ऐपशहर

अंशु मलिक: उम्र सिर्फ 19 साल पर कुश्ती में कर रही है यह 'छोरी' कमाल

अंशु के परिवार में कई पहलवान हैं। और बचपन से ही उनका रुझान कुश्ती की ओर था। उन्होंने जूनियर लेवल पर ही अपने फन का प्रदर्शन शुरू कर दिया था। अंशु की कहानी कैसी रही है एक नजर इस पर डालते हैं।

नवभारतटाइम्स.कॉम 8 May 2021, 10:35 am
नई दिल्ली
नवभारतटाइम्स.कॉम anshu-malik
अंशु मलिक

एशियन ओलिंपिक क्वॉलिफायर्स के 57 किलोग्राम भारवर्ग के फाइनल में पहुंचकर अंशु मलिक ने ओलिंपिक कोटा हासिल किया। अप्रैल में हुए इस टूर्नमेंट में ही सोनम ने भी ओलिंपिक के लिए क्वॉलिफाइ किया था। अंशु का परिवार भी पहलवानों का है। हरियाणा के निदानी गांव की रहने वाली अंशु के पिता धर्मवीर, चाचा पवन और भाई शुभम ने भी कुश्ती में हाथ आजमाए हैं।

क्वॉलिफायर्स में अंशु ने साउथ कोरिया की ओलिंपिक पहलवान जिउन उन को 10-0 से हराया और कजाकिस्तान की एमा तिसिना को भी 10-0 से मात दी। इसके बाद सेमीफाइनल में उजबेकिस्तान की शोखिदा अखमेदोवा को 12-2 से हराकर तोक्यो ओलिंपिक का टिकट हासिल किया। हालांकि फाइनल में उन्हें मंगोलिया की पहलवान खोगोरजुल बोल्डसाइखान ने हाथों 7-4 से हार का सामना करना पड़ा।

उनके पिता भारतीय जूनियर रेसलिंग टीम का हिस्सा थे वहीं चाचा पवन साउत एशियन गेम्स में गोल्ड मेडल जीत चुके हैं। अंशु ने 11 साल की उम्र में अपने भाई के साथ कुश्ती शुरू की। उनका परिवार उनके साथ रहा। अंशु के पिता का सपना था कि उनकी बेटी ओलिंपिक में देश का प्रतिनिधित्व करे और अब अंशु ऐसा करने के करीब पहुंच चुकी है।

अंशु के पापा ने एक अंग्रेजी अखबार से कहा था, 'जिस दिन अंशु ने रेसलिंग शुरू की मेरा सपना था कि वह ओलिंपिक में खेले। यह ओलिंपिक मेडल जीतने की राह का एक पड़ाव है।'

अंशु की आदर्श चार बार की ओलिंपिक मेडिलिस्ट काओरी इचो हैं। इचो ने एथेंस 2004, बीजिंग 2008, लंदन 2021 और रियो 2016 यानी लगातार चार ओलिंपिक में गोल्ड मेडल अपने नाम किए। 2018 मेंएक इंटरव्यू के दौरान कहा था, 'मेरी आदर्श काओरी इचो हैं। उन्होंने चार बार ओलिंपिक गोल्ड जीता। मैं हमेशा उनके वीडियो देखती रहती हूं।'

ओलिंपिक में महिला कुश्ती में जापान का दबदबा है। उन्होंने अभी तक ओलिंपिक में 18 में से 11 पदक जीते हैं।

चोट से उबरीं
मार्च में सोनम को पीठ में चोट लग गई थीं। इससे उनके प्रदर्शन पर असर पड़ने का अंदेशा था लेकिन अप्रैल मे कोटा हासिल कर उन्होंने थोड़ी राहत हासिल की होगी।

सोनम से दोस्ती, पर दोनों के पिता में होने लगी थी लड़ाई
सोनम मलिक से अंशु की अच्छी दोस्ती है। अंशु कहती हैं कि हम दोनों एक ही उम्र की हैं। हमने जूनियर लेवल पर एक ही टूर्नमेंट जीता है। लेकिन एक वक्त ऐसा था जब दोनों के बीच प्रतिस्परधा थी। साल 2016 में स्कूल स्तर पर एक प्रतियोगिताय में दोनों के बीच नरवाना में मुकाबला था। इसमें सोनम ने जीत हासिल की थी। अंशु कहती है, 'हम तब एक-दूसरे को जानती नहीं थीं। हमारा मैच बहुत करीबी हुआ। सोनम ने मुझे हरा दिया। पर मेरे पिता को लगता था कि मुझे जीतना चाहिए था। आखिर में सोनम के पिता और मेरे पिता में बहुत बहस हो गई। वे लड़ने ही वाले थे।'

वह सिर्फ 19 साल की हैं, लेकिन इनके नाम 2020 में इंडिविजुअल वर्ल्ड कप में सिल्वर मेडल, उसी साल एशियन चैंपियनशिप में ब्रॉन्ज मेडल। वर्ल्ड कैडेट चैंपियनशिप में तीन मेडल (एक गोल्ड, दो ब्रॉन्ज) हैं। इसके साथ ही एशियन जूनियर चैंपियनशिप में गोल्ड मेडल और वर्ल्ड जूनियर रेसलिंग चैंपियनशिप में सिल्वर मेडल भी शामिल है।

अगला लेख

Sportsकी ताजा खबरें, ब्रेकिंग न्यूज, अनकही और सच्ची कहानियां, सिर्फ खबरें नहीं उसका विश्लेषण भी। इन सब की जानकारी, सबसे पहले और सबसे सटीक हिंदी में देश के सबसे लोकप्रिय, सबसे भरोसेमंद Hindi Newsडिजिटल प्लेटफ़ॉर्म नवभारत टाइम्स पर
ट्रेंडिंग