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बीजेपी में आकर साफ हो गए सिंधिया? शिवराज चौहान ने दिया यह जवाब

ज्योतिरादित्य सिंधिया (Jyotiradiya scindia in bjp) बीजेपी में शामिल हो गए हैं। अभी भी उन्हें लेकर कई तरह की चर्चाएं होती हैं। सीएम शिवराज सिंह चौहान (cm shivraj singh chauhan interview) ने पहली बार इस मुद्दे पर खुलकर बात की है। साथ ही उन्होंने कहा कि कांग्रेस की सरकार (congress government in mp) अपनी गलती से गिरी है।

टाइम्स न्यूज नेटवर्क 3 May 2020, 10:29 am

हाइलाइट्स

हाइलाइट्स
  • ज्योतिरादित्य सिंधिया ने बीजेपी की विचारधारा को स्वीकारा: शिवराज
  • सिंधिया के बीजेपी में आने के बाद पहली बार खुलकर बोले शिवराज
  • कांग्रेस अपने साथियों को एकजुट नहीं रख पाई: शिवराज
  • कांग्रेस ने प्रदेश को तबाही के गर्त में धकेला: शिवराज
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भोपाल।
ज्योतिरादित्य सिंधिया जब कांग्रेस में थे, तो बीजेपी उनके ऊपर आक्रमक रहती थी। सीएम शिवराज सिंह चौहान भी सिंधिया के खिलाफ खूब हमला करते थे। सिंधिया बीजेपी में शामिल होने के बाद जब भोपाल लौटे तो शिवराज ने उनका स्वागत किया। साथ ही कहा कि शिवराज और महाराज एक साथ काम करेंगे। सिंधिया के बीजेपी में शामिल होने के बाद शिवराज ने हमारे सहयोगी चैनल टाइम्स नाऊ को दिए एक्सक्लूसिव इंटरव्यू में खुलकर बात की है।

चुनावों में बीजेपी ने सिंधिया के ऊपर खूब हमले किए थे। विधानसभा चुनावों के दौरान एक स्लोगन काफी मशहूर हुआ था कि रहने दो महाराज, आ रहे शिवराज। साथ ही राजघराने की सियासत को लेकर भी बीजेपी सिंधिया को घेरती रही है। ऐसे में सवाल है कि क्या अब बीजेपी में आकर सिंधिया साफ हो गए। सीएम शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि उन्होंने कोई पाप तो किया नहीं है, कौन सा पाप किया जो यहां धुलेगा।

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हम करते थे आलोचना
शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि वो कांग्रेस में थे इसलिए आलोचना करते थे। उनकी नीतियों और कामों की आलोचना हम करते थे। अब वो कांग्रेस को छोड़ बीजेपी को स्वीकार किया है। बीजेपी ने उनका स्वागत किया है। हम उनकी शख्सियत का लाभ भी उठाएंगे। वह अच्छे राजनेता है। राजमाता सिंधिया जी भारतीय जनसंघ को पुष्पित और पल्लवित करने वाली नेता थी। ज्योतिरादित्य सिंधिया कांग्रेस में थे, इसलिए हम विरोध करते थे। सीएम ने कहा कि वह चुनाव लड़ते थे तो हम विरोध करते थे।


सीएम शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि पार्टी और विचारधारा का अंतर हमारे बीच में था। वो मतभेद थे। लेकिन भारतीय जनता पार्टी में वो आए हैं और हमारी पार्टी की विचारधारा को स्वीकार किया है। हम सभी लोग साथ मिलकर काम कर रहे हैं। हम लोग काम के मामले में एक अलग इतिहास बनाएंगे। विधायकों ने भी कांग्रेस से इस्तीफा देकर बीजेपी की सदस्यता ग्रहण की है।

बीजेपी विधायक तोड़ने में लगी थी?
कोरोना काल के बीच एमपी में सियासी ड्रामा चल रहा था। इस सवाल पर शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि हमें अगर कोई खेल खेलना होता तो कांग्रेस की ये सरकार बनती ही नहीं। 12 दिसंबर 2018 को भोर में चुनाव परिणाम आएं। हमारी 109 और कांग्रेस के पास 104 सीट थी, बहुमत दोनों के पास नहीं। निर्दलीय लोग हमारे साथ आने को तैयार थे। वोट ज्यादा हमें मिले थे, सिर्फ विधायकों की संख्या में हम थोड़े पीछे थे। हम चाहते तो उसी दिन सरकार बना सकते थे। लेकिन हमने यह तय किया कि बड़ी पार्टी को पहले सरकार बनाने के लिए मौका मिलना चाहिए।


कांग्रेस अपने साथियों को एकजुट नहीं रख पाई
शिवराज ने कहा कि हमने सरकार बनाने का मौका तो दिया लेकिन कांग्रेस अपने साथियों को एकजुट नहीं रख पाई। उन लोगों ने प्रदेश को तबाही के गर्त में धकेल दिया। चारों तरफ प्रदेश में हाहाकार मच गया, कांग्रेस के मित्रों ने प्रदेश में सरकार गिरा दी, तो इसमें बीजेपी का दोष क्या। विधायक बच्चे नहीं होते कि कोई उन्हें पकड़कर ले जाएगा। वो सोच समझकर ही जाएंगे। 22 विधायकों का इस्तीफा देना कोई साधारण बात नहीं है। उनलोगों ने अपने करियर को दांव पर लगाया है।

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