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महेंद्र सिंह धोनी कर रहे जिस मुर्गे की फार्मिंग, कोरोना में बढ़ी उसकी मांग, 800 रुपए में मिल रहा एक मुर्गा

कालीमासी यानी कड़कनाथ मुर्गे की मांग सर्दियों में अचानक बढ़ गई है। मांग बढ़ने की वजह से कड़कनाथ मुर्गा महंगा भी हो गया है। अभी एक मुर्गा 8 सौ से 1 हजार रुपए में मिल रहा है।

नवभारतटाइम्स.कॉम 29 Nov 2020, 8:46 am

हाइलाइट्स

हाइलाइट्स
  • सर्दियों में बढ़ गई है कड़कनाथ मुर्गे की मांग
  • 800 से 1 हजार रुपए में मिल रहा है एक कड़कनाथ मुर्गा
  • प्रदेश में इसकी फॉर्मिंग को बढ़ावा दे रही है एमपी सरकार
  • महेंद्र सिंह धोनी भी कर रहे कड़कनाथ मुर्गे की फॉर्मिंग
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भोपाल
क्रिकेटर से रिटायर होने के बाद भारतीय क्रिकेट टीम के पूर्व कप्तान महेंद्र सिंह धोनी फार्मिंग कर रहे हैं। खेती के साथ ही वह कड़कनाथ मुर्गे की फार्मिंग भी कर रहे हैं। कड़कनाथ मुर्गे की एक खास प्रजाति है, जो एमपी और छत्तीसगढ़ में पाया जाता है। धोनी एमपी से ही कड़कनाथ के 200 चूजे मंगवाए हैं, जिसे वह रांची स्थित फॉर्म हाउस में रखे हैं। सर्दी और कोरोना के कहर के बीच एमपी में अचानक कड़कनाथ मुर्गे की मांग बढ़ गई है। उसके बाद इसके दाम भी आसमान छू रहे हैं।

कड़कनाथ मुर्गा एमपी एक आदिवासी बहुल जिले में सबसे ज्यादा पाया जाता है। सबसे ज्यादा झाबुआ जिले में यह मुर्गा मिलता है। लेकिन अब पूरे प्रदेश में कड़कनाथ मुर्गा उपलब्ध है। सर्दियों में इसकी मांग काफी बढ़ गई है। उसके बाद इसकी कीमतों में भी भारी इजाफा हुआ है। कड़कनाथ मुर्गा ऐसे तो आम दिन में भी महंगा ही मिलता है। लेकिन कोरोना काल में मांग बढ़ने की वजह से एक मुर्गा 800 से 1 हजार रुपए के बीच मिल रहा है। जानकार मानते हैं कि आने वाले दिनों में दाम और बढ़ सकते हैं।

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क्यों बढ़ी मांग
दरअसल, कड़कनाथ मुर्गे में प्रोटीन भरपूर मात्रा में पाया जाता है। अत्याधिक मात्रा में प्रोटीन मिलने की वजह से इम्यूनिटी बढ़ता है। साथ ही शरीर भी गर्म रहता है। इस वजह से सर्दी और कोरोना काल में इसकी मांग बढ़ गई है। काले रंग के इस मुर्गे का पंख, मांस, खून और हड्डियों का रंग भी काला होता है। मध्यप्रदेश के झाबुआ, धार और अलीराजपुर जिले में सबसे ज्यादा मिलता है। इलाके में इसे लोग कालीमासी के नाम से भी जानते हैं।

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सरकार दे रही है बढ़ावा
वहीं, एमपी सरकार कड़कनाथ मुर्गे के फॉर्मिंग को बढ़ावा दे रही है। अभी राजधानी भोपाल समेत प्रदेश के कई जिलों में कड़कनाथ मुर्गे का मांस मिलता है। सरकार की तरफ से कई जगहों पर इसके लिए स्टॉल लगाए गए हैं। इसके साथ ही शिवराज सरकार सहकारी समिति के जरिए भी इसकी फॉर्मिंग करवा रही है। इसमें महिलाओं को ज्यादा जोड़ा गया है। साथ ही उन्हें सरकार चूजे भी दे रही है।

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रोगप्रतिरोधक क्षमता ज्यादा
मीडिया से बात करते हुए पशुपालन अधिकारी ने कहा कि इसमें रोग प्रतिरोधक क्षमता ज्यादा होता है। खासकर ह्रदय और श्वास रोग से पीड़ित लोगों के लिए यह काफी फायदेमंद होता है। आम तौर इसका मांस 700 रुपए प्रति केजी मिलता है। लेकिन कोरोना काल में इसकी मांग बढ़ गई है। इसी वजह से कीमतों में इजाफा हुआ है। प्रदेश की सरकार इसकी फॉर्मिंग को और बढ़ावा दे रही है।

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