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Jharkhand: देवघर में रंगीन मछली पालन से भरेंगे लोगों की जिंदगी में रंग, बनेगा रोजगार का नया जरिया

उपायुक्त मंजुनाथ भजंत्री ने मौके पर मौजूद सखी मंडल की दीदियों से प्रशिक्षण प्राप्त कर पूरी लग्न के साथ कार्य करने की अपील की और कहा कि इससे जिले के अन्य प्रखंडों की दीदियों को भी धीरे-धीरे रंगीन मछली पालन के रोजगार से जोड़ा जाएगा।

Lipi 29 Jan 2021, 12:00 am

हाइलाइट्स

  • स्वरोजगार कर आत्मनिर्भर बन सकें जेएसएलपीएस की दीदियां: उपायुक्त
  • रंगीन मछलियों को पालकर और ज्यादा मुनाफा कमा सकते हैं: उपायुक्त
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नवभारतटाइम्स.कॉम JDeoghar
उपायुक्त निरीक्षण करते हुए
शिव शंकर चौधरी,देवघर
झारखंड के देवघर जिले में महिलाओं को स्वरोजगार मुहैया करा कर आत्मनिर्भर बनाने के लिए जिला प्रशासन ने रंगीन मछली पालन को बढ़ावा देने की दिशा में पहल शुरू की है, जो आने वाले समय में स्वरोजगार का नया जरिया बनेगा। इससे व्यवसाय से सखी मंडल की दीदियों को जोड़ने का प्रयास किया जा रहा है।

उपायुक्त मंजुनाथ भजंत्री ने गुरुवार को जिले के सखी मंडल की महिलाओं को स्वरोजगार से जोड़ कर उन्हें आत्मनिर्भर बनाने के मद्देनजर रंगीन मछली पालन से संबंधित कार्यक्रम का शुभारंभ किया। इसी कड़ी में उपायुक्त द्वारा मत्स्य प्रसार योजना (2020-2021) के तहत मत्स्य कार्यालय परिसर में धरवाडीह पंचायत के स्वयं सहायता समूह की 10 दीदियों के बीच (लगभग 20 हजार का किट) रंगीन मछली पालन के लिए एक्वेरियम, ड्रम, हीटर, फिल्टर, मोटर, पाईप, साईक्लिनिंग पाइप, नेट, प्लास्टिक टब, एफआरपी टैंक, हैंड नेट, पेपर स्टीक, दवा के साथ रंगीन मछली का वितरण किया गया।

स्वरोजगार कर आत्मनिर्भर बन सकें जेएसएलपीएस की दीदियां: उपायुक्त
उपायुक्त ने कहा कि राज्य सरकार की प्राथमिकता के अनुरूप जिला प्रशासन द्वारा जेएसएलपीएस की दीदियों को सशक्त व स्वावलंबी बनाने के उद्देश्य से उन्हें प्रशिक्षण देकर स्वरोजगार से उन्हें जोड़ने का प्रयास किया जा रहा है, ताकि वे स्वरोजगार कर आत्मनिर्भर बन सकें। इसलिए मत्स्य विभाग द्वारा जेएसएलपीएस की सखी मंडल की दीदियों को प्रशिक्षित कर स्वरोजगार से जोड़ने का प्रयास किया जा रहा है, ताकि वे अपने घरों में हीं सुरक्षित रहकर स्वरोजगार कर अपनी आय के स्रोत में वृद्धि कर सकें।

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'रंगीन मछलियों को पालकर और ज्यादा मुनाफा कमा सकते हैं'
मत्स्य विभाग के सहयोग से जेएलएलपीएस के सभी अधिकारियों, प्रखण्ड पदाधिकारियों, कर्मियों व स्वयं सहायता समूह की दीदियों को रंगीन मछली पालन, मत्स्य पालन के रोजगार से संबंधित विस्तृत जानकारी और प्रशिक्षण दिया जा रहा है। प्रशिक्षण के पश्चात आने वाले समय में जिले के सभी प्रखण्डों व पंचायतों के स्वयं सहायता समूह की दीदियों को मत्स्य पालन के रोजगार से जोड़ा जायेगा, ताकि वे अपने गांव में ही मत्स्य पालन कर अपने परिवार को सशक्त व आत्मनिर्भर बन सकें। वर्तमान में शहरों में रंगीन मछलियों को पालने का चलन लगातार बढ़ रहा है, जिससे दीदियों को बना बनाया बाजार भी मिल जाएगा। ऐसे में दीदियों के साथ किसान भाई भी मछली पालन के साथ-साथ रंगीन मछलियों को पालकर और ज्यादा मुनाफा कमा सकते हैं।

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रंगीन मछली पालन व मत्स्य पालन को बेहतर रोजगार का स्वरूप देने की है तैयारी
इसके साथ ही उपायुक्त ने कहा कि इस प्रकार का एक छोटा सा प्रयास एक साथ कई महिलाओं को अपने पैरों पर खड़ा कर देता है। इसका जीता-जागता उदाहरण स्वयं सहायता समूह की महिलाएं हैं। आने वाले समय में जिला प्रशासन द्वारा विभिन्न गांव की महिलाओं को प्रशिक्षित कर मत्स्य पालन व रंगीन मछली पालन के रोजगार से जोड़ा जाएगा। इससे वे न सिर्फ आत्म निर्भर होकर स्वरोजगार करेंगी बल्कि अपने आय से अपने घर परिवार के लिए कुछ बचत कर पाएंगी। यह हम सभी के लिए खुशी की बात है कि हम सभी के साझा प्रयास से अब सखी मंडल की महिलाएं सशक्त होकर स्वाबलंबी हो रही हैं एवं दूसरों को भी अपने पैरों पर खड़ा होकर आगे बढ़ने के लिए प्रेरित कर रही हैं।

इस मौके पर उप विकास आयुक्त संजय सिन्हा, जिला मत्स्य पदाधिकारी प्रशांत दीपक, जेएसएलपीएस के डीपीएम प्रकाश रंजन एवं संबंधित विभाग के अधिकारी व कर्मी आदि उपस्थित थे।

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