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Bihar News : बीजेपी के एक ही जाति के इन 2 एमएलसी के बीच कंपटीशन, किसकी लगेगी नीतीश कैबिनेट में जाने की लॉटरी?

बिहार विधानसभा चुनाव 2020 में जीत के बाद 16 नवंबर को नीतीश कुमार ने सातवीं बार बिहार के मुख्यमंत्री के तौर पर शपथ ग्रहण किया था। 16 नवंबर को ही मुख्यमंत्री समेत 15 विधायकों ने भी मंत्री पद की शपथ ली थी। इसके बाद 9 फरवरी 2021 को मंत्रिमंडल विस्तार ने 17 विधायकों ने मंत्री पद की शपथ ली थी। यानी अभी नीतीश मंत्रिमंडल में पांच मंत्री और शामिल किए जा सकते हैं।

Written byNeel Kamal | नवभारतटाइम्स.कॉम 21 Mar 2021, 12:03 am

हाइलाइट्स

  • बीजेपी कोटे से MLC देवेश कुमार और रजनीश कुमार में से एक होंगे नीतीश मंत्रिमंडल में शामिल
  • भूमिहार समाज से आने वाले दोनों नेता के लिए बड़े नेताओं ने शुरू की लाबिंग
  • फिलहाल नीतीश मंत्रिमंडल में पांच राजपूत, तीन ब्राह्मण, दो भूमिहार और एक कायस्थ समाज के हैं मंत्री
  • पूर्व के नीतीश सरकार में भूमिहार समाज से बनाए गए थे तीन मंत्री
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पटना।
बिहार विधान सभा चुनाव 2020 में सीट के बंटवारे से लेकर मंत्री पद तक बीजेपी व जेडीयू ने 50 - 50 का फॉर्मूला अपनाया था। यही 50 - 50 का फॉर्मूला बिहार विधान परिषद में राज्‍यपाल कोटे की खाली 12 सीटों पर भी देखने को मिला। बता दें कि राज्यापल कोटे से मनोनीत होने वाले विधान पार्षद में बीजेपी के 6 और जेडीयू के 6 एमएलसी शामिल है। इसलिए यह माना जा रहा है कि नीतीश कैबिनेट में जेडीयू और बीजेपी कोटे से दो - दो मंत्री और बनाए जा सकतें है।
बीजेपी कोटे से एक ही जाति के किन दो एमएलसी में एक को नीतीश मंत्रीमंडल में शामिल कराने के लिए नेताओं के बीच रस्साकशी चल रही है। इसे जानने के पहले आप यह जान लें कि नीतीश मंत्रिमंडल का जातीय समीकरण क्या है। दरअसल 16 नवंबर 2020 को जब नीतीश कुमार के साथ 15 विधायकों ने मंत्रीपद की शपथ ली थी उनमें बीजेपी के 7 जेडीयू के 5 और एक जीतन राम मांझी की पार्टी और एक वीआईपी के विधायक शामिल थे। देखिए 16 नवंबर 2020 को किस दल के किस जाति के विधायक ने ली थी मंत्री पद की शपथ...
1. नीतीश कुमार - मुख्यमंत्री, जेडीयू (कुर्मी)
2. तारकिशोर प्रसाद - डिप्टी सीएम, बीजेपी (कलवार)
3. रेणु देवी - डिप्टी सीएम, बीजेपी (नोनिया)
4. विजेंद्र यादव - जेडीयू (यादव)
5. मेवालाल चौधरी - जेडीयू (कोईरी)
6. अशोक चौधरी - जेडीयू (पासी)
7. विजय चौधरी - जेडीयू (भूमिहार)
8. शीला कुमारी - जेडीयू (धानुक)
9. संतोष कुमार सुमन - हम (मुसहर)
10. मुकेश सहनी - वीआइपी (मल्लाह)
11. मंगल पांडेय - बीजेपी (ब्राह्मण)
12. अमरेंद्र प्रताप - बीजेपी (राजपूत)
13. रामप्रीत पासवान - बीजेपी (पासवान)
14. जीवेश कुमार - बीजेपी (भूमिहार)
15. रामसूरत कुमार - बीजेपी (यादव)

बता दें कि मंत्री के तौर पर शपथ लेने वाले मेवालाल चौधरी मे पदभार ग्रहण करने के फौरन बाद इस्तीफा दे दिया था। इसके बाद 9 फऱवरी 2021 को हुए नीतीश मंत्रीमंडल विस्तार में राजपूत समाज से आने वाले सुभाष सिंह, नीरज कुमार सिंह 'बब्लू' (BJP), लेशी सिंह, सुमित सिंह( JDU) शामिल हुए। वहीं मुस्लिम समाज से शाहनवाज हुसैन और मोहम्मद जमा खान मंत्री बनाए गए। ब्राह्मण समाज से आलोक रंजन और संजय झा और कुशवाहा समाज से सम्राट चौधरी और जयंत राज को मंत्री बनाया गया। इसके अलावा वैश्य समाज से प्रमोद कुमार और नारायण प्रसाद मंत्री बने। वहीं महादलित तबके से आने वाले पूर्व सांसद जनक राम और दलित तबके से आने वाले बिहार के पूर्व डीजी सुनील कुमार के साथ कुर्मी समाज से श्रवण कुमार , कायस्थ समाज से नितिन नवीन और मल्लाह समाज से मदन सहनी को मंत्री बनाया गया।

फिलहाल नीतीश मंत्रिमंडल में पांच मंत्री राजपूत समाज के तो ब्राह्मण समाज से आने वाले तीन विधायक मंत्रीमंडल में शामिल है। वही अगड़ी जाति से ही आनेवाले भूमिहार समाज के दो और कायस्थ समाज से एकमात्र नितिन नवीन को नीतीश मंत्रिमंडल में शामिल किया गया है। सूत्र बताते है कि राजपूत के पांच और ब्राह्मण समाज के तीन विधायकों को मंत्री बनाए जाने के बाद भूमिहार समाज में नाराजगी है। जिसे दूर करने के लिए बीजेपी अपने कोटे से एक भूमिहार विधान पार्षद को मंत्रिमंडल में शामिल कराने की तैयारी कर रही है।

राज्यपाल कोटे से मनोनीत होने वाले देवेश कुमार और एमएलसी रजनीश कुमार की है चर्चा
बीजेपी के सूत्र की माने तो बीजेपी कोटे से एक भूमिहार समाज के एमएलसी को नीतीश कैबिनेट में शामिल कराने की तैयारी पूरी कर ली गई थी। लेकिन मामला तब फंस गया जब बीजेपी के एक वरिष्ठ नेता ने एमएलसी रजनीश कुमार के लिए लाबिंग करना शुरू कर दिया। बताया जाता है कि बीजेपी की ओर से राज्यपाल कोटे से मनोनीत होने वाले देवेश कुमार का मंत्रिमंडल में शामिल होना लगभग तय माना जा रहा था। लेकिन रजनीश कुमार के लिए लाबिंग शुरू होने बाद मामला लटक चुका है। सूत्र की माने तो देवेश कुमार को प्रदेश नेतृत्व का समर्थन है तो रजनीश कुमार के लिए बिहार के वरिष्ठ नेता और सांसद की ओर से जोर लगाया जा रहा है।

सूत्र यह भी बताते है कि मंत्रिमंडल विस्तार के दौरान भी देवेश कुमार का नाम मंत्रीपद के लिए केंद्रीय नेतृत्व को भेजा गया था। लेकिन लाबिंग की वजह से ही उनका नाम हटा दिया गया था। अब जबकि देवेश कुमार बिहार विधान परिषद के सदस्य बन चुके है लिहाजा उन्हे मंत्री बनाने की कोशिश फिर से तेज हो गई है। बता दें कि देवेश कुमार पत्रकारिता के क्षेत्र से आते है और उन्होंने कई बड़े मीडिया हाउस में उच्च पद पर काम किया है। वहीं रजनीश कुमार बिहार विधान परिषद में सत्तारूढ दल के मुख्य सचेतक रह चुके हैं। बता दें कि तीन दिन पहले ही रजनीश कुमार को पद से हटाकर उनकी जगह जेडीयू के संजय कुमार सिंह उर्फ संजय गांधी को विधान परिषद में सत्तारूढ दल का मुख्य सचेतक बनाया गया है।
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