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मुजफ्फरपुर: स्कूल जाती थी, इसलिए अपनी ही जाति के लोगों ने कर दी नाबालिग की हत्या

बिहार के मुजफ्फरपुर में एक नाबालिग बच्ची की इसलिए हत्या कर दी गई, क्योंकि वह पढ़ती थी। वह जिस समुदाय की थी, उस समुदाय के लोग मैट्रिक के आगे लड़कियों को नहीं पढ़ाते हैं। बच्ची इंटरमीडिएट में पढ़ रही थी और यह बात आरोपियों को अच्छी नहीं लगी।

टाइम्स न्यूज नेटवर्क 2 Apr 2019, 9:37 am

हाइलाइट्स

  • बिहार के मुजफ्फरपुर में सात लोगों ने मिलकर 17 वर्षीय लड़की की हत्या कर दी
  • लड़की को सिर्फ इसलिए जान से मार दिया गया, क्योंकि वह स्कूल जाती थी
  • आरोपी चाहते थे कि लड़की स्कूल जाना बंद कर दे, मामले में 7 के खिलाफ FIR
  • पुलिस ने सात आरोपियों में से चार को गिरफ्तार किया, जबकि तीन अब भी फरार
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नवभारतटाइम्स.कॉम सांकेतिक चित्र
सांकेतिक चित्र
मुजफ्फरपुर
बिहार के मुजफ्फरपुर में एक अजीब मामला सामने आया है। यहां सात लोगों ने मिलकर 17 वर्षीय लड़की की हत्या कर दी। लड़की को सिर्फ इसलिए जान से मार दिया गया, क्योंकि वह स्कूल जाती थी और आरोपी चाहते थे कि वह स्कूल जाना बंद कर दे। यह घटना सानपुरा गांव की है। पुलिस ने सात आरोपियों में से चार को गिरफ्तार कर लिया है, जबकि तीन अभी भी फरार हैं।
पीड़िता बालिका का नाम आशा था। यह मामला रविवार शाम को सामने तब आया, जब आशा के भाई बबन राय ने शुक्रवार की रात उसकी हत्या करने के आरोपी के खिलाफ मोतीपुर पुलिस स्टेशन में प्राथमिकी दर्ज कराई। एफआईआर में बबन ने यह भी आरोप लगाया कि आरोपियों ने उसे और उसकी पत्नी को अपने ही घर में कई घंटों तक बंधक बनाकर रखा।

एक ही जाति के लड़की और आरोपी
गांव के एक व्यक्ति ने नाम प्रकाशित न करने की शर्त पर बताया कि लड़की और आरोपी एक ही जाति के हैं। समुदाय के लोग मैट्रिक स्तर से आगे की पढ़ाई करने वाली हर लड़की के खिलाफ होते हैं। आशा इंटरमीडिएट की पढ़ाई रही थी और यह बात उन लोगों को मंजूर नहीं थी इसलिए वे उसके खिलाफ थे। उन्हें लगा कि आशा उन लोगों के नियमों का उल्लंघन कर रही है।

बबन ने बताया कि वह घटना के समय गांव में नहीं था। राजन कुमार नाम के व्यक्ति ने उन्हें फोन किया और उन्हें आशा की कथित आत्महत्या कर लेने की सूचना दी। बबन का आरोप है कि जैसे ही वह अपने घर पहुंचे, उन्होंने देखा कि आशा का शव कमरे में पड़ा है। वहां मौजूद सात ग्रामीणों ने उन्हें बंदूक की नोक पर धमकी दी और आशा का जबरन दाह संस्कार करने को कहा।

सात के खिलाफ एफआईआर दर्ज
डीएसपी (पश्चिम) केएम प्रसाद ने बताया, 'इस मामले में सात लोगों के खिलाफ नामजद एफआईआर दर्ज की गई है। सात आरोपियों में से चार को गिरफ्तार कर लिया गया है और उनसे पूछताछ की जा रही है।' बबन ने कहा कि आरोपी उसे शुरू से ही धमकी दे रहे थे कि अगर आशा ने स्कूल जाना जारी रखा तो उसे और उसके परिवार को इसका अंजाम भुगतना पड़ेगा। यहां तक कि आशा को पढ़ाने वाले टीचर को भी धमकी देकर उसका नाम काटने को कहा गया था।

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