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MP में शिक्षा विभाग के सर्कुलर से शिक्षकों में हड़कंप, नौकरी पर भी है खतरा!

स्कूली शिक्षा विभाग के एक सर्कुलर से एमपी में सरकारी शिक्षक परेशान हैं। सभी शिक्षकों को एक प्रपत्र भरना है, जिसमें संतान के बारे में जानकारी देनी है। स्कूली शिक्षा मंत्री ने कहा है कि यह नियम पुराना है।

नवभारतटाइम्स.कॉम 26 Aug 2020, 11:49 am

हाइलाइट्स

हाइलाइट्स
  • एमपी में शिक्षा विभाग के सर्कुलर से शिक्षकों में है हड़कंप
  • अब शिक्षकों को प्रदेश में अपने संतान के बारे में देनी होगी जानकारी
  • 3 संतान वाले शिक्षकों की नौकरी पर आ सकता है खतरा
  • शिक्षकों ने इसे लेकर शिक्षा विभाग के प्रमुख सचिव को सौंपा है ज्ञापन
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भोपाल
एमपी में शिक्षा विभाग के एक सर्कुलर ने शिक्षकों की नींद उड़ा दी है। इस सर्कुलर से शिक्षकों की नौकरी पर भी खतरा है। स्कूल शिक्षा विभाग शिक्षकों के संतान के बारे में जानकारी जुटा रही है। अगर किसी शिक्षक 3 बच्चे हैं, तो उनकी नौकरी भी खतरे में पड़ सकती है। जानकारी के अनुसार प्रदेश भर में जिला शिक्षा अधिकारी और विकास खंड शिक्षा अधिकारियों ने संतानों के बारे में शिक्षकों से जानकारी मांगी है।

मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार सभी जिला शिक्षा पदाधिकारियों ने संकुल प्रचार्यों को एक प्रपत्र भेजा है। इस प्रपत्र के छठवें कॉलम में उन्हें संतान के बारे में जानकारी देनी है। शिक्षकों को भेजे गए प्रपत्र में कुल 7 कॉलम हैं। प्रपत्र में 26 जनवरी 2001 और उसके बाद घर में जन्मे बच्चे की जानकारी देना है। बताया जा रहा है कि 26 जनवरी 2001 के बाद अगर शिक्षकों के तीन बच्चे होते हैं, तो वह अपात्र माने जा सकते हैं।

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शिक्षकों में नाराजगी
वहीं, खराब परिणाम वाले स्कूलों के शिक्षकों पर पहले से ही शिक्षा विभाग कार्रवाई की तैयारी कर रहा है। अब संतान के बारे में जानकारी मांगे जाने से उनमें काफी नाराजगी है। इसे लेकर शिक्षकों ने स्कूल शिक्षा विभाग के प्रमुख सचिव और लोक शिक्षण संचालनालय आयुक्त को ज्ञापन सौंप कर विरोध जताया है।

मीडिया से बात करते हुए स्कूल शिक्षा मंत्री इंदर सिंह परमार ने कहा है कि यह सर्कुलर सिर्फ हमारे विभाग के लिए नहीं है। यह सभी विभागों के लिए है। सर्कुलर पहले भी ऐसा जारी हुआ था। उन्होंने यह भी कहा है कि संतानों की जानकारी का प्रावधान तो पहले से हैं, लेकिन कभी कोई कार्रवाई नहीं हुई है।

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