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Gujarat News: गुजरात के इस गांव की छतों को जरा गौर से देखिए, PM मोदी का 'S' प्लान छिपा है

गुजरात के मोढेरा का जिक्र आते ही सूर्य मंदिर (सन टेंपल) की छवि मन में उभरती है। मोढेरा की यही पहचान 2022 में नई ऊंचाई देने जा रही है। पीएम मोदी 9 अक्तूबर को मोढेरा को देश का पहला सोलर विलेज घोषित करेंगे। गांव के सभी काम और सूर्य मंदिर में तमाम गतिविधियां सौर उर्जा से रोश होगा।

Curated byअचलेंद्र कटियार | नवभारतटाइम्स.कॉम 7 Oct 2022, 3:44 pm

हाइलाइट्स

  • पीएम मोदी मोढेरा को सोलर विलेज घोषित करेंगे
  • 9 अक्टूबर को मोढेरा पहुंचेंगे पीएम नरेंद्र मोदी
  • गांव 1300 से अधिक घरों में रूपटॉप लगे हैं
  • मोढेरा सूर्य मंदिर में सौर ऊर्जा से होंगे सभी काम
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मोढेरा गांव की ड्रोन इमेज।
अहमदाबाद: सूर्य मंदिर के लिए विश्व भर में प्रसिद्ध गुजरात का मोढेरा अब देश का पहला चौबीसों घंटे और सातों दिन सौर ऊर्जा से संचालित गांव बनने जा रहा है। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी गुजरात के दौरे पर 9 अक्टूबर के दिन मोढेरा को सौर ऊर्जा संचालित गांव घोषित करेंगे। इस गांव में स्थित मोढेरा सूर्य मंदिर समेत गांव के सभी घरों में तमाम कामकाज सूर्य की ऊर्जा से होंगे। ऐसे में कह सकते हैं कि यह गांव की सूर्य से संचालित होगा। केंद्र और राज्य सरकार ने दो चरणों में इस सोलर विलेज बनाया है।
नए युग में नई पहचान
विश्व प्रसिद्ध मोढेरा को आधुनिक समय में नई पहचान देने के लिए सरकार ने 80.66 करोड़ रुपये खर्च किए हैं। मोढेरा को सोलर विलेज बनाने के लिए मेहसाणा के सुजानपुरा में बैटरी एनर्जी स्टोरेज सिस्टम (BESS) के साथ एकीकृत सौर ऊर्जा परियोजना को अमल में लाया गया है। यह सूर्य मंदिर से मात्र 6 किलोमीटर की दूरी पर स्थित है। इससे मोढेरा को चौबीसों घंटे सौर ऊर्जा आधारित बिजली मिलेगी। इस परियोजना को'सोलराइजेशन ऑफ मोढेरा सन टेम्पल एंड टाउन' का नाम दिया गया है। गुजरात सरकार ने इस परियोजना के विकास के लिए 12 हेक्टेयर भूमि आवंटित की है।

हर घर में है रूफटॉप
सौर ऊर्जा से बिजली की सुविधा प्राप्त करने वाले मोढेरा के सभी 1300 घरों में से प्रत्येक घर में एक किलोवॉट की क्षमता वाले सोलर रूफटॉप सिस्टम को स्थापित किया गया है। इन सौर पैनलों के माध्यम से दिन के समय बिजली की आपूर्ति की जाती है और शाम को BESS यानी बैटरी एनर्जी स्टोरेज सिस्टम्स के जरिए घरों में बिजली की आपूर्ति होती है। विश्व प्रसिद्ध मोढ़ेरा सूर्य मंदिर में सौर ऊर्जा से संचालित 3-डी प्रोजेक्शन पर्यटकों को मोढेरा के समृद्ध इतिहास की जानकारी देगा।

30 मिनट होगा प्रोजेक्शन
यह थ्री डी प्रोजेक्शन हर शाम सात बजे से साढ़े सात बजे तक संचालित किया जाएगा। इसके अलावा, मंदिर के सौंदर्यीकरण के रूप में इसके परिसर में सौर ऊर्जा द्वारा संचालित हेरिटेज लाइटिंग भी लगाई गई हैं। दर्शक रोज़ाना शाम 6 बजे से रात 10 बजे तक इस आकर्षक लाइटिंग का आनंद ले सकते हैं। राज्य सरकार की तरफ से पर्यटकों को खींचने के तमाम दूसरे इंतजाम भी किए जा रहे हैं ताकि उन्हें मोढेरा पहुंचकर अलग अनुभव हो।

बिजली बिल जीरो
गुजरात की इस कामयाबी पर मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल ने कहा कि मुझे खुशी है कि गुजरात ने एक बार फिर से स्वच्छ व हरित ऊर्जा पैदा करने के प्रधानमंत्री के विजन को पूरा करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि हासिल की है। 2030 तक अक्षय ऊर्जा के माध्यम से भारत की 50 फीसदी ऊर्जा आवश्यकताओं को पूरा करने के प्रधानमंत्री जी के संकल्प को पूरा करने के लिए हम प्रतिबद्ध हैं। तो वहीं मोढेरा गांव की सरपंच जतनबेन डी ठाकोर बताती हैं कि केन्द्र-राज्य की इस परियोजना से हम ग्रामीण जन बहुत ही ख़ुश हैं। पहले हमारे यहाँ बिजली बिल लगभग 1 हजार रुपये के आसपास आता था लेकिन अब यह लगभग शून्य हो गया है।
लेखक के बारे में
अचलेंद्र कटियार
अचलेंद्र कटियार ने जामिया मिलिया इस्लामिया दिल्ली से पढ़ाई की है। इसके बाद मेरठ, कानपुर और दिल्ली के प्रतिष्ठित राष्ट्रीय समाचार पत्रों में काम किया। जून, 2020 से गुजरात की राजनीति और संस्कृति को समझने के लिए सक्रिय हैं।... और पढ़ें

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