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लॉकडाउन...बसें बंद...नक्सलियों का डर...फिर भी 180 किमी स्कूटी चलाकर कोरोना मरीजों के लिए बालाघाट से नागपुर पहुंच गई ये बेटी

एमपी के बालाघाट की रहने वाली डॉ प्रज्ञा घरड़े छुट्टियों में अपने घर आई थी। इसी बीच कोरोना वायरस का संक्रमण तेज हुआ और लॉकडाउन लग गया। नागपुर के कोविड सेंटर में काम करने वाली प्रज्ञा को कोई जरिया नहीं मिला तो वे अकेले ही 180 किलोमीटर स्कूटी चलाकर अपनी ड्यूटी निभाने पहुंच गई।

नवभारतटाइम्स.कॉम 23 Apr 2021, 10:28 am

हाइलाइट्स

  • 180 किमी स्कूटी चलाकर नागपुर पहुंची डॉ प्रज्ञा घरड़े
  • बालाघाट में परिवार के पास छुट्टियां मनाने आई थी प्रज्ञा
  • लॉकडाउन के चलते नागपुर जाने के लिए नहीं मिली बस या ट्रेन
  • नागपुर के कोविड सेंटर में पदस्थ हैं डॉ प्रज्ञा
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नवभारतटाइम्स.कॉम प्रज्ञा
बालाघाट
पूरे देश में कोरोना संक्रमण के चलते मचे हाहाकार के बीच कुछ ऐसी खबरें भी आती हैं जो तमाम मुश्किलों के बीच हौसला देती हैं और उम्मीद जगाती हैं। ऐसा ही एक वाकया मध्य प्रदेश के बालाघाट से सामने आया है जहां एक बेटी तमाम मुश्किलों से पार पाते हुए स्कूटी से अकेले ही 180 किलोमीटर का सफर तय कर महाराष्ट्र के नागपुर पहुंच गई और कोरोना संक्रमितों के इलाज में जुट गई।
बालाघाट की डॉ प्रज्ञा घरड़े छुट्टियों में अपने घर आई थी। इसी बीच कोरोना का संक्रमण तेज हुआ और महाराष्ट्र से मध्य प्रदेश आने-जाने वाले बसों पर रोक लग गई। ट्रेन में उन्हें जगह नहीं मिल पाई तो प्रज्ञा ने स्कूटी से ही नागपुर जाने का फैसला कर लिया। लगातार सात घंटे स्कूटी चला कर वह नागपुर पहुंच गई।

प्रज्ञा ने बताया कि नक्सल प्रभावित इलाका होने के चलते परिवार के लोग उन्हें इस सफर से रोकने की कोशिश कर रहे थे। लॉकडाउन के चलते उन्हें रास्ते में खाने-पीने को कुछ नहीं मिला। तेज धूप और गर्मी होने से मुश्किलें भी आईं, लेकिन अपने कर्तव्य के रास्ते में उन्होंने इन समस्याओं को आड़े नहीं आने दिया।

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प्रज्ञा ने बताया कि वह नागपुर में एक कोविड सेंटर में आरएमओ के पद पर पदस्थ हैं। वे शाम को एक अन्य अस्पताल में भी मरीजों का इलाज करती हैं। इसके कारण उन्हें रोजाना 12 घंटे से अधिक समय तक पीपीई किट पहनकर काम करना पड़ता है। नागपुर में कोरोना संक्रमित मरीजों की संख्या बढ़ने का पता चला तो उन्होंने स्कूटी से वहां पहुंचने का फैसला कर लिया।

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