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Subhash Chandra Bose Jayanti: पेट्रोलियम मंत्री धर्मेंद्र प्रधान क्यों गए गुजरात के हरिपुरा, क्या है बोस कनेक्शन?

केंद्रीय पेट्रोलियम मंत्री धर्मेंद्र प्रधान (Dharmendra pradhan) गुजरात (Gujarat news) के सूरत (Surat news) जिले में पहुंचे हैं। वह सुभाष चंद्र बोस की जयंति (Subhash Chandra Bose Jayanti) पर हरिपुरा (Haripura) गांव पहुंचे हैं। हरिपुरा से सुभाष चंद्र बोस (Subhash Chandra Bose Haripura connection) का गहरा नाता रहा है। उन्हें कांग्रेस अधिवेशन (Indian National Congress in 1938) में यहीं पर अध्यक्ष चुना गया था।

नवभारतटाइम्स.कॉम 23 Jan 2021, 1:49 pm
सूरत
नवभारतटाइम्स.कॉम प्रतीकात्मक चित्र
फाइल फोटो

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने शुक्रवार को कहा कि 23 जनवरी को स्वतंत्रता सेनानी नेताजी सुभाष चंद्र बोस की जयंती पर शनिवार को यूं तो देश भर में कई कार्यक्रम होंगे लेकिन गुजरात के सूरत स्थित हरिपुरा में होने वाला आयोजन बहुत खास होगा। पीएम के इस बयान के बाद हरिपुरा पर लोगों को निगाह टिक गई। पेट्रोलियम मंत्री धर्मेंद्र प्रधान हरिपुरा पहुंचे हैं।

नेताजी की 125वीं जयंती को इस बार बीजेपी सरकार ने 'पराक्रम दिवस' के रूप में मनाने का फैसला किया है। देश भर में व्यापक स्तर पर कार्यक्रमों का आयोजन हो रहा है। ऐसे ही एक कार्यक्रम का आयोजन हरिपुरा में किया गया है। आखिर हरिपुरा से नेताजी का क्या रिश्ता रहा है?

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भारतीय स्वतंत्रता आंदोलन के दौरान चला था सत्र
हरिपुरा, गुजरात के सूरत जिले में कडोद शहर के पास स्थित एक गांव है। यह बारडोली से लगभग 13 किलोमीटर उत्तर पूर्व में है। भारतीय स्वतंत्रता आंदोलन के दौरान, यह 1938 में भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस के वार्षिक सत्र का स्थल था। इसे 'हरिपुरा सत्र' के रूप में जाना जाता है।

चार दिनों तक चला था सत्र
हरिपुरा का नेताजी के साथ गहरा नाता है। सुभाष चंद्र बोस की अध्यक्षता में 19 से 22 फरवरी, 1938 के दौरान हरिपुरा में भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस की बैठक हुई। 1938 में उन्हें हरिपुरा कांग्रेस अधिवेशन का अध्यक्ष चुना गया। सरदार वल्लभभाई पटेल ने हरिपुरा को अधिवेशन के लिए चुना था।


महाराजा प्रताप सिंह ने 51 बैलगाड़ियों को सजााया था
51 बैलगाड़ियों को वंसदा राज्य के तत्कालीन महाराज महाराजा प्रताप सिंह सोलंकी ने सजाया था। प्रसिद्ध चित्रकार, नंदलाल बोस ने भी हरिपुरा अधिवेशन के लिए महात्मा गांधी के अनुरोध पर सात पोस्टर लगाए।

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