'भड़काने' वाले जाकिर नाइक की कहानी

इस समय मक्का में मौजूद 50 साल के इस्लामिक उपदेशक जाकिर नाइक की कहानी किसी फिल्म से कम नहीं है। जाकिर इन दिनों खूब चर्चा में हैं। ढाका के रेस्तरां में 20 लोगों की हत्या करने वाले दो हमलावरों रोहन इम्तियाज और निबरस इस्लाम को जिन तीन उपदेशकों ने प्रभावित किया था उनमें से एक जाकिर नाइक भी हैं।

बचपन में हकलाने वाले जाकिर ने सेंट्रल मुंबई के टोपीवाला नैशनल मेडिकल कॉलेज ऐंड बीवाईएल चैरिटेबल हॉस्पिटल से अपने एमबीबीएस के आखिरी साल में साउथ अफ्रीका के इस्लामिक उपदेशक अहमद दीदत का लेक्चर सुना था। यह 1980 के दशक के आखिर की बात है। अंग्रेजी में लेक्चर देने वाले दीदत ने उस समय दूसरे धर्मों के मुकाबले इस्लाम को महान साबित करके काफी नाम कमा लिया था।

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दीदत को देखकर ही जाकिर हकलाने वाले लड़के से आज के प्रसिद्ध इस्लामिक उपदेशक बने। जाकिर ने करीब 10 साल पहले मुझे बताया था, 'दीदत का लेक्टर अटैंड करने के बाद मैंने फैसला किया कि मैं ज्यादा समय तक मेडिकल प्रैक्टिस नहीं करूंगा। मुझमें दीदत के जैसा बनने की चाह जाग गई थी।' जाकिर का सफर करीब से देखने वाले उनके एक फैमिली फ्रेंड ने बताया, 'वह अंग्रेजी में लेक्चर देने वाले दीदत का क्लोन बन गया।'

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जाकिर नाइक का दावा है कि उनके फेसबुक पर 1.4 करोड़ फॉलोअर्स हैं और उनके पीस टीवी के 20 करोड़ दर्शक हैं। उनके पीस टीवी को भारत में लाइसेंस प्राप्त नहीं है, पर वह केबल ऑपरेटरों की मदद से इसे भारत में भी दिखाते हैं। जाकिर के प्रवक्ता का कहना है कि वह पीस टीवी के ब्रैंड ऐंबैसडर हैं, पर इसके मालिक नहीं हैं।

जाकिर को भारत और दुनिया भर से भारी मात्रा में जकात के रूप में दान मिलता है। उनका मझगांव में इस्लामिक इंटरनैशनल स्कूल है। जाकिर के स्कूल का दौरा कर चुके एक एजुकेशन ऐक्टिविस्ट ने बताया कि इस मंहगे स्कूल में बताया जाता है कि इस्लाम सबसे महान धर्म है।

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सऊदी राजघराने के वहाबी-सलाफी गुट के करीब आने के बाद जाकिर काफी फेमस हो गए। 2015 में सऊदी के किंग सलमान बिन अब्दुल अजीज ने जाकिर को 2015 किंग फैजल इंटरनैशनल प्राइज फॉर सर्विस ऑफ इस्लाम दिया। इसमें उन्हें दो लाख डॉलर और एक गोल्ड मेडल मिला। जाकिर इसके बाद अपने पुश्तैनी घर से मझगांव के एक फ्लैट में शिफ्ट हो गए।

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जाकिर की शादी फरहत से हुई। वह जाकिर के इस्लामिक रिसर्च फाउंडेशन की महिला विंग को हेड करती हैं। उनकी दो बेटियां मुंबई में पढ़ती हैं और बेटा रियाद की इस्लामिक यूनिवर्सिटी में पढ़ता है। जाकिर के एक जानने वाले ने बताया कि बेटा भी बाप के पदचिह्नों पर चल रहा है और एक उपदेशक बनने की ओर अग्रसर है। नाइक की पीस कॉन्फ्रेंस इतनी भव्य होती है कि बॉलिवुड से स्टार्स का स्टेज भी उसके सामने फीकी लगे। हालांकि मुंबई पुलिस के इजाजत नहीं देने पर उन्होंने कोई पीस कॉन्फ्रेंस नहीं की है। 2011 से ब्रिटेन और कनाडा में जाकिर के लेक्चर बैन हैं। वह अपने शो के अंत में गैर-मुस्लिमों से सवाल पूछने को कहते हैं।

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ऐसे ही एक शो के अंत में IIT के एक छात्र विजय ने उनसे पूछा था, 'इस्लाम वर्कप्लेस पर सेक्स की इजाजत नहीं देता है, यह आधुनिक सोच है या पुरातनपंथी?' इसके लंबे जवाब में जाकिर ने जो कहा, उसका सार था, 'आंकड़े बताते हैं कि अमेरिका में यूनिवर्सिटी और काम पर जाने वाली 50 फीसदी औरतों का रेप होता है, क्यों? क्योंकि ज्यादातर अमेरिकी वर्कप्लेस पर सेक्स करते हैं। अगर आपको लगता है कि एक महिला का रेप होना चाहिए, यह आधुनिकता है तो इस्लाम पुरातनपंथी है। अगर आप सोचते हैं नहीं तो इस्लाम सबसे ज्यादा आधुनिक है।'

ढाका के आतंकी हमले के खिलाफ मुंबई में प्रदर्शन करने वाले अवामी भारत के फिरोज मीठीबोरवाला ने कहा है कि जाकिर मुस्लिम समुदाय पर बोझ हैं, वह इस्लाम को आधुनिक नहीं बना रहे हैं।'
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