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MP: कमलनाथ खेमे का दावा- अब भी बहुमत है साथ, नाराज विधायकों को मनाने जाएंगे 3 दूत

पीसी शर्मा ने पत्रकारों से बातचीत में कहा कि कांग्रेस के विधायकों को बरगलाया गया। स्पीकर को जो इस्तीफा पत्र सौंपा गया है वह दबाव में लिखवाया गया है। शोभा ओझा ने कहा कि विधायकों को कहा गया था ज्योतिरादित्य सिंधिया को राज्यसभा चुनाव का टिकट दिलाना है इसलिए आपलोग उनके समर्थन में हस्ताक्षर कीजिए। इसी बहाने से कराए हस्ताक्षर के कागज को विधायकों के इस्तीफे के रूप में पेश किया गया है।

नवभारतटाइम्स.कॉम 10 Mar 2020, 11:00 pm

हाइलाइट्स

  • सीएम कमलनाथ ने कांग्रेस विधायकों के साथ बैठक की
  • बैठक में 94 से ज्यादा विधायकों के पहुंचने की कही जा रही बात
  • कमलनाथ खेमे का कहना है कि उनके पास अभी भी है बहुमत
  • नाराज विधायकों को मनाने के लिए सज्जन सिंह वर्मा समेत 3 मंत्री कर्नाटक जाएंगे
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भोपाल
मध्य प्रदेश की राजनीति में ज्योतिरादित्य की चाल के सामने कमलनाथ झुकने को तैयार नहीं हैं। मंगलवार शाम को भोपाल में दो बड़ी घटनाएं हुईं। पहले मध्य प्रदेश में नेता प्रतिपक्ष गोपाल भार्गव और नरोत्तम मिश्रा विधानसभा अध्यक्ष एनपी प्रजापति के आवास पर पहुंचे। यहां उन्होंने कांग्रेस से इस्तीफा देने वाले 19 विधायकों की लिस्ट विधानसभा अध्यक्ष को सौंपी। इसके तुरंत बाद मुख्यमंत्री कमलनाथ ने कांग्रेस विधायकों की बैठक बुलाई। बैठक के बाद कांग्रेस नेता पीसी शर्मा और शोभा ओझा ने दावा किया कि कमलनाथ की सरकार के पास बहुमत है।
सूत्रों के हवाले से यह भी खबर है कि कमलनाथ नाराज विधायकों की घर वापसी की कोशिश करेंगे। कर्नाटक में मौजूद नाराज विधायकों को मनाने के लिए कमलनाथ सज्जन सिंह वर्मा और गोविंद सिंह समेत तीन लोग को कर्नाटक भेज रहे हैं। बताया जा रहा है कि तीसरा दूत कोई गैर राजनीतिक होगा। पीसी शर्मा ने पत्रकारों से बातचीत में कहा कि कांग्रेस के विधायकों को बरगलाया गया। स्पीकर को जो इस्तीफा पत्र सौंपा गया है वह दबाव में लिखवाया गया है।

LIVE: विधायकों को मनाएंगे कमलनाथ के 3 दूत

राज्यसभा के लिए समर्थन को हस्ताक्षर लिए गए पर...
शोभा ओझा ने कहा कि विधायकों को कहा गया था कि ज्योतिरादित्य सिंधिया को राज्यसभा का टिकट दिलाना है इसलिए आपलोग उनके समर्थन में हस्ताक्षर कीजिए। इसी बहाने से कराए हस्ताक्षर के कागज को विधायकों के इस्तीफे के रूप में पेश किया गया है।

पढ़ें, सिंधिया की 'घर वापसी', बुआ बोलीं- मिटा फासला

आज 94 विधायक बैठक में पहुंचे
शोभा ओझा ने दावा करते हुए कहा कि कमलनाथ की सरकार पूरी तरह सेफ है। विधानसभा में फ्लोर टेस्ट के दौरान कांग्रेस विधायक कमलनाथ सरकार के समर्थन में ही वोट करेंगे। इस बैठक में हिस्सा लेकर बाहर निकले कई विधायकों ने कहा कि मुख्यमंत्री कमलनाथ की ओर से बुलाई गई आज की बैठक में 94 विधायक पहुंचे थे।


शोभा ने कहा कि सीएम कमलनाथ ने सभी विधायकों से कहा है कि वे निर्भीक रहें और विधानसभा में फ्लोर टेस्ट के दौरान एकजुट होकर वोट करें। कमलनाथ ने साफ कर दिया है कि कांग्रेस के विधायकों को कहीं भी एकत्र करके नहीं रखा जाएगा। उन्होंने कहा कि जबतक कोई विधायक खुद से इस्तीफा पत्र लिखकर स्पीकर को नहीं सौंपता है तब तक उसे नहीं माना जाएगा। इस बैठक में सर्वसम्मति से प्रस्ताव पारित किया गया।

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उधर, 19 विधायकों का इस्तीफा पत्र मिलने के बाद विधानसभा के स्पीकर एनपी प्रजापति ने कहा है कि वह विधानसभा के नियमों के अनुकूल ही कोई फैसला लेंगे। सूत्रों ने बताया कि सिंधिया 12 मार्च को अपने समर्थकों एवं कांग्रेस के कई विधायकों के साथ बीजेपी का दामन थाम सकते हैं। सूत्रों ने यह भी बताया कि बीजेपी में शामिल होने से पहले सिंधिया ग्वालियर में अपने समर्थकों को संबोधित कर सकते हैं।

ये है विधानसभा का अंकगणित
मध्यप्रदेश विधानसभा में 230 सीटें हैं, जिनमें से वर्तमान में दो खाली हैं। इस प्रकार वर्तमान में प्रदेश में कुल 228 विधायक हैं, जिनमें से 114 कांग्रेस, 107 बीजेपी, चार निर्दलीय, दो बहुजन समाज पार्टी एवं एक समाजवादी पार्टी का विधायक शामिल हैं। कमलनाथ के नेतृत्व वाली मध्यप्रदेश की कांग्रेस सरकार को इन चारों निर्दलीय विधायकों के साथ-साथ बसपा और सपा का समर्थन है। 22 विधायकों के इस्तीफे के बाद कांग्रेस की संख्या 92 हो जाएगी। वहीं इस्तीफा देने वाले विधायकों की सस्यता जाने पर बहुमत का नंबर 104 हो जाएगा। वहीं बीजेपी के पास 107 विधायक हैं।

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