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राणे को झटका, सिंधुदुर्ग जिला कांग्रेस कमेटी भंग

महाराष्ट्र कांग्रेस अध्यक्ष अशोक चव्हाण ने बागी नेताओं के खिलाफ एक्शन लेना शुरू कर दिया है। इसी कड़ी में उन्होंने शनिवार को पूरे सिंधुदुर्ग जिले की कांग्रेस कमेटी को भंग करने का फैसला किया।

नवभारतटाइम्स.कॉम 17 Sep 2017, 5:52 pm
महाराष्ट्र
नवभारतटाइम्स.कॉम narayan rane

महाराष्ट्र कांग्रेस अध्यक्ष अशोक चव्हाण ने बागी नेताओं के खिलाफ एक्शन लेना शुरू कर दिया है। इसी कड़ी में उन्होंने शनिवार को पूरे सिंधुदुर्ग जिले की कांग्रेस कमेटी को भंग करने का फैसला किया। इसका नेतृत्व दत्ता सामंत कर रहे थे जबकि ब्लॉक कांग्रेस कमेटियों का नियंत्रण वरिष्ठ कांग्रेस नेता नारायण राणे के जिम्मे था। कांग्रेस ये मान रही है कि नारायण जल्द ही कांग्रेस छोड़ कर बीजेपी का दामन थाम सकते हैं।

इनकी जगह अब पूर्व मंत्री भाई सावंत के बेटे विकास सावंत को अब नई जिला कांग्रेस कमेटी का अध्यक्ष बनाया जाएगा। चव्हाण ने टाइम्स ऑफ इंडिया से इस बात की पुष्टि की कि जिले से एक भी सदस्य का नामांकन न होने की वजह से चुनाव अभी संभव नहीं थे। परिणामस्वरूप पार्टी के पास जिला अध्यक्ष को पद से हटाने और कमेटी को खत्म करने के अलावा और कोई चारा नहीं था। चव्हाण ने आगे बताया, 'हमने चुनाव प्रक्रिया की शुरुआत की थी। इस क्रम में जब हमने देखा कि जिलों में एक भी सदस्य का नामांकन नहीं हुआ है तो ऐसी परिस्थितियों में हमने सभी कमेटियों को भंग करने का निर्णय लिया।'

पढ़ें : बीजेपी का दामन थाम सकते हैं नारायण राणे

उधर राणे के कांग्रेस छोड़ने और बीजेपी जॉइन करने की खबरों के बाद पिछले हफ्ते कांग्रेस ने राज्यसभा सदस्य हुसैन दलवई और कांग्रेस के जनरल सेक्रेटरी राजन भोसले को जिलों में राजनीतिक स्थिति का जायजा लेने का कार्य सौंपा था। दलवई और भोसले की मुख्य जिम्मेदारी जिलों में राजनीतिक परिस्थितियों को आंकना और साथ ही कांग्रेस कार्यकर्ताओं के पार्टी़ में रहने और बीजेपी के साथ न जाने को सुनिश्चित करना था।

नवरात्रि के बाद राणे परिवार बीजेपी में हो सकता है शामिल

ऐसी खबर हैं कि नवरात्रि के बाद राणे और उनके दोनों बेटे नीलेश और नीतेश बीजेपी के साथ जाएंगे। पिछले दिनों सीएम देवेंद्र फड़णवीस और बीजेपी के प्रदेश अध्यक्ष राउसाहेब दानवे राणे के घर भी गए थे।
बीजेपी के मंत्रीमंडल के एक सदस्य की मानें तो बीजेपी ने राणे का नाम राज्यसभा नामांकन के लिए भेजा है। इसी के साथ उनके बेटे नितेश को राज्यमंत्री पद मिलने के आसार हैं और नीलेश का नामांकन राज्य विधानपरिषद के लिए हो सकता है। जबकि राणे ने अपनी मांग में खुद को राज्य मंत्रीमंडल, नीलेश को राज्यसभा या लोकसभा सदस्य और नितेश को राज्य विधानसभा में शामिल करने का प्रस्ताव रखा है।

2014 लोकसभा चुनाव में मिली थी हार

बीजेपी के मंत्रीमंडल सदस्य के अनुसार, 'हमने लोकसभा में 350 से ज्यादा सीटें और विधानसभा में 200 सीटों को लक्ष्य रखा है, हमें लगता है राणे जो कोंकण क्षेत्र के कद्दावर नेता हैं, हमारी पार्टी को और मजबूत बनाने में मदद कर सकते हैं।'
हालांकि राणे परिवार को 2014 चुनाव में करारी शिकस्त मिली थी। 2014 लोकसभा चुनाव में नीलेश सिंधुदुर्ग रतनागिरी सीट से शिवसेना के विनायक राउत से हार गए थे जबकि राणे खुद कुदाल क्षेत्र से हारे थे। इसके बाद राणे को बांद्रा से उपचुनाव में भी हार का सामना करना पड़ा था।

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