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देशद्रोही कहने पर नाराज दिग्विजय करेंगे शक्ति प्रदर्शन, कमलनाथ के साथ जाएंगे थाने

कांग्रेस कार्यसमिति से बाहर किए गए राज्यसभा सदस्य दिग्विजय सिंह 26 जुलाई को भोपाल में अपनी ताकत दिखाएंगे।

अरुण दीक्षित | नवभारतटाइम्स.कॉम 24 Jul 2018, 8:36 pm
भोपाल
नवभारतटाइम्स.कॉम दिग्विजय इस कदम से राज्य में अपनी ताकत भी दिखाएंगे।
दिग्विजय इस कदम से राज्य में अपनी ताकत भी दिखाएंगे।

कांग्रेस कार्यसमिति से बाहर किए गए राज्यसभा सदस्य दिग्विजय सिंह 26 जुलाई को भोपाल में अपनी ताकत दिखाएंगे। वह मुख्यमंत्री शिवराज सिंह द्वारा उन्हें देशद्रोही कहे जाने के विरोध में थाने जाकर अपनी गिरफ्तारी की मांग करेंगे। दिग्विजय अपने साथ अपने समर्थकों को भी ले जाएंगे। इसके लिए आसपास के जिलों से लोगों को भोपाल बुलाया जा रहा है।

उल्लेखनीय है कि मुख्यमंत्री शिवराज सिंह इन दिनों चौथी पारी के लिए जनता से आशीर्वाद मांग रहे हैं। हालांकि मध्यप्रदेश में करीब 15 साल से बीजेपी की सरकार है लेकिन अभी भी शिवराज दिग्विजय के दस साल के कार्यकाल पर ही निशाना साध रहे हैं। चार दिन पहले उन्होंने दिग्विजय को संघ विरोधी बयानों के मद्देनजर देशद्रोही बता दिया था। दिग्विजय ने इस बयान का विरोध करते हुए शिवराज को पत्र लिखकर माफी मांगने की मांग की है। साथ ही कहा है कि उनके खिलाफ जो भी सबूत हों, उन्हें वे भोपाल पुलिस को उपलब्ध करा दें ताकि वह थाने जाकर खुद को गिरफ्तार करवा सकें।

दिग्विजय ने अभी तक शिवराज को मानहानि का नोटिस नहीं दिया है। प्रदेश कांग्रेस के मीडिया प्रभारी मानक अग्रवाल के मुताविक दिग्विजय सिंह प्रदेश कांग्रेस कार्यालय से पैदल चलकर टीटी नगर थाने तक जाएंगे। उनके साथ प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष कमलनाथ और विधानसभा में विपक्ष के नेता अजय सिंह भी रहेंगे। बड़ी संख्या में पार्टी कार्यकर्ता भी उनके साथ रहेंगे। दिग्विजय की इस यात्रा के लिए उनके समर्थकों को प्रदेश भर से भोपाल बुलाया जा रहा है। वह प्रदेश कांग्रेस की समन्वय समिति के मुखिया के नाते प्रदेश का दौरा भी कर रहे हैं।

कांग्रेस का एक गुट यह भी कह रहा है कि इस कथित गिरफ्तारी नाटक के जरिए दिग्विजय कांग्रेस नेतृत्व को अपनी ताकत दिखाना चाहते हैं क्योंकि कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने उन्हें कांग्रेस कार्यसमिति में भी नहीं रखा है। माना जा रहा है कि इस शक्ति प्रदर्शन का असर कमलनाथ पर भी पड़ेगा। अध्यक्ष बनने के बाद से वह संगठन को पटरी पर लाने की कोशिश में लगे हैं लेकिन इस बीच पार्टी के भीतर कई शक्ति केंद्र बन गए हैं। यह शक्ति केंद्र कमलनाथ पर भारी पड़ते नजर आ रहे हैं।
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अरुण दीक्षित

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