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Bihar Coronavirus : बिहार में ज्यादातर कोविड पॉजिटिव होम आइसोलेशन में, घूमने-फिरने के चलते नौजवान हो रहे ज्यादा संक्रमित

Omicron in Bihar : बिहार में कोरोना के बीच स्वास्थ्य विभाग ने एक राहत देने वाली खबर दी है। राज्य स्वास्थ्य विभाग के मुताबिक बिहार में ज्यादातर लोग होम आइसोलेशन में हैं यानि उन्हें दूसरी लहर की तरह भारी दिक्कतों का सामना नहीं करना पड़ रहा।

Edited byऋषिकेश नारायण सिंह | टाइम्स न्यूज नेटवर्क 6 Jan 2022, 10:44 am
पटना
नवभारतटाइम्स.कॉम coronavirus
फाइल फोटो

इस तथ्य के बावजूद कि बिहार में कोविड -19 मामले तेजी से बढ़ रहे हैं, राज्य के स्वास्थ्य विभाग ने बताया है कि कुल संक्रमित लोगों में से 97% लोग बिना या हल्के लक्षणों के होम आइसोलेशन में हैं, जबकि 3% अस्पताल में भर्ती हैं।

अस्पतालों में इस बार कम मरीज
बताया गया है कि अस्पतालों में भर्ती होने वाले या तो वरिष्ठ नागरिक हैं या फिर वो लोग हैं जिन्हें पहले से शुगर या बीपी या फिर कोई और गंभीर बीमारी है। स्टेट हेल्थ सोसाइटी (SHS) की ओर से साझा किए गए आंकड़ों के अनुसार बुधवार तक 3,697 सक्रिय मामले थे। इनमें से 116 स्वास्थ्य सुविधाओं में थे और 3,581 घर पर आइसोलेशन में थे। इसके अलावा, विभिन्न अस्पतालों में कोविड रोगियों के लिए कुल 25,178 बिस्तर उपलब्ध थे।
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लोगों को घबराने की जरुरत नहीं- स्वास्थ्य विभाग
स्वास्थ्य विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव प्रत्यय अमृत ने मीडियाकर्मियों को बताया कि 'तीसरी लहर की वर्तमान प्रवृत्ति ने संकेत दिया है कि अधिकांश लोगों को अस्पताल में भर्ती होने की आवश्यकता नहीं थी और जो अस्पताल आए उनकी उम्र 60 या उससे अधिक थी। घबराने की बिल्कुल कोई वजह नहीं है। अपने ऑक्सीजन लेवल की निगरानी करें और SpO2 में गिरावट की स्थिति में अस्पताल में भर्ती हों। लेकिन इस दौरान बुजुर्गों को ज्यादा ख्याल रखा जाए।'
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'तीन दिन बुखार न आए तो समझिए ठीक हो गए'
केंद्र सरकार के दिशानिर्देशों को साझा करते हुए प्रत्यय अमृत ने कहा कि 'पहली और दूसरी लहर के उलट जब होम आइसोलेशन में एक मरीज को 10 दिनों के बाद ठीक माना जाता था, तो समय सीमा को घटाकर सात दिन कर दिया गया था। अगर किसी आइसोलेटेड व्यक्ति को लगातार तीन दिन तक बुखार नहीं आता है तो वह सात दिन बाद खुद को फिट घोषित कर सकता है। उसे टेस्ट कराने की कोई जरूरत नहीं है।'

घूमने-फिरने के चलते नौजवानों में ज्यादा संक्रमण
इसी बीच जानकारी मिली है कि संक्रमित लोगों में 60 फीसदी मर्द और 40 प्रतिशत औरते हैं। स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों के अनुसार कुल 15 दिन तक कोरोना पॉजिटिव पर स्टडी की गई। पता चला कि कुल 1600 कोविड पॉजिटिव में करीब 32 फीसदी वो लोग हैं जिनकी उम्र 21 से लेकर 30 साल की है यानि करीब 512 लोग। जबकि बाकी 68% संक्रमितों में पांच साल के बच्चों से लेकर 80 साल तक की आयु वाले हैं। विशेषज्ञों के मुताबिक इसकी चपेट में ज्यादातर नौजवान इसलिए आए हैं क्योंकि काम-धंधे की वजह से उन्हें बाहर निकलना पड़ रहा है। लेकिन अच्छी बात ये है कि इन्हें वैक्सीन लगी हुई है और ज्यादातर में कोई बड़ी बीमारी नहीं है इसीलिए ऐसे युवा जल्दी ठीक भी हो रहे हैं।
लेखक के बारे में
ऋषिकेश नारायण सिंह
नवभारत टाइम्स डिजिटल के बिहार-झारखंड प्रभारी। पत्रकारिता में जनमत टीवी, आईबीएन 7, ईटीवी बिहार-झारखंड, न्यूज18 बिहार-झारखंड से होते हुए टाइम्स इंटरनेट तक 17 साल का सफर। राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली से शुरुआत के बाद अब बिहार कर्मस्थल। देश, विदेश, अपराध और राजनीति की खबरों में गहरी रुचि। डिजिटल पत्रकारिता की हर विधा को सीखने की लगन।... और पढ़ें

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