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मप्र के 10,000 से ज्यादा दंत चिकित्सकों ने मांगी सर्दी-खांसी के इलाज की मंजूरी

इंदौर, 24 नवंबर (भाषा) मध्य प्रदेश राज्य दंत परिषद (एमपीएसडीसी) ने मंगलवार को सरकार से मांग की कि राज्य में दांतों का इलाज करने वाले 10,000 से ज्यादा पंजीकृत डॉक्टरों को विशेष प्रशिक्षण देकर सर्दी, खांसी और बुखार सरीखे रोगों के इलाज की अनुमति प्रदान की जाए। एमपीएसडीसी ने यह मांग केंद्रीय आयुष मंत्रालय के अधीन वैधानिक संस्था भारतीय चिकित्सा केंद्रीय परिषद (सीसीआईएम) की ओर से हाल ही में जारी अधिसूचना के बाद की है। इस अधिसूचना के तहत आयुर्वेद के शल्य चिकित्सा से जुड़े विशिष्ट स्नातकोत्तर पाठ्यक्रमों के विद्यार्थियों को अध्ययन अवधि के दौरान अलग-अलग अंगों से जुड़े ऑपरेशन करने

भाषा 24 Nov 2020, 6:39 pm
इंदौर, 24 नवंबर (भाषा) मध्य प्रदेश राज्य दंत परिषद (एमपीएसडीसी) ने मंगलवार को सरकार से मांग की कि राज्य में दांतों का इलाज करने वाले 10,000 से ज्यादा पंजीकृत डॉक्टरों को विशेष प्रशिक्षण देकर सर्दी, खांसी और बुखार सरीखे रोगों के इलाज की अनुमति प्रदान की जाए। एमपीएसडीसी ने यह मांग केंद्रीय आयुष मंत्रालय के अधीन वैधानिक संस्था भारतीय चिकित्सा केंद्रीय परिषद (सीसीआईएम) की ओर से हाल ही में जारी अधिसूचना के बाद की है। इस अधिसूचना के तहत आयुर्वेद के शल्य चिकित्सा से जुड़े विशिष्ट स्नातकोत्तर पाठ्यक्रमों के विद्यार्थियों को अध्ययन अवधि के दौरान अलग-अलग अंगों से जुड़े ऑपरेशन करने का व्यावहारिक प्रशिक्षण देने की मंजूरी दी गई है ताकि वे अपनी डिग्री पूरी करने के बाद इन प्रक्रियाओं को स्वतंत्र रूप से अंजाम दे सकें। इस बहुचर्चित अधिसूचना का हवाला देते हुए एमपीएसडीसी के रजिस्ट्रार डॉ. अमित रावत ने यहां संवाददाताओं से कहा, "हम चाहते हैं कि राज्य में पंजीकृत 10,088 दंत चिकित्सकों को ब्रिज कोर्स के जरिये विशेष प्रशिक्षण देकर शुरूआत में उन्हें सर्दी, खांसी और बुखार जैसे सामान्य रोगों के उपचार की अनुमति प्रदान की जाए। बाद में जरूरत पड़ने पर उनकी सेवाओं का दायरा बढ़ाया जा सकता है।" उन्होंने कहा कि अगर सरकार दंत चिकित्सकों को यह अनुमति देती है, तो वे खासकर ग्रामीण क्षेत्रों में अपनी सेवाएं दे सकते हैं जहां प्रशिक्षित डॉक्टरों की भारी कमी है। रावत ने कहा कि कोविड-19 के जारी प्रकोप से निपटने में राज्य सरकार ने दंत चिकित्सकों की भी सेवाएं ली हैं और "वे काबिलियत के पैमानों पर अपना लोहा मनवा चुके हैं।"

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