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कश्मीर: कर्फ्यू ने दिया ट्रेनिंग का मौका, भारत को दिलाया गोल्ड मेडल

बुरहान वानी की मौत के बाद जब पूरी कश्मीर घाटी में हिंसा और कर्फ्यू का दौर जारी था, तब एक 7 साल का बच्चा पूरी लगन से कराटे की ट्रेनिंग करता रहा। बांदीपोर में रहने वाले हाशिम मंसूर ने मंगलवार को एशियन यूथ कराटे चैंपियनशिप में गोल्ड मेडल जीता। अब वह वर्ल्ड कराटे टूर्नमेंट में भारत का प्रतिनिधित्व करेंगे।

टाइम्स न्यूज नेटवर्क 30 Nov 2016, 5:24 am
एम.सलीम पंडित, श्रीनगर
नवभारतटाइम्स.कॉम curfew in kashmir valley gave golden chance to this 7 year old kid wins gold medal in asian youth karate championship
कश्मीर: कर्फ्यू ने दिया ट्रेनिंग का मौका, भारत को दिलाया गोल्ड मेडल

कश्मीर में लंबे समय तक रहे कर्फ्यू से भले ही बहुत नुकसान हुआ हो, लेकिन एक शख्स है जिसे इसका फायदा हुआ है। 7 साल का हाशिम मंसूर कश्मीर घाटी का 'कराटे किड' बन गया है। हिजबुल मुजाहिदीन के कमांडर बुरहान वानी की एक मुठभेड़ के दौरान हुई मौत के बाद पूरी घाटी में हालात बेकाबू हो गए थे। स्थितियां काफी बिगड़ गईं थीं और हाशिम को 4 महीने तक स्कूल से दूर रहना पड़ा। जब कश्मीर में सड़कों पर पत्थरबाजी और सुरक्षा बलों व स्थानीय लोगों के बीच का संघर्ष आम हो गया था, उस समय हाशिम रोजाना बिना नागा किए स्थानीय कराटे अकादमी में पहुंचता था। हालात चाहे जितने भी खराब हो गए हों, हाशिम ने अपना यह नियम कभी नहीं छोड़ा।

मंगलवार को हाशिम की लगन और मेहनत रंग लाई। एशियन यूथ कराटे चैंपियनशिप (AYKC) में भारत का प्रतिनिधित्व करते हुए हाशिम ने स्वर्ण पदक हासिल किया है। अपनी इस जीत के बारे में बात करते हुए हाशिम ने बताया, 'इतने समय तक स्कूल से दूर रहने के कारण मुझे कराटे का अभ्यास करने के लिए काफी वक्त मिल गया। शायद यह मेरी किस्मत ही थी कि मुझे अपने कोच के साथ अभ्यास करने के लिए इतना वक्त मिला।' हाशिम के प्रशिक्षण का खर्च उनके कोच फैसल अली ने उठाया। फैसल बांदीपोरा में रहते हैं और एक छोटी सी कराटे अकादमी चलाते हैं। बांदीपोरा कश्मीर की सबसे हिंसा प्रभावित जगहों में शामिल है। बुरहान की मौत के बाद घाटी में जिन जगहों पर सबसे ज्यादा हिंसक प्रदर्शन हुए, उनमें बांदीपोरा भी शामिल है।

ऐसे माहौल में भी ना तो फैसल का हौसला डगमगाया और ना ही हाशिम की मेहनत में जरा भी कमी आई। अपनी इसी अकादमी से फैसल देश को चैंपियन दे चुके हैं। इटली में आयोजित वर्ल्ड किकबॉक्सिंग चैंपियनशिप में पहला स्थान जीतने वाले 8 साल के ताजमुल इस्लाम को भी फैसल ने ही प्रशिक्षण दिया है। हाशिम के पिता मंसूर शाह छोटे कारोबारी हैं। वह बताते हैं, 'मुझे जब से याद है, तब से ही हाशिम के अंदर खेलों को लेकर काफी दिलचस्पी थी। इसीलिए उसने कराटे की ट्रेनिंग लेने के लिए स्थानीय अकादमी में प्रवेश लिया। AYKC में हिस्सा लेने का खर्च उसके कोच ने उठाया।' हाशिम की मां महबूबा एक गृहिणी हैं और यह परिवार बांदीपोरा जिले के एक छोटे से गांव नादिहाल में रहता है।

हाशिम 2nd क्लास में पढ़ता है। भारत के लिए पदक जीतने की खुशी जाहिर करते हुए उसने कहा, 'अपने देश के लिए स्वर्ण पदक जीतकर मैं बहुत खुश हूं।' पहले राउंड में हाशिम ने भूटान और मलेशिया से आए प्रतिद्वंदियों को हराया। फाइनल राउंड में उसने श्री लंका के अपने विरोधी को पछाड़कर स्वर्ण पदक जीता। इस टूर्नमेंट में 19 देशों से आए बच्चों ने भाग लिया था। हाशिम अब सितंबर 2017 में आयिजत होने वाले वर्ल्ड कराटे चैंपियनशिप में भारत का प्रतिनिधित्व करेगा। यह चैंपियनशिप यूरोप में आयोजित होगी।

इस खबर को अंग्रेजी में पढ़ें: Curfew gives Valley its very own karate kid, a 7-year-old

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