ऐपशहर

मप्र सरकार ने व्यापमं घोटाले के व्हिसलब्लोअर नेत्र रोग विशेषज्ञ को किया निलंबित, पुलिस हिरासत में

भोपाल, आठ अप्रैल (भाषा) मध्यप्रदेश पुलिस ने व्यापमं घोटाले के व्हिसलब्लोअर शासकीय नेत्र रोग विशेषज्ञ डॉ. आनंद राय को मुख्यमंत्री सचिवालय के एक अधिकारी की शिकायत पर शुक्रवार तड़के दिल्ली से गिरफ्तार कर यहां एक अदालत में पेश किया, जहां से उसे एक दिन की पुलिस हिरासत में भेज दिया गया है। मामले को गंभीरता से लेते हुए मध्यप्रदेश सरकार ने डॉ. राय को चिकित्सा अधिकारी के पद से निलंबित कर दिया है। निलंबन आदेश में कहा गया है, ‘‘ इंदौर स्थित हुकुमचंद चिकित्सालय के चिकित्सा अधिकारी (पीजीएमओ नेत्ररोग) डॉ आनंद राय मध्यप्रदेश सेवा

भाषा 8 Apr 2022, 10:35 pm
भोपाल, आठ अप्रैल (भाषा) मध्यप्रदेश पुलिस ने व्यापमं घोटाले के व्हिसलब्लोअर शासकीय नेत्र रोग विशेषज्ञ डॉ. आनंद राय को मुख्यमंत्री सचिवालय के एक अधिकारी की शिकायत पर शुक्रवार तड़के दिल्ली से गिरफ्तार कर यहां एक अदालत में पेश किया, जहां से उसे एक दिन की पुलिस हिरासत में भेज दिया गया है।

मामले को गंभीरता से लेते हुए मध्यप्रदेश सरकार ने डॉ. राय को चिकित्सा अधिकारी के पद से निलंबित कर दिया है।

निलंबन आदेश में कहा गया है, ‘‘ इंदौर स्थित हुकुमचंद चिकित्सालय के चिकित्सा अधिकारी (पीजीएमओ नेत्ररोग) डॉ आनंद राय मध्यप्रदेश सेवा (वर्गीकरण, नियंत्रण तथा अपील) नियम 1966 के नियम 9 (1) के अंतर्गत तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है। निलंबन के दौरान उनका मुख्यालय क्षेत्रीय संचालक, स्वास्थ्य सेवाएं, रीवा संभाग, रीवा किया गया है।’’

इसमें कहा गया है कि डॉ. राय ने अपने दायित्वों के प्रति घोर लापरवाही बरती तथा मध्यप्रदेश सिविल सेवा आचरण संहिता के विभिन्न प्रावधानों के विरूद्ध कृत्य करते हुए उन्होंने स्वयं को कदाचार का भागी बनाया है।

भोपाल पुलिस की अपराध शाखा के सहायक पुलिस आयुक्त शिवपाल सिंह कुशवाहा ने ‘पीटीआई-भाषा’ को बताया, ‘‘राय को बृहस्पतिवार आधी रात के तुरंत बाद दिल्ली से गिरफ्तार किया गया और बाद में वहां से भोपाल लाया गया।’’

उन्होंने कहा, ‘‘इसके बाद राय को शुक्रवार को भोपाल में एक अदालत में पेश किया गया, जिसने उसे एक दिन के लिए पुलिस रिमांड में भेज दिया है।’’

मुख्यमंत्री सचिवालय के उप सचिव लक्ष्मण सिंह मरकाम ने 25 मार्च को आयोजित मध्यप्रदेश शिक्षक पात्रता परीक्षा (टीईटी)-2022 का एक प्रश्नपत्र कथित रूप से लीक होने के विवाद में उनका नाम घसीटने की कोशिश करने का आरोप लगाते हुए राय और प्रदेश कांग्रेस के मुख्य प्रवक्ता के. के. मिश्रा के खिलाफ पिछले महीने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई थी।

उक्त परीक्षा मध्यप्रदेश कर्मचारी चयन बोर्ड द्वारा आयोजित की गई थी, जिसे पहले व्यावसायिक परीक्षा मंडल (व्यापमं) के रूप में जाना जाता था। लीक हुए प्रश्न-सह-उत्तरपुस्तिका का एक कथित स्क्रीनशॉट सोशल मीडिया पर वायरल हुआ था, जिसमें किसी लक्ष्मण सिंह का नाम लिखा हुआ देखा जा सकता था।

भोपाल पुलिस की अपराध शाखा के सहायक पुलिस आयुक्त शिवपाल सिंह कुशवाहा ने ‘पीटीआई-भाषा’ को बताया, ‘‘राय को बृहस्पतिवार आधी रात के तुरंत बाद दिल्ली से गिरफ्तार किया गया है।’’ उन्होंने बताया कि राय को भोपाल लाया जा रहा है।

राय के करीबी सूत्रों ने बताया कि मध्यप्रदेश उच्च न्यायालय ने राय द्वारा उनके खिलाफ दर्ज प्राथमिकी रद्द करने का अनुरोध करने वाली याचिका बृहस्पतिवार को खारिज कर दी। राय अदालत के इस फैसले को उच्चतम न्यायालय में चुनौती देने के उद्देश्य से दिल्ली गए थे।

अपनी शिकायत में मरकाम ने राय और मिश्रा पर उनकी (मरकाम) छवि खराब करने का आरोप लगाया है।

मध्यप्रदेश के विभिन्न विभागों में भर्तियों और व्यावसायिक पाठ्यक्रमों में दाखिले के लिए होने वाली परीक्षाओं में धांधली को लेकर व्यापमं सुर्खियों में रहा है। व्यापमं में घोटाला 2011 में सामने आया था। सीबीआई ने 2015 में उच्चतम न्यायालय के आदेश के बाद इस भर्ती और प्रवेश घोटाले की जांच अपने हाथ में ले ली थी।

अगला लेख

Stateकी ताजा खबरें, ब्रेकिंग न्यूज, अनकही और सच्ची कहानियां, सिर्फ खबरें नहीं उसका विश्लेषण भी। इन सब की जानकारी, सबसे पहले और सबसे सटीक हिंदी में देश के सबसे लोकप्रिय, सबसे भरोसेमंद Hindi Newsडिजिटल प्लेटफ़ॉर्म नवभारत टाइम्स पर
ट्रेंडिंग