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क्या आईपीएल में खिलाड़ियों को मिलते हैं सबसे ज्यादा पैसे? दूर कर लीजिए अपना भ्रम

IPL 2023: आईपीएल की वजह से क्रिकेटरों की कमाई पहले के हिसाब से काफी ज्यादा बढ़ गई है। इंटरनेशनल क्रिकेट से ज्यादा पैसे वह लीग खेलकर कमा लेते हैं। कई लोग तो कहते हैं कि खिलाड़ियों को ज्यादा पैसे मिलते हैं। लेकिन सच्चाई कुछ और ही है। आइए जानते हैं कैसे?

Curated byऋषिकेश कुमार | नवभारतटाइम्स.कॉम 31 Mar 2023, 7:54 am

हाइलाइट्स

  • आईपीएल में खेलने के लिए करोड़ों रुपये पा रहे क्रिकेटर
  • सैम करेन को 2023 सीजन में मिले सबसे ज्यादा 18.5 करोड़
  • क्या उन्हें उतने पैसे मिल रहे जितने मिलने चाहिए?
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नई दिल्ली: आईपीएल का वैसे तो पूरा नाम इंडियन प्रीमियर लीग है, लेकिन इसे अकूत पैसों की वजह से इंडियन पैसा लीग भी कहा जाता है। ऑक्शन में एक झटके में खिलाड़ी करोड़ों में खेलने लगता है। इंग्लैंड के सैम करन को ही ले लीजिए। पंजाब किंग्स ने उन्हें 18.5 करोड़ रुपये में अपने साथ जोड़ा। ऑस्ट्रेलिया के कैमरून ग्रीन पर 17.5 करोड़ की बोली लगी। लखनऊ के कप्तान केएल राहुल को 17 करोड़ रुपये मिलते हैं। इसमें कोई दोराय नहीं कि क्रिकेट लीग के हिसाब से IPL में प्लेयर्स को सबसे ज्यादा पैसे मिलते हैं, लेकिन क्या अन्य खेल की लीग की तुलना खिलाड़ी उतरे पैसे पा रहे हैं, जितना वह डिजर्व करते हैं?


कमाई की तुलना में कम है सैलरी

दुनिया में क्रिकेट की तरह ही अन्य खेलों की भी लीग होती है। इसमें फुटबॉल, हॉकी, बास्केटबॉल समेत कई खेल शामिल हैं। दुनिया की अन्य सभी लीग में खिलाड़ियों को लीग की कमाई का लगभग 50 प्रतिशत भुगतान होता है। यानी अगर लीग की कमाई 2 रुपये है तो खिलाड़ियों को एक रुपया मिलता है। एनबीए, एनएफएल और मेजर लीग बेसबॉल में, तीन सबसे बड़ी अमेरिकी लीग में सभी खिलाड़ी लीग की रेवेन्यू का कम से कम 48 प्रतिशत कमाते हैं। डेलॉइट के अनुसार, 2020-21 में इंग्लैंड की प्रीमियर लीग में क्लब अपनी रेवेन्यू का 71 प्रतिशत खिलाड़ी के वेतन पर खर्च करते हैं।

18 प्रतिशत ही खिलाड़ियों को मिलता है

लेकिन टेलीग्राफ की रिपोर्ट के अनुसार आईपीएल के साथ ऐसा नहीं है। इस सीजन से प्रत्येक 10 फ्रेंचाइजियों को सालाना करीब 487 करोड़ रुपये मिलेंगे। इसके साथ ही करीब 50 करोड़ स्पॉन्सरशिप और मर्चेंडाइज की बिक्री से मिलने की उम्मीद है। मुंबई इंडियंस जैसी बड़ी फ्रेंचाइजी इससे ज्यादा भी कमा लेती हैं। औसतन फ्रेंचाइजी हर सीजन में 550 करोड़ रुपये कमाती है।

अन्य खेल की लीग में खिलाड़ियों को रेवेन्यू का मिलने वाला हिस्सा
प्रीमियर लीग: 71%
एमएलबी: 54%
एनबीए: 50%
एनएचएल: 50%
एनएफएल: 48%
आईपीएल: 18%

टीमों की इतनी कमाई के बाद भी खिलाड़ियों तक काफी छोटा हिस्सा ही पहुंचता है। इस साल, हर फ्रेंचाइजी को 95 करोड़ में खिलाड़ियों को खरीदना था। यह सबसे कम कमाई करने वाली फ्रेंचाइजी के रेवेन्यू का भी सिर्फ 18 प्रतिशत ही है। ज्यादा कमाई करने वाली टीमों के लिए तो यह हिस्सा और भी छोटा है।

तीन गुना होनी चाहिए सैलरी

ग्लोबल औसत देखें तो आईपीएल में खिलाड़ियों की सैलरी अभी के मुकाबले तीन गुणा होनी चाहिए। लेकिन क्या ऐसा होगा? आईपीएल दुनिया की सबसे बड़ी क्रिकेट लीग है। इसमें खेलने के लिए खिलाड़ी इंटरनेशनल मुकाबले भी छोड़ देते हैं।
लेखक के बारे में
ऋषिकेश कुमार
ऋषिकेश को खेल से अटूट रिश्ते ने पत्रकार बनाया। 2018 में मीडिया डेब्यू। Sportzwiki और दैनिक भास्कर एनएनआर की पिच पर बैटिंग के बाद अब NBT ऑनलाइन में छक्के-चौके उड़ा रहे। फुटबॉल के फुल टाइम और क्रिकेट के पार्ट टाइम फैन। यूरोपियन फुटबॉल में खास रुचि। टेनिस, बैडमिंटन, हॉकी के साथ कबड्डी और एथलेटिक्स भी देखना और उसके बारे में पढ़ना-लिखना पसंद। घूमने और खाने का शौक।... और पढ़ें

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