मिर्जा जूलियट

दर्शन कुमार, पिया बाजपेयी, चंदन रॉय सान्याल, प्रियांशु चटर्जी
Romance2 Hrs 5 Min
क्रिटिक रेटिंग3.0/5पाठको की रेटिंग3/5
चंद्र मोहन शर्मा | नवभारत टाइम्स 8 Apr 2017, 11:47 am
बॉलिवुड में बरसों से प्रेम कहानियों पर फिल्में बनाने का ट्रेंड रहा है। हीर-रांझा, रोमियो-जूलियट, शीरी-फरहाद, सोहनी-महीवाल या फिर लैला-मजनू की प्रेम कहानी के साथ कई फिल्मों का नाम तो जुड़ा, लेकिन अगर टिकट खिड़की पर कलेक्शन की बात की जाए तो ज्यादातर फिल्मों को बॉक्स ऑफिस पर औसत ओपनिंग तक नहीं मिल पाई। अगर आप फिल्म के टाइटल को देखकर रोमियो-जूलियट जैसी कोई लव स्टोरी देखने की चाह लिए थिअटर जा रहे हैं तो ऐसा इस फिल्म में कुछ नजर नहीं आएगा। सेंसर बोर्ड ने इस फिल्म के कई हॉट सीन पर कैंची चलाकर फिल्म को 'ए' सर्टिफिकेट दिया, लेकिन वहीं फिल्म के बेहद बोल्ड संवादों के साथ छेड़छाड़ नहीं की। फिल्म के कुछ संवाद ज्यादा ही बोल्ड हैं जो उस माहौल में फिट नहीं बैठते।


कहानी : दबंग बाहुबली धर्मराज शुक्ला (प्रियांशु चटर्जी) की बहन जूली शुक्ला (पिया बाजपेयी) अपने भाइयों की चहेती है। जूली का बड़ा भाई धर्मराज शुक्ला अपनी बहन के लिए कुछ भी कर सकता है और यही हाल जूली के दूसरे भाइयों नकुल और भीम का भी है। तीनों भाई अपनी बहन को बस हमेशा हर हाल में खुश देखना चाहते हैं। जूली के तीनों भाइयों का शहर में दबदबा है। सभी भाइयों ने बचपन से जूली को राजकुमारी की तरह पाल-पोसकर बड़ा किया है। अपने भाइयों की दबंगई का कुछ असर जूली में भी आ गया है, जूली भी कुछ ज्यादा ही बिंदास और मुंहफट है। दिल में आई बात फौरन बोल देती है। जूली किसी से नहीं डरती और अपने साथ रहने वालों को भी किसी से न डरने की सीख देती है। जूली के भाइयों ने अपनी बहन की शादी शहर के दबंग सत्ता तक पहुंच रखने वाले नेता, विधायक के बेटे राजन (चंदन रॉय सान्याल) के साथ तय कर दी है। जूली इस शादी के पक्ष में नहीं, लेकिन अपने भाइयों की खुशी की खातिर खुलकर शादी का विरोध भी नहीं कर पा रही। इस सिंपल कहानी में टिवस्ट उस वक्त आता है जब शादी से पहले राजन अपने घर में हो रही शादी से पहले के एक फंक्शन के दौरान वहां भाइयों के साथ पहुंची जूली से जबरन संबंध बनाता है। जूली राजन के खिलाफ पुलिस में रिपोर्ट दर्ज कराना चाहती है, लेकिन यहां उसके अपने भाई भी जब उसका साथ नहीं देते। ऐसे में मिर्जा (दर्शन कुमार) जूली का साथ देता है। मिर्जा दिल ही दिल जूली से प्यार करता है। दरअसल, बोल्ड, बिंदास जूली ने कभी राजन को जलाने के लिए मिर्जा के साथ वक्त बिताया और उसके साथ रिश्ते भी बनाए, लेकिन मिर्जा को जब पता चला जूली की शादी राजन के साथ होने वाली है तो उसने जूली से दूरियां बनाने का फैसला कर लिया। कुछ अर्से बाद जूली को भी मिर्जा से सच्चे प्यार का एहसास होता है। मिर्जा और जूली शुक्ला की यह अजीबोगरीब लव स्टोरी बंदूक की गोलियों, खूनखराबे के साए में इलाहाबाद से निकलकर नेपाल तक पहुंच जाती है।

ऐक्टिंग : जूली शुक्ला के किरदार को पिया बाजपेयी ने अपनी ओर से बेहतरीन बनाने की अच्छी कोशिश की है। दूसरी ओर इस लव स्टोरी में दर्शन कुमार का भाव विहीन चेहरा माइनस पॉइंट बनकर रह गया है। बेशक दर्शन ऐक्शन सीन में दर्शन खूब जमे तो मिर्जा के किरदार में अनफिट नजर आए। हां, फिल्म में धर्मराज बने किरदार में प्रियांशु चटर्जी खूब जमे हैं। इस फिल्म से प्रियांशु के रूप में ग्लैमर इंडस्ट्री को अच्छा विलन जरूर मिल गया है।

निर्देशन : यंग डायरेक्टर राजेश राम सिंह की बेशक स्क्रिप्ट पर पकड़ अच्छी रही, लेकिन न जाने क्यों उन्होंने कहानी को नॉर्थ बेल्ट की पंसद को ध्यान में रखकर आगे बढ़ाया है। कहानी और किरदारों पर उनकी राजेश ने जरूर पकड़ बनाए रखने के साथ-साथ यूपी और नेपाल की बेहतरीन लोकेशन पर फिल्म को शूट किया है। वहीं फिल्म की कहानी में कुछ भी नयापन नहीं है। बरसों से बाहुबली दबंग भाइयों की चहेती बहन और उसके प्रेमी को लेकर फिल्में बनती रही हैं। इस फिल्म में भी एकबार फिर यही सब दिखाया गया है। वहीं फिल्म में धर्म के नाम पर दंगे के सीन फिल्म में जबरन डाले हुए लगते हैं। इनका फिल्म की कहानी से कहीं कनेक्शन नहीं है, फिर भी इन्हें फिल्म का हिस्सा बनाया गया।

संगीत : फिल्म में कई गाने हैं, लेकिन ऐसा कोई गाना नहीं जो म्यूजिक लवर्स की कसौटी पर खरा उतर सके।

क्यों देखें : दर्शन कुमार के ऐक्शन सीन, कभी रोमांटिक हीरो रहे प्रियांशु चटर्जी के अलग अवतार को देखने के लिए फिल्म देख सकते हैं।

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