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फडणवीस ने कहा महाराष्ट्र की ठाकरे सरकार को डूब मरना चाहिए, जवाब में राउत ने कहा कि राज्य में ईस्ट इंडिया कंपनी वाला विपक्ष है

राउत (shivsena leader sanjay raut) ने कहा कि पुणे शहर (pune city ) में सब का स्वागत किया जाता है। मोदी जी (PM Narendra Modi ) देश के प्रधानमंत्री हैं उनके लिए हमेशा सम्मान है।

नवभारतटाइम्स.कॉम 28 Nov 2020, 2:47 pm

हाइलाइट्स

  • पूर्व सीएम ने फड़णवीस ने साधा ठाकरे सरकार पर निशाना
  • फड़णवीस ने कहा कि सरकार के कामकाज को अदालत के दो फैसलों से माप सकते हैं
  • फड़णवीस ने उद्धव ठाकरे को धमकी देने वाला सीएम बताया
  • संजय राउत ने कहा कि ईस्ट इंडिया कंपनी वाला विपक्ष
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नवभारतटाइम्स.कॉम Devendra Fadanvis and Uddhav Thackeray
पूर्व सीएम ने फड़णवीस ने साधा ठाकरे सरकार पर निशाना
मुंबई
महाराष्ट्र के पूर्व मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस (former cm Devendra Fadanvis) ने मौजूदा महाविकास अघाड़ी सरकार (Mahavikas Aghadi Government) पर कड़ा प्रहार करते हुए कहा है कि सरकार के एक साल का लेखा-जोखा कल अदालत के दो निर्णयों से मापा जा सकता है। फडणवीस ने कहा कि चाहे अर्णब गोस्वामी (Arnab Gosawmi) का मुद्दा हो या फिर अभिनेत्री कंगना रनौत (Actress Kangana Ranaut) का इस पर स्पष्ट रूप से सरकार को अदालत ने फटकार लगाई है। ऐसी सरकार को तो डूब मरना चाहिए। ऐसे में आप क्या अदालत को भी महाराष्ट्र विरोधी करार देंगे। हम राष्ट्रपति शासन की मांग नहीं करते हैं लेकिन इन दोनों मामलों में संविधान की अवमानना हुई है और सत्ता का दुरुपयोग किया गया है। वह जगजाहिर है।
धमकी देने वाला मुख्यमंत्री
फडणवीस ने आरोप लगाया कि ठाकरे सरकार ने बीते एक साल में कुछ भी हासिल नहीं किया है। मुख्यमंत्री ने अपने मुखपत्र सामना में जो इंटरव्यू दिया है। उसमें हमें उम्मीद थी कि सरकार यह बताएगी उसने क्या-क्या किया है और आगे किस तरह के काम किये जाने हैं। लेकिन ऐसा कुछ भी नहीं हुआ पूरे इंटरव्यू के दौरान सिर्फ दूसरे लोगों पर आरोप ही लगाए गए। महाराष्ट्र के इतिहास में ऐसा धमकी देने वाला मुख्यमंत्री कभी नहीं हुआ है। दशहरा के भाषण से लेकर कल तक के इंटरव्यू में जिस तरह से धमकी दी गई है। यह किसी मुख्यमंत्री को शोभा नहीं देता है। उन्हें 5 साल सरकार चलानी है वे चलाएं लेकिन किसी को धमकी ना दें।

विश्वासघात वाली सरकार
देवेंद्र फडणवीस ने राज्य की ठाकरे सरकार पर यह आरोप भी लगाया है कि इन्होंने वोट तो नरेंद्र मोदी के नाम पर जनता से लिए लेकिन हाथ किसी और से मिला लिया। इस सरकार ने सिर्फ पुरानी सरकार के निर्णय को स्थगित करने का काम किया है। जिसका सबसे बड़ा उदाहरण मेट्रो कारशेड का मामला है। हम इस मामले की पूरी सच्चाई जनता को बताएंगे। कुछ अधिकारी भी अपने फायदे के लिए मुख्यमंत्री को गलत जानकारियां मुहैया करवा रहे हैं।

कोरोना काल में हुई कई लापरवाही
देवेंद्र फडणवीस ने महाराष्ट्र सरकार पर कोरोना काल के दौरान भी भयंकर लापरवाही करने का आरोप लगाया है। फडणवीस ने कहा कि यह ईश्वर का आशीर्वाद है कि महाराष्ट्र में कोरोना की दूसरी लहर नहीं आई है। कोरोना के सबसे ज्यादा मरीज महाराष्ट्र से निकले हैं। लोग परेशान हैं और अस्पतालों की हालत खस्ताहाल है। बावजूद इसके सरकार कहती है कि कोरोना नियंत्रण में है और चीजें सुधर रही हैं। महाराष्ट्र में दोबारा कोरोना टेस्टिंग में कमी आई है। पता नहीं महाराष्ट्र सरकार की लड़ाई कोरोना से है या फिर आंकड़ों से। महाराष्ट्र सरकार ने किसानों के साथ भी विश्वासघात किया है। सरकार ने किसानों के साथ किए हुए किसी भी वादे को पूरा नहीं किया है।

ओबीसी और मराठा समाज में फूट डालने का काम
महाराष्ट्र सरकार ने मराठा समाज को आरक्षण देने के लिए भी कोई खास कदम नहीं उठाया है। राज्य में जब बीजेपी की सरकार थी तो हमने मराठा आरक्षण देने की बात कही थी। और ओबीसी आरक्षण को भी संरक्षित करने का काम किया था। मराठा आरक्षण से ओबीसी समाज के आरक्षण में कोई भी दिक्कत ना होने पाए इसका भी हमने विशेष ध्यान रखा था। लेकिन अब सरकार मराठा समाज और ओबीसी समाज में फूट डालने की कोशिश कर रही है।

शिवसेना ने हिंदतुत्व छोड़ दिया है
फडणवीस ने कहा कि हमने हिंदुत्व बदला नहीं है बल्कि शिवसेना ने हिंदुत्व छोड़ दिया है। शिवसेना वीर सावरकर का अपमान करने वाली कांग्रेस के शब्दों को कैसे भूल सकती है। शिवसेना महाराष्ट्र के गुपकर गैंग को समर्थन देने वाली कांग्रेस के साथ है। जो चीन की मदद से धारा 370 को हटाने का सपना देख रहे हैं।

संजय राउत ने दिया जवाब
शिवसेना के सांसद और नेता संजय राउत ने बीजेपी पर निशाना साधते हुए कहा है कि महाराष्ट्र और बंगाल पर दबाव डाला जा रहा है। ऐसा होगा यह हमें पता था लेकिन संघर्ष करना शिवसेना की पुरानी आदत है। जिस किसी को भी यह प्रेशर पॉलिटिक्स करनी है। वे करें हम उनका स्वागत करते हैं। जो कोई इस प्रेशर पॉलिटिक्स को कर रहे हैं, हमें उनकी पूरी जानकारी है। केंद्रीय जांच एजेंसी और न्याय व्यवस्था का इस्तेमाल दबाव बनाने के लिए किया जा रहा है। हम इसका भी स्वागत करते हैं ऐसा करके जिन्हें आनंद मिल रहा है उन्हें इसका आनंद लेना चाहिए। महाराष्ट्र की अलग संस्कृति और अलग परंपरा है। फिलहाल राज्य में जो चल रहा है वह ईस्ट इंडिया कंपनी की परंपरा है। जो खुद को चाहिए उसे पाने की कोशिश पुरजोर तरीके से चल रही है। लेकिन विपक्ष को अपनी ताकत का इस्तेमाल जनता के हित के लिए करना चाहिए।

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