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बीजेपी से 'आजादी' का आश्वासन चाहती हैं महबूबा मुफ्ती

पीडीपी चीफ महबूबा मुफ्ती बीजेपी से यह आश्वासन चाहती हैं कि जम्मू-कश्मीर में सरकार चलाने के लिए उन्हें पूरी आजादी मिले। वह फ्ती फिलहाल दिल्ली में हैं और वह बीजेपी के वरिष्ठ नेताओं से मुलाकात कर सकती हैं। जनवरी में उनके पिता मुफ्ती मोहम्मद सईद की मौत के बाद से राज्य में राष्ट्रपति शासन लगा हुआ है।

इकनॉमिक टाइम्स 16 Mar 2016, 11:59 am
हकीम इरफान, श्रीनगर
नवभारतटाइम्स.कॉम mehbooba mufit wants the freedom to rule jammu and kashmir
बीजेपी से 'आजादी' का आश्वासन चाहती हैं महबूबा मुफ्ती


पीडीपी चीफ महबूबा मुफ्ती बीजेपी से यह आश्वासन चाहती हैं कि जम्मू-कश्मीर में सरकार चलाने के लिए उन्हें पूरी आजादी मिले। महबूबा के पिता मुफ्ती मोहम्मद सईद के नेतृत्व में राज्य में तकरीबन एक साल तक बीजेपी और पीडीपी ने मिलकर सरकार चलाई थी। महबूबा मुफ्ती फिलहाल दिल्ली में हैं और वह बीजेपी के वरिष्ठ नेताओं से मुलाकात कर सकती हैं। जनवरी में उनके पिता मुफ्ती मोहम्मद सईद की मौत के बाद से राज्य में राष्ट्रपति शासन लगा हुआ है।

महबूबा यह भी चाहती हैं कि राज्य के अटके पड़े पावर प्रॉजेक्ट्स और सेना द्वारा जमीन खाली किए जाने जैसे वादों पर काम आगे बढ़े। ये सारी चीजें दोनों पार्टियों के बीच तैयार सहमति पत्र- अजेंडा ऑफ अलांयस का हिस्सा हैं। इस बीच, आरएसएस के एक वरिष्ठ प्रतिनिधि का कहना है कि बीजेपी जम्मू-कश्मीर में सरकार बनाने को लेकर फैसला लेने के लिए सक्षम है और संघ को जल्द ही इस बाबत बेहतर फैसले की उम्मीद है। सूत्रों के मुताबिक, आरएसएस ने हाल में 3 दिनों तक चले अपने चिंतन शिविर में पीडीपी और बीजेपी के बीच रिश्तों में आए तनाव पर चर्चा की की थी।

संघ के प्रतिनिधि इंद्रेश कुमार ने हमारे सहयोगी अखबार द इकनॉमिक टाइम्स को बताया, 'जम्मू-कश्मीर के लोगों ने बीजेपी और पीडीपी को जनादेश दिया है। हमें बेहतर फैसले की उम्मीद है।' कुमार के मुताबिक, आरएसएस को लगता है कि पीडीपी को भरोसे के साथ आगे बढ़ना होगा। राज्य में शांति और विकास का अजेंडा होना चाहिए। उन्होंने कहा, 'पीडीपी को न सिर्फ भारत समर्थक बल्कि भारतीय होना पड़ेगा। मुझे पूरा विश्वास है कि पीडीपी और बीजेपी इस मसले को जल्द हल कर लेंगे।' कुमार आरएसएस से जुड़े संगठन मुस्लिम राष्ट्रीय मंच के भी मार्गदर्शक हैं। कश्मीर में 1990 के दशक में आतंकवाद जब अपने चरम पर था, तो उन्होंने यहां पर काम किया था।

वित्त मंत्री अरुण जेटली ने पीडीपी को आश्वासन के तौर पर संसद में कहा कि केंद्र जम्मू-कश्मीर के लिए मंजूरी प्रॉजेक्ट्स पर अमल का काम जल्द शुरू करेगी और जल्द से जल्द स्पेशल पैकेज ऑफर करेगी। जेटली ने कहा कि केंद्र सरकार उन तमाम वादों के प्रति प्रतिबद्ध है, जो उसने किए हैं। पीडीपी के एक पूर्व मंत्री ने ईटी को बताया, 'अगर वह इस बात को लेकर संतुष्ट हो जाती हैं कि बीजेपी के साथ फिर से गठबंधन करने पर उन्हें काम करने की पूरी आजादी मिलेगी, तो वह सरकार बनाएंगी।'

इसके अलावा, पीडीपी को उम्मीद है कि दो पावर प्रॉजेक्ट्स राज्य को लौटाए जाएंगे। साथ ही, जम्मू, कश्मीर और लद्दाख में तय समयसीमा के भीतर सेना की तरफ से कई जमीन के भी खाली कराए जाने की भी बात है। जम्मू-कश्मीर में 8 जनवरी से राष्ट्रपति शासन लगा हुआ है और नियमों के मुताबिक दो विधानसभा सत्रों के बीच 6 महीने से ज्यादा का गैप नहीं हो सकता है।

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