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कोरोना: 'इम्तिहां है देश का', लॉकडाउन फिर भी बाहर...राहत इंदौरी ने भेजा मेसेज

चर्चित शायर राहत इंदौरी ने ऐलान किया है कि यदि कोरोना वायरस से संक्रमित लोगों की संख्या में इजाफा होता है तो उनके मकान के कमरों को बतौर आइसोलेशन वॉर्ड इस्तेमाल किया जा सकता है। इसके साथ ही राहत इंदौरी ने....

हिमांशु तिवारी | नवभारतटाइम्स.कॉम 26 Mar 2020, 10:49 am

हाइलाइट्स

  • कोरोना वायरस के बढ़ते मामलों के बीच राहत इंदौरी ने भी बढ़ाया मदद का हाथ
  • राहत इंदौरी ने कहा, आइसोलेट करने के लिए अलग कमरों की जरूरत हो तो मेरा मकान हाजिर
  • लोगों को 21 दिनों के लॉकडाउन के दौरान घरों में बने रहने के लिए जागरूक करने में भी जुटे
  • पीएम मोदी और मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान को टैग करते हुए राहत ने किया ट्वीट
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इंदौर
कोरोना वायरस के संक्रमण से बचने और बचाने के लिए हर शख्स अपनी जिम्मेदारी निभाने में जुटा है। उधर, देश-दुनिया के चर्चित शायरों में शुमार राहत इंदौरी ने भी मदद के लिए हाथ आगे बढ़ाया है। राहत इंदौरी ने ट्वीट किया है कि खुदा ना करे, मुल्क (देश) में कोरोना वायरस के मरीजों की संख्या ज्यादा हो लेकिन अगर हो जाए और इंदौर के मरीजों को आइसोलेट करने के लिए अलग कमरों की जरूरत हो तो मेरा मकान हाजिर है। रब हम सबकी इस वबा से हिफाजत करे। यही नहीं, राहत लगातार लोगों को 21 दिनों के लॉकडाउन के दौरान घरों में बने रहने के लिए जागरूक करने में भी जुटे हैं।
मैं 50-60 साल से पैरों से जमीन नाप रहा हूं। कुछ इस तरह से मेंरी जिंदगी गुजरी है। मैं चार-पांच दिन से मैं अपने घर में कैद हूं। मैंने अपने घर का मेन गेट नहीं देखा।
राहत इंदौरी, शायर
चर्चित शायर राहत इंदौरी ने अपने घर को आइसोलेशन वॉर्ड में तब्दील करने वाले ट्वीट में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान को ट्वीट भी किया है। एनबीटी ऑनलाइन ने राहत इंदौरी से बात की।

पढ़ें: कोरोना: कहां, कितने मरीज, देखिए पूरी लिस्ट


'पढ़े-लिखों को अनपढ़ सा समझाना दुख की बात'
अभी भी लोग घरों से बाहर निकल रहे हैं। इस पर नाराजगी जाहिर करते हुए राहत इंदौरी ने कहा, 'इस कहर की चपेट में पूरी दुनिया है। मैं पढ़े-लिखे लोगो से कैसे समझाऊं। इसे खुद समझने की जरूरत है। मैं 50-60 साल से पैरों से जमीन नाप रहा हूं। कुछ इस तरह से मेंरी जिंदगी गुजरी है। हालांकि, मैं चार-पांच दिन से मैं अपने घर में कैद हूं। मैंने अपने घर का मेन गेट नहीं देखा। यह तो वही बात है कि हम बाहर जाकर उस कहर को अपने घर लाने की कोशिश कर रहे हैं। पढ़े- लिखे लोगों को अगर अनपढ़ की तरह से समझाया जाता है तो यह दुख और अफसोस की बात होगी। अपनी, अपने परिवार की, अपने शहर की, अपने मुल्क की हिफाजत के लिए जरूरी है कि हम बाहर न निकलें।'

पढ़ें: 'होम आइसोलेशन' की नसीहत, पीटकर मर्डर

राहत ने 21 दिनों के लॉकडाउन को लेकर लिखा है:

घर की दीवारों में हम बतियाएंगे 21 दिन

शहर में सन्नाटे पर फैलाएंगे 21 दिन

नाविलें, किस्से, कहानी, टीवी, खबरें, सीरियल
एक-एक कर के अभी उड़ जाएंगे 21 दिन

लॉन में रखे हुए गमले पे तुम रखना नजर
फूल बनकर रोज खिलते जाएंगे 21 दिन

इम्तिहां है देश और इंसानियत का इम्तिहां
देखना दो रोज में कट जाएंगे 21 दिन

अपने घर में हम इन्हें रखेंगे मेहमां की तरह
कुछ दिनों में हमसे घुल मिल जाएंगे 21 दिन

उन गरीबों का भी रखना है हमें पूरा ख्याल
जिनको है ये फिक्र के क्या खाएंगे 21 दिन...

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