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काले हिरण के शिकारियों को बचाने के आरोप में वन अधिकारी गिरफ्तार

इंदौर, 18 अक्टूबर (भाषा) काले हिरण के शिकारियों को सजा से बचाने के लिये उनसे सांठ-गांठ के संगीन आरोप में वन विभाग के रेंजर को मध्यप्रदेश पुलिस के विशेष कार्य बल (एसटीएफ) ने यहां धर दबोचा है। विभाग की वन्य प्राणी शाखा के मुख्यालय ने इस अधिकारी पर 10,000 रुपये का इनाम घोषित किया था। एसटीएफ के उपाधीक्षक (डीएसपी) डीके सिंह ने बृहस्पतिवार को "पीटीआई-भाषा" को बताया कि वन क्षेत्राधिकारी (रेंजर) बिहारी सिंह सिकरवार को यहां गणेश धाम कॉलोनी स्थित उनके घर से बुधवार की शाम गिरफ्तार किया गया। डीएसपी ने बताया कि सिकरवार वन विभाग की सागर रेंज

भाषा 18 Oct 2018, 5:15 pm
इंदौर, 18 अक्टूबर (भाषा) काले हिरण के शिकारियों को सजा से बचाने के लिये उनसे सांठ-गांठ के संगीन आरोप में वन विभाग के रेंजर को मध्यप्रदेश पुलिस के विशेष कार्य बल (एसटीएफ) ने यहां धर दबोचा है। विभाग की वन्य प्राणी शाखा के मुख्यालय ने इस अधिकारी पर 10,000 रुपये का इनाम घोषित किया था। एसटीएफ के उपाधीक्षक (डीएसपी) डीके सिंह ने बृहस्पतिवार को "पीटीआई-भाषा" को बताया कि वन क्षेत्राधिकारी (रेंजर) बिहारी सिंह सिकरवार को यहां गणेश धाम कॉलोनी स्थित उनके घर से बुधवार की शाम गिरफ्तार किया गया। डीएसपी ने बताया कि सिकरवार वन विभाग की सागर रेंज में पदस्थ हैं। इसी रेंज के तहत आने वाले बकैनी गांव में अप्रैल के दौरान काले हिरण का शिकार किया गया था। रेंजर पर शिकारियों को बचाने के लिये वारदात के सबूत छिपाने और जांच में हेर-फेर के आरोप हैं। उन पर वन्य प्राणी संरक्षण अधिनियम की सम्बद्ध धाराओं के तहत मामला दर्ज है। उन्होंने बताया, "काले हिरण के शिकार के मामले में मौके पर सात लोग मिले थे। लेकिन रेंजर और वन विभाग के अन्य कारिंदों ने शिकारियों से कथित तौर पर सांठ-गांठ कर चार लोगों को छोड़ दिया और दस्तावेजों पर केवल तीन लोगों को शिकार के आरोपियों के रूप में दर्शाया।" सिंह ने बताया कि काले हिरण के शिकार में कथित तौर पर 12 बोर की राइफल का इस्तेमाल किया गया था। लेकिन वन विभाग के दल ने इस हथियार की जगह मौके से देशी कट्टा बरामद होना दिखाया, ताकि बैलेस्टिक जांच में आरोपियों को क्लीन चिट मिल जाये। डीएसपी ने बताया कि गिरफ्तार रेंजर को आगामी कानूनी कार्यवाही के लिये वन विभाग को सौंप दिया गया है। उन्होंने बताया कि काले हिरण के शिकार के आरोपियों को बचाने के इल्जाम में वन विभाग के तीन अन्य कारिंदों को पहले ही गिरफ्तार किया जा चुका है।

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