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ना ऑफिस, ना कर्मचारी, बेच डाला 73 करोड का कोयला... पूरे खेल में भौचक्क करने वाली है बिहार की देहाती महिला की पहचान

Madhubani Tax and Gst Fraud : बिहार सरकार के वाणिज्य कर विभाग ने एक ऐसे फर्जीवाड़े का खुलासा किया है जिसके बारे में जानकर तो एक बार अफसर भी चकरा गए। एक ग्रामीण महिला के नाम पर बनी कंपनी ने 73 करोड़ रुपयों का कोयला बेच डाला। अब इस मामले की गहराई से पड़ताल शुरू कर दी गई है।

Edited byऋषिकेश नारायण सिंह | टाइम्स न्यूज नेटवर्क 28 May 2022, 10:12 am
पटना: राज्य वाणिज्य कर विभाग ने वस्तु एवं सेवा कर (जीएसटी) की चोरी के जरिए 73 करोड़ रुपये के कोयले की फर्जी बिक्री में शामिल एक शेल फर्म (सिर्फ कागज पर बनी कंपनी) का खुलासा किया है। आयुक्त वाणिज्यिक कर विभाग ( सीटीडी ) डॉ प्रतिमा के निर्देश पर कार्रवाई करते हुए अधिकारियों ने कोयले का कारोबार करने वाली मधुबनी स्थित एक फर्म का निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान, साइट पर कोई व्यावसायिक गतिविधि नहीं पाई गई, जैसा कि इसके पंजीकरण में उल्लेख किया गया है। फर्म की मालिक एक ग्रामीण महिला पाई गई जिसका कोई व्यावसायिक संबंध नहीं था।
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बिना किसी खरीद के बेच दिया 73 करोड़ का कोयला
डेटा एनालिटिक्स के माध्यम से, सीटीडी की जांच इकाई ने पाया कि फर्जी फर्म ने बिना किसी खरीद के 73 करोड़ रुपये का कोयला बेचा था। हद तो ये कि इसके लिए आईटीसी के माध्यम से कर की कुल राशि का भुगतान किया गया था।वो भी तब भी जब भुगतान के लिए उनके पास आईटीसी यानि इनपुट टैक्स क्रेडिट उपलब्ध नहीं था। अधिकारियों ने कहा कि जांच के दौरान यह पाया गया कि फर्जी फर्म ने इस चोरी में अहम भूमिका निभाई। इस दौरान कंपनी ने अपनी सप्लाई चेन के जरिए कई अन्य फर्मों से फर्जी या अवैध लेन-देन किया।
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बिहार-झारखंड से बंगाल तक टैक्स चोरी का कनेक्शनइसने झारखंड से 14 , बिहार से दो और उत्तर प्रदेश, महाराष्ट्र और पश्चिम बंगाल से एक-एक सहित कुल 19 फर्मों को कोयले की आपूर्ति की है। झारखंड ट्रेल के विश्लेषण के प्रारंभिक चरण में, अधिकारियों ने पाया कि झारखंड की 14 फर्मों में से, चार फर्मों का पंजीकरण कर अधिकारियों द्वारा रद्द कर दिया गया था, जो इस सिंडिकेट की फर्जी प्रकृति को और साबित करता है। बाकी 10 फर्में भी नई पंजीकृत थीं। प्रतिमा ने कहा कि विभाग इस सिंडिकेट में शामिल फर्मों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करेगा। उन्होंने कहा 'कोयला व्यापार में होने वाली धोखाधड़ी और कर चोरी को रोकने के लिए, विभाग निर्यात दिखाने वाले अन्य ट्रेल्स और व्यापारियों की भी जांच कर रहा है।'
लेखक के बारे में
ऋषिकेश नारायण सिंह
नवभारत टाइम्स डिजिटल के बिहार-झारखंड प्रभारी। पत्रकारिता में जनमत टीवी, आईबीएन 7, ईटीवी बिहार-झारखंड, न्यूज18 बिहार-झारखंड से होते हुए टाइम्स इंटरनेट तक 17 साल का सफर। राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली से शुरुआत के बाद अब बिहार कर्मस्थल। देश, विदेश, अपराध और राजनीति की खबरों में गहरी रुचि। डिजिटल पत्रकारिता की हर विधा को सीखने की लगन।... और पढ़ें

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