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कश्मीरी लीडरान की दिल्ली में बैठक को लेकर प्रदेश में अलर्ट, नेताओं को साथ लानी होगी कोरोना की RT-PCR रिपोर्ट

दिल्ली में होने वाली 24 जून की बैठक को लेकर प्रदेश में अलर्ट किया गया है। तैनाती को बढ़ाया गया है, ताकि इस बैठक के दौरान कोई हमला देखने को न मिल सके। फिलहाल सभी कश्मीर के दलों की तरफ से बैठक में भाग लेने को लेकर 'हां' कही गई है।

Lipi 21 Jun 2021, 1:02 pm
गोविंद चौहान, श्रीनगर
नवभारतटाइम्स.कॉम कश्मीरी नेताओं की दिल्ली में मीटिंग
कश्मीरी नेताओं की दिल्ली में मीटिंग

राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में 24 जून को प्रधानमंत्री आवास पर होने वाली कश्मीर के नेताओं के साथ बैठक को देखते हुए जम्मू-कश्मीर में सुरक्षाबलों को अलर्ट पर रखा गया है। प्रदेश से धारा 370 हटाए जाने के बाद पहली बार कश्मीर के नेताओं के साथ पीएम नरेन्द्र मोदी बैठक कर रहे हैं, जिसमें कोरोना एसओपी का पूरा पालन करने के लिए कहा गया है। बैठक में भाग लेने के लिए आने वाले नेताओं को आरटीपीसीआर टेस्ट रिपोर्ट को साथ लेकर आने के लिए कहा गया है ताकि हर नेता अपना कोरोना टेस्ट करवाने के बाद ही बैठक में भाग लेने के लिए आए।

इस बैठक पर सब की नजर टिकी हुई है। जानकारी के अनुसार पिछले कई दिनों से दिल्ली में बैठकों का दौर चल रहा है। प्रदेश के एलजी मनोज सिन्हा दो बार दिल्ली में बैठक के लिए गए हैं। इसके अलावा सभी सुरक्षा एजेंसियों के चीफ भी बैठक में मौजूद रहे, जिसमें प्रदेश के हालात के बारे में गृह मंत्री की तरफ से जानकारी प्राप्त की गई। इसके बाद अब प्रदेश के 8 राजनीतिक दलों के 14 नेताओं को पीएम निवास पर 24 जून को बैठक के लिए बुलाया गया है। 3 बजे होने वाली इस बैठक में कश्मीर के मुददों पर चर्चा की जाएगी।

इस बैठक में कश्मीर के नेताओं को न्योता मिल गया है। अब नेता अपनी पार्टी के नेताओं से बातचीत करने में लगे हुए हैं। इस बैठक में 4 पूर्व सीएम शामिल होंगे, जिसमें डॉक्टर फारूक अब्दुल्ला, गुलाम नबी आजाद, उमर अब्दुल्ला तथा महबूबा मुफ्ती शामिल हैं। इसके अलावा पूर्व डेप्युटी सीएम मुजफ्फर बेग, निर्मल सिंह, कवेन्द्र गुप्ता, तारा चंद शामिल होंगे। बीजेपी के प्रदेश प्रधान रवीन्द्र रैना, कांग्रेस के जीए मीर, पीसी के सज्जाद अहमद लोन, पैंथर्स पार्टी के सुप्रीमो प्रफेसर भीम सिंह, मोहम्मद यूसूफ तारागामी शामिल होंगे।

सूत्रों का कहना है कि प्रदेश में धारा 370 हटाए जाने के बाद कश्मीर के नेता लगातार राज्य का दर्जा वापस देने की मांग कर रहे हैं, जिसके लिए गुपकार ग्रुप को बनाया गया। अब केंद्र की तरफ से बैठक का न्यौता दिया गया है, जिसमें उन्हें अपने मुद्दों को रखने के लिए कहा गया है। इस बैठक के बाद प्रदेश में हालात पर काम हो सकता है। बैठक में कश्मीरी नेताओं की तरफ से कई बातों को उठाया जा सकता है, जिसके बाद कोई आम राय बन सकती है।

फारूफ अब्दुल्ला की तरफ से बयान जारी करके कहा गया था कि उन्हें न्योता मिला है। वह कश्मीर को लेकर बात करने को तैयार है। अपनी पार्टी के नेताओं से चर्चा के बाद ही वह बैठक में मुद्दों को उठाने वाले है।

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