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बिहार पंचायत चुनाव : 'लॉटरी के डिब्बे को जीत का श्रेय', मुंगेर में बहू ने सास को हराया, बोली- अब बाहर मेरा राज

Bihar Panchayat Chunav में चौंकाने वाले नतीजों के आने का सिलसिला जारी है। मुंगेर में एक बहू ने अपनी सास को हरा दिया। दोनों को बराबर वोट आने पर अधिकारियों ने लकी ड्रॉ से फैसला लिया।

नवभारतटाइम्स.कॉम 14 Nov 2021, 6:46 pm

हाइलाइट्स

  • बिहार पंचायत चुनाव में चौंकाने वाले नतीजे
  • मुंगेर में एक बहू ने अपनी सास को हरा दिया
  • सास और बहू दोनों को मिले बारबर वोट
  • अधिकारियों ने लकी ड्रॉ से लिया फैसला
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नवभारतटाइम्स.कॉम munger bahu ko mili jeet.
मुंगेर
बिहार पंचायत चुनाव में एक बहू अपनी सास पर भरी पड़ गई। लकी ड्रॉ में बहू की किस्मत ने साथ दिया और उसने सास को मात दे दी। हालांकि आखिर तक दोनों मैदान में डटी रहीं। मगर अंत में बाजी बहू के हाथ लगी। इसके बाद सुनीता देवी के चेहरे पर मुस्कान छा गई।
सास-बहू में आखिर तक मुकाबला
दरअसल इस बार पंचायत चुनाव में अजब-गजब घटनाएं हो रही है। अब तक जो नतीजे आए हैं उनमें ज्यादातर जीते हुए उम्मीदवार हार गए। लोगों ने नए प्रत्याशियों पर भरोसा जताया है। मुंगेर के धरहरा प्रखंड के 13 पंचायतों के लिए पूरब सराय स्थित डायट सेंटर में काउंटिंग हुई। इस दौरान बाहा चौकी पंचायत के वार्ड नंबर-4 के सदस्य पद के लिए सास-बहू में कांटे की टक्कर थी। सास और बहू दोनों ने अपने-अपने पक्ष में जमकर चुनाव प्रचार किया था। मतगणना के दौरान भी सास-बहू डटी हुई थीं।

सास पर भारी पड़ी बहू की किस्मत
पूरब सराय काउंटिंग सेंटर पर चौकी पंचायत के वार्ड नंबर-4 के सदस्य पद के लिए तारा देवी और सुनीता देवी को 144-144 वोट मिले थे। दोनों सास-बहू हैं और दोनों को बराबर-बराबर मत भी मिले। रिजल्ट फंस गया। सोच-विचार के बाद अधिकारियों ने लॉटरी से इसका फैसला करने का निर्णय लिया। निर्वाची पदाधिकारी मृत्युंजय कुमार ने मीडिया से कहा कि दोनों को बराबर मत मिलने की वजह से लॉटरी के जरिए जीत हार का फैसला हुआ। कागज पर दोनों का नाम लिखकर डिब्बे में पर्ची डाला गया। इसमें बहू सुनीता देवी विजयी घोषित हुईं।

कांटे की टक्कर में सास को मात
हारने के बाद तारा देवी ने मीडिया से कहा कि इससे पहले वो तीन बार वार्ड सदस्य का चुनाव लड़ चुकी हैं और तीनों बार निर्विरोध चुनी गईं थीं। इस बार बहू भी खड़ी हो गई। किस्मत ने बहू का साथ दिया। जबकि नव निर्वाचित वार्ड सदस्य सुनीता देवी ने कहा कि मैं जीत का श्रेय लॉटरी के डिब्बे और किस्मत को देती हूं क्योंकि इस डब्बे में ही मेरी किस्मत बंद थी। मुझे खुशी है। घर में तो सास का ही राज चलता है और अब बाहर मेरा राज चलेगा।

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