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हिंसा से दूर रहें मराठा, अन्यथा सहानुभूति खो बैठेंगे : शरद पवार

- किसान आत्महत्या में 46 फीसदी मराठा है- 28 फीसदी मराठा भूमिहीन हैप्रमुख संवाददाता, मुंबई मराठा आरक्षण के महाराष्ट्र बंद आंदोलन में हुई हिंसा ...

Navbharat Times 12 Aug 2018, 8:30 am

- किसान आत्महत्या में 46 फीसदी मराठा है

- 28 फीसदी मराठा भूमिहीन है

प्रमुख संवाददाता, मुंबई

मराठा आरक्षण के महाराष्ट्र बंद आंदोलन में हुई हिंसा पर राकांपा अध्यक्ष शरद पवार ने चिंता जताई है। पवार ने मराठा समाज के लोगों से अपील की है कि वे हिंसा से दूर रहें, अन्यथा जनता और सरकार से मिल रही सहानुभूति खो बैठेंगे। आरक्षण की मांग को जायज ठहराते हुए पवार ने कहा कि समाज में ऐसे लोगों की तादाद ज्यादा है जो गरीब हैं, उनका जीवन स्तर ऊंचा उठाने लिए आरक्षण मिलना चाहिए।

शनिवार को बयान जारी कर पवार ने कहा कि यह वही मराठा समाज है जिसने 58 मूक क्रांति मोर्चा निकाला जिसके आंदोलन के तरीके ने दुनियाभर के लोगों का ध्यान खींचा। उसे ध्यान में रखते हुए मराठों को किसी भी हिंसा से दूर रहना चाहिए। पवार ने कहा कि कुछ लोग मराठा आंदोलन को बदनाम करके समाज में फूट डालने की साजिश रच रहे हैं। मराठा समाज को अलग-थलग करने का षड्यंत्र कभी कामयाब नहीं होगा। आंदोलनकारियों को इस साजिश से सावधान रहने की जरूरत है। पवार ने कहा कि आंदोलनकारियों को ध्यान रखा जाना चाहिए कि उनके आंदोलन से औद्योगिक जगत को किसी तरह का नुकसान नहीं हो। महाराष्ट्र बंद के दौरान जो हिंसक आंदोलन हुआ उससे राज्य में निवेश प्रभावित होगा और जब निवेश प्रभावित होगा तो निश्चित ही राज्य में बेरोजगारी बढ़ेगी।

सबसे ज्यादा भूमिहीन मराठा

राकांपा अध्यक्ष ने गोखले अर्थ-राज्यशास्त्र संस्था की रिपोर्ट का हवाला देते हुए कहा कि किसान आत्महत्या में सबसे ज्यादा आत्महत्या मराठा किसानों ने की है। आत्महत्या का प्रमाण 46 फीसदी है। मराठा समाज में भूमिहीनों का प्रतिशत सबसे ज्यादा 28 फीसदी है, जबकि 54 फीसदी मराठा समाज अत्यंत अल्प भूमि धारक है। अल्प भूमिधारक 63 प्रतिशत किसान मराठा हैं। धीरे-धीरे मराठों की स्थित खराब होती चली जा रही है। ऐसे में मराठा समाज को आरक्षण की सख्त जरूरत है। हां, इसमें कुछ अड़चनें जरूर हैं जिन्हें दूर करना सरकार का काम है।

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