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Mary Kom Knocked Out: एमसी मेरी कॉम को ओलिंपिक पदक का सपना टूटा, कोलंबियाई बॉक्सर से मिली हार

छह बार की विश्व चैंपियन एमसी मेरी कॉम (51 किग्रा) का तोक्यो ओलिंपिक में मेडल जीतने का सपना टूट गया है। उन्हें महिला बॉक्सिंग के प्री-क्वॉर्टर फाइनल में कोलंबिया की तीसरी वरीयता प्राप्त इंग्रिट वालेंसिया से हार का सामना करना पड़ा है।

नवभारतटाइम्स.कॉम 29 Jul 2021, 9:00 pm

हाइलाइट्स

  • मेरी कॉम का ओलिंपिक मेडल का सपना टूटा
  • क्वॉर्टर फाइनल में कोलंबियाई बॉक्सर से हारीं
  • मुकाबला वालेंसिया ने 3-2 से किया अपने नाम
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नवभारतटाइम्स.कॉम tokyo olympics mary kom knocked out after losing 2 3 to ingrit valencia of colombia in round of 16 of 51kg event
Mary Kom Knocked Out: एमसी मेरी कॉम को ओलिंपिक पदक का सपना टूटा, कोलंबियाई बॉक्सर से मिली हार
तोक्यो
'सुपरमॉम' मेरी कॉम जब गुरुवार को रिंग में उतरीं तो उनके कंधे पर करोड़ों भारतीयों की उम्मदों का बोझ था। मेरी अब तक उन उम्मीदों पर खरी भी उतरी थीं। रेकॉर्ड 6 बार वर्ल्ड चैंपियन बनीं। दुनियाभर के तमाम सम्मानित प्रतिस्पर्धाओं में देश का गौरव बढ़ाया। ओलिंपिक में ब्रॉन्ज मेडल भी अपने नाम किया। कमी थी तो सिर्फ गोल्ड मेडल की, जिस सपने के लिए उन्होंने 38 वर्ष की उम्र में भी बॉक्सिंग जारी रखी और अपने सपने का पीछा करती रहीं। हालांकि, यह सपना तोक्यो ओलिंपिक में टूटा गया है।
छह बार की विश्व चैंपियन एमसी मेरी कॉम (51 किग्रा) को महिला बॉक्सिंग के प्री-क्वॉर्टर फाइनल में कोलंबिया की तीसरी वरीयता प्राप्त इंग्रिट वालेंसिया से 2-3 से हार का सामना करना पड़ा। भारतीय मुक्केबाज पहले राउंड में 1-4 से पिछड़ गयीं जिसमें पांच में से चार जज ने 10-9 के स्कोर से वालेंसिया के पक्ष में फैसला किया। अगले दो राउंड में पांच में से तीन जजों ने मेरी कॉम के पक्ष में फैसला किया लेकिन कुल स्कोर फिर भी वालेंसिया के हक में रहा।

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यह विडम्बना ही है कि वह तीन में से दो राउंड जीतने के बावजूद हार गयी। भारत की महान मुक्केबाज मेरी कॉम के साथ अपने अंतिम ओलिंपिक मुकाबले में ऐसा ही हुआ। मुकाबले के बाद 38 वर्षीय मेरी कॉम ने कहा, ‘नहीं पता कि क्या हुआ, पहले दौर में मुझे लगा कि हम दोनों एक दूसरे की रणनीति को भांपने की कोशिश कर रहे थे और इसके बाद मैंने दोनों राउंड जीते।’

जब रेफरी ने मुकाबले के अंत में वालेंसिया का हाथ ऊपर उठाया तो मेरी कॉम की आंखों में आंसू थे और चेहरे पर मुस्कान थी। जिस तरीके से वालेंसिया पहली घंटी बजने के बाद भागी थी, उससे लग रहा था कि यह मुकाबला कड़ा होने वाला है और ऐसा ही हुआ। शुरू से ही दोनों मुक्केबाज एक दूसरे पर मुक्के जड़ रही थीं।

कोलंबिया की तीसरी वरीयता प्राप्त इंग्रिट वालेंसिया 2016 रियो ओलिंपिक की ब्रॉन्ज मेडल विजेता हैं। मेरी कॉम इससे पहले दो बार इस कोलंबियाई मुक्केबाज से भिड़ी थी और दोनों में जीती थीं, जिसमें 2019 विश्व चैंपियनशिप का क्वॉर्टर फाइनल भी शामिल है।

इससे पहले उन्होंने डोमेनिका गणराज्य की मिगुएलिना हर्नांडिज गार्सिया पर शानदार जीत से प्री-क्वॉर्टर फाइनल में एंट्री ली थी। ओलिंपिक 2012 की ब्रॉन्ज मेडल विजेता मेरी कॉम ने अपने से 15 साल जूनियर और पैन अमेरिकी खेलों की ब्रॉन्ज मेडल विजेता को 4-1 से शिकस्त दी थी।

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