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कंगना रनौत के खिलाफ अदालत में बीएमसी ने 82 लाख खर्च किए, आरटीआई से हुआ खुलासा

कंगना रनौत (actress kangana ranaut case ) के मामले में इतना खर्च करने पर भारतीय जनता पार्टी (bjp corporator ) के नगरसेवक अभिजीत सावंत ने बीएमसी (BMC) पर आरोप लगाते हुए कहा है कि बीएमसी एक तरफ कहती है कि पैसों की तंगी है और दूसरी तरफ इस तरह से पैसे का दुरुपयोग किया जा रहा है।

नवभारतटाइम्स.कॉम 28 Oct 2020, 11:57 am

हाइलाइट्स

  • फ़िल्म अभिनेत्री कंगना रनौत के घर पर हुई बीएमसी की कार्रवाई में बड़ा खुलासा
  • बीएमसी ने अब तक 82 लाख से ज्यादा रूपये अदालत में किए खर्च
  • बॉम्बे हाई कोर्ट में अदालत ने आपका पक्ष रखने के लिए खर्च की इतनी बड़ी रकम
  • आरटीआई से हुआ खुलासा, ऐक्टिविस्ट शरद यादव ने मांगी थी जानकारी
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नवभारतटाइम्स.कॉम BMC spent eighty two lakh in kangana ranaut case
बीएमसी ने अब तक 82 लाख से ज्यादा रूपए अदालत में किए खर्च
मुंबई
मायानगरी मुंबई की तुलना पाक अधिकृत कश्मीर (पीओके) से करने वाली बॉलिवुड अभिनेत्री कंगना रनौत के खिलाफ बीएमसी ने अब तक अदालत की कार्रवाई में तकरीबन 82,50,000 रुपये खर्च किए हैं। यह जानकारी आरटीआई के माध्यम से सामने आई है।
बीएमसी के एच वेस्ट वार्ड के अधिकारियों ने बांद्रा स्थित पाली हिल में कंगना रनौत के कार्यालय में हुए अवैध निर्माण कार्य पर कार्रवाई की थी। इस मामले में अभिनेत्री ने बॉम्बे हाई कोर्ट में गुहार लगाई थी।

बीएमसी का यह पक्ष
इस मामले में बीएमसी प्रशासन ने बॉम्बे हाई कोर्ट में अपना पक्ष रखने के लिए अब तक 82 लाख रुपए खर्च कर दिए हैं। कंगना रनौत ने बांद्रा के पाली हिल स्थित अपने घर में मणिकर्णिका फिल्म के आफिस की शुरुआत की थी। आरोप है कि इस कार्यालय में कंगना ने अवैध रूप से निर्माण कार्य करवाया था।


इसी दौरान कंगना रनौत ने मुंबई की तुलना पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर से की थी, जिसका मुंबई में जबरदस्त विरोध हुआ था। बीएमसी प्रशासन ने बीएमसी ऐक्ट की धारा 354 के तहत कंगना को नोटिस दिया था। कंगना की तरफ से संतोषजनक जवाब न मिलने पर बीएमसी ने कार्यालय में किए गए अवैध निर्माण को तोड़ दिया था।

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अदालत में पहुंचा मामला
बीएमसी की कार्रवाई पर कंगना के वकील ने इस मामले में बॉम्बे हाई कोर्ट से मदद मांगी थी। अदालत के आदेश के बाद बीएमसी ने अपनी कार्रवाई को रोक दिया था।

आरटीआई कार्यकर्ता शरद यादव ने बीएमसी में आवेदन कर यह जानकारी मांगी थी कि इस मामले में बीएमसी ने किस वकील को नियुक्त किया है और इस पूरी प्रक्रिया में अब तक कितना खर्च हुआ है। आरटीआई का जवाब देते हुए बीएमसी ने बताया कि अब तक कुल 82 लाख 50 हजार रुपयेबतौर फीस दिए गए हैं।

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