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संजय निरूपम ने मेट्रो कारशेड को लेकर उठाये सवाल, पूछा यह कैसा विकास मॉडल है?

कांग्रेस नेता संजय निरुपम (congress leader sanjay nirupam ) ने सीएम (uddhav thackeray chief minister maharashtra) द्वारा आरे कॉलोनी (aarey colony metro car shed )पर लिए फैसलों को सिर्फ एक पाखंड बताया है और पूछा है कि जंगल में मेट्रो स्टेशन क्यों?

नवभारतटाइम्स.कॉम 3 Sep 2020, 2:39 pm

हाइलाइट्स

  • मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे पर कांग्रेस नेता संजय निरुपम ने आरोप लगाते हुए पूछा जब मेट्रो कारशेड हटाया गया तो स्टेशन क्यों नहीं?
  • शहर के बीच में जंगल और जंगल के बीच में मेट्रो स्टेशन यह कैसा विकास का मॉडल है?
  • सरकार ने हाल ही में आरे कॉलोनी में बन रहे है मेट्रो कारशेड को हटाने का आदेश दिया है
  • संजय निरुपम ने कहा कि यह सिर्फ सरकार का पाखंड है और कुछ नहीं
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नवभारतटाइम्स.कॉम sanjay nirupam
महाराष्ट्र कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और पूर्व सांसद संजय निरुपम
मुंबई
महाराष्ट्र कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और पूर्व सांसद संजय निरुपम ने अब मेट्रो कारशेड को दूसरी जगह शिफ्ट करने और आरे के जंगल में 600 एकड़ जमीन को संरक्षित जंगल घोषित करने के मामले में उद्धव ठाकरे सरकार से तीखे सवाल किए हैं। निरुपम ने पूछा है की शहर के बीच में जंगल और जंगल के बीचोबीच मेट्रो स्टेशन यह कैसा विकास का मॉडल है?
क्या है मामला
महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे ने तत्कालीन फडणवीस सरकार के फैसले को पलटते हुए, आरे कॉलोनी के जंगल में निर्माणाधीन मेट्रो कारशेड को पर्यावरण की सुरक्षा के लिहाज़ से दूसरी जगह शिफ्ट करने का फैसला किया है। साथ में आरे में ही 600 एकड़ जमीन को संरक्षित जंगल घोषित किया है। इस जगह पर प्रकृति के साथ कोई भी छेड़छाड़ नहीं की जा सकेगी और स्थानीय आदिवासी लोगों को उनके अधिकारों से वंचित नहीं किया जायेगा। लेकिन उद्धव ठाकरे ने मेट्रो स्टेशन को लेकर कोई भी बात नहीं की है। इसीलिए उनकी सरकार में सहयोगी पार्टी कांग्रेस के नेता ने सवाल उठाये हैं।

अधिकारियों को दिए निर्देश
मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे ने मौजूदा कारशेड को शिफ्ट करने के लिए संबंधित अधिकारियों को आदेश जारी कर तैयारियां पूरी करने के लिए कहा है। कारशेड को हटाने की दिशा में काम शुरू हो चुका है। विपक्ष अब यह सवाल भी उठाने लगा है कि उस क्षेत्र का क्या होगा? जहां पर इतने सारे पेड़ काटे गए हैं। इस बाबत मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे ने फैसला लेते हुए यह तय किया है कि पर्यावरण के लिहाज से इस विशेष जगह पर वन संबंधित काम ही किया जाना चाहिए।

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पेड़ो की जगह प्रयोगशाला
मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे के अनुसार जिस जगह पर पेड़ों को काटा गया है। वहां पर अब वाइल्ड लाइफ रिसर्च एंड ट्रेनिंग सेंटर या वाइल्ड लाइफ फोरेंसिक लैब बनाई जाएगी। जिससे अक्सर बाघों की तस्करी या फिर उनकी जहर देकर हत्या करने पर जब उनके अवशेष बरामद होते हैं। तो उन्हें जांच के लिए हैदराबाद भेजना पड़ता है। यह लैब बन जाने के बाद इस जांच को यहीं पर पूरा किया जाएगा। साथ ही बाघों की तस्करी और अन्य जीव-जंतुओं की तस्करी पर रोक लगाई जा सकेगी।

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